OTT प्लेटफाॅर्म का कंटेंट और उनका नंगा प्रदर्शन

1 min


कहते हैं जब कहीं आग लगी होती है तब कुछ लोग उससे फायदा लेने की कोशिश से भी बाज़ नहीं आते। आज जब पूरा देश ‘लाॅकडाउन’ से घिरा हुआ है, एक वर्ग ऐसा भी है जो इस पाबंदी में भी भरपूर फल फूल रहा है। यह वर्ग है तेजी से भारत में पैर पसारे OTT (Over the top) प्लेटफाॅर्म के प्रस्तुतकर्ताओं का! जी हां, हम मोबाइल और कम्प्यूटर पर छिप छुपा कर देखे जाने वाले वीडियो कार्यक्रमों की ही बात कर रहे हैं। बताने की जरूरत नहीं है कि आज का युवा OTT की सीरीज से अच्छी तरह वाकिफ है। जिसे गांवों के बच्चे भी NETFLIX, ALT BALAJI, AMAZON के कार्यक्रमों के रूप में जानते हैं और उन्हे खूब देख रहे हैं।

OTT प्लेटफाॅर्म के प्रोग्राम भारत में तेजी से विकसित नई टेक्नोलॉजी का जीता जागता सबूत है। इन कार्यक्रमों को सेंसर नहीं किया जाता, मनमाना विषय (सेक्स, राजनीति, धर्म, रिश्तों का तार-तार उधेड़ना) ही इनकी खासियत है। मजे की बात है कि इनके निर्माण में बाॅलीवुड की बड़ी-बड़ी कंपनियां जुड़ गई हैं और इनमें बड़े बड़े सितारे भी काम कर रहे हैं। नैतिकता की दुहाई देने वाले माता-पिता टीनेज तथा युवा बच्चों के इस आकर्षण से हतप्रभ हैं और आश्चर्य नहीं कि कल को मैच्योर जमात भी OTT की दीवानगी से दूर नहीं रह पाए। इस मनोरंजन के नये प्लेटफाॅर्म पर प्रसारित कार्यक्रमों के लिए किसी ब्राॅडकास्टर, केबल ऑपरेटर या चैनल की जरूरत नहीं पड़ती। हमारे देश में Website और App के जरिए ये प्रोग्राम किराए के बेस पर चलाये जा रहे हैं और इन कंपनियों के मूल मालिक विदेशी हैं। जो कंपनियां बहुत पाॅपुलर हो रही हैं वे हैं – VOOT, Alt Balaji, Big Flix, Amazon Prime Video, Viu, Sony LIV, Eros Now, ZEE 5 आदि। और, इन प्लेटफाॅर्मों के कुछ चर्चित कार्यक्रम हैं- ‘मिर्जापुर’, ‘लैला’, ‘सेक्रेड गेम्स’, ‘कोटा फैक्ट्री’, ‘डर्टी गेम’, ‘क्रिमिनल जस्टिस’, ‘मेड इन हैवेन’, ‘पुष्पावली’, ‘बार्ड ऑफ ब्लड’, ‘द ऑफिस’, ‘होस्टेजेस’, ‘देल्ही क्राइम’, ‘लस्ट स्टोरीज-, SHE, ‘मस्का’… वगैरह वगैरह। इन कार्यक्रमों के निर्माताओं में शाहरुख खान तक का नाम (‘बार्ड ऑफ ब्लड’) शामिल है। करण जौहर, अनुराग कश्यप, जोया अख्तर, दिवाकर बैनर्जी जैसे मेकर उनके निर्माण-निर्देशन से जुड़े हैं। सैफ अली खान, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, हुमा कुरैशी, रसिका दुग्गल, आरिफ ज़कारिया जैसे सितारे OTT के इन कार्यक्रमों को प्रचारित करने में काफी योगदान दे चुके हैं। आजकल सभी सितारे OTT प्लेटफाॅर्म की सीरीज़ में काम कर रहे हैं या करने वाले हैं।

पिछले दिनों सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इन निर्माताओं से मुलाकात की और उन्हे निर्देश दिया है कि वे जो भी कार्यक्रम बना रहे हैं उनमें भारत की सभ्यता-संस्कृति का अनुसारण किया जाए तथा सेल्फ सेंसर करने की प्रतिक्रिया का मानदंड माना जाए। मंत्री जी ने 100 दिन का समय इन कंपनियों को दिया था और उनके लिए DCCC (डिजिटल कंटेंट कम्पलेन्ट काउंसिल) के बनाये नियम का पालन करने के लिए कहा है। NETFLIX और AMAZON PRIME जैसी कंपनियों ने अपनी स्वीकृति भी दी थी कि वे वैसा करने के लिए अपने मुख्यालय से चर्चा करेंगे। उस मीटिंग में पेश किए गए एजेंडे को दिए हुए तीन महीने बीत चुके हैं मगर कुछ नहीं हुआ। भारत में पूर्ण लाॅकडाऊन है। अनसेन्सर्ड प्रोग्राम और जातीय-विद्वेष के कार्यक्रमों की बाढ़ है। नग्नता का प्रदर्शन चरम पर है। IAMA (इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन) की योजनाएं अनसुनी होकर रह गई हैं। जरूरत है इस ओपन प्लेटफाॅर्म पर शीघ्र लाॅकबंदी किए जाने की।

SHARE

Mayapuri