धर्मेंद्र जी कुछ ख्वाब ऐसे भी हैं जो अब कभी पूरे न हो सकेंगे

1 min


Dharmendra desires which will never get fulfilled

धर्मेंद्र ने हमेशा कहा है कि उन्होंने उनसे कहीं अधिक प्राप्त किया है, जिसकी उन्होंने अपेक्षा की थी लेकिन उनके लिए सबसे बड़ा अफसोस है कि वह जिस अभिनेता (दिलीप कुमार) की पूजा करते हैं, वह उनके साथ काम नहीं कर पाए, जिसके कारण उन्होंने अभिनेता बनने का फैसला किया और मुंबई आए थे, उनके आइडल के साथ उनका काम करने का सपना लगभग सच हो गया जब बी.आर चोपड़ा ने दिलीप कुमार को चाणक्य और धर्मेंद्र को चंद्रगुप्त के रूप में लिया, पोशाक, मेकअप और प्रचार पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन फिल्म फ्लोर पर नहीं गई और धर्मेंद्र सबसे निराश व्यक्ति थे, वह अब निराश महसूस करते है जब उन्हें पता है कि वह दिलीप कुमार के साथ कभी काम नहीं कर पाएगेDharmendra desires which will never get fulfilled

एक वक़्त था जब धर्मेंद्र देवदास बनने के लिए बस तैयार हो ही चुके थे

धर्मेंद्र को शरत चंद्र चटर्जी क्लासिक के गुलजार के वर्शन में देवदास का किरदार निभाना था, शर्मीला टैगोर को पारो के रूप में और हेमा मालिनी को चंद्रमुखी के रूप में कास्ट किया गया था। फिल्म का निर्माण प्रेम चोपड़ा के छोटे भाई कैलाश चोपड़ा कर रहे थे और आर.डी.बर्मन द्वारा संगीत दिया गया था, इसे शुरू किया गया था और तीन बार स्क्रेप किया गया और फिर इसे छोड़ दिया जाना और धर्मेंद्र ने अपनी सबसे चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाने का मौका भी खो दिया था, फिल्म का शॉक इतना बुरा था कि निर्माता की बड़े पैमाने पर दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई थी

धर्मेंद्र को ‘डागदर बाबू’ में जया भादुड़ी के साथ कास्ट किया गया था, जो विवादास्पद हिंदी लेखक फणीश्वर नाथ रेणु के एक लोकप्रिय उपन्यास पर आधारित थी और जिसका निर्देशन ‘देवदास’ और ‘मधुमती’ जैसी बिमल रॉय की फिल्मों के लेखक नबेंदु घोष द्वारा किया गया था, लेकिन यह फिल्म भी फाइनेंसियल प्रॉब्लम के कारण लॉन्चिंग चरण से आगे नहीं बढ़ सकी

धर्मेंद्र को साई परांजपे की ‘बिच्छू’ में शबाना आजमी के प्रमुख किरदार के रूप में भी कास्ट किया गया था, जिसे बासु भट्टाचार्य द्वारा निर्मित किया जाना था, लेकिन सी रॉक होटल में एक भव्य पार्टी के साथ फिल्म लॉन्च होने के तुरंत बाद कई समस्याएं आई थीं और फिल्म को बंद कर दिया गया था.

उन्होंने पार्टी के वादों को पूरा करने के लिए अपनी जेब से लाखों लगा दिए थे

धर्मेंद्र कभी भी राजनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे, लेकिन कहते हैं कि यह ऐसी परिस्थिति थी जिसने उन्हें भाजपा के टिकट पर राजस्थान के बीकानेर से चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया, जिसे उन्होंने जीत भी लिया था, लेकिन अब वह कहते हैं कि यह बहुत बुरा अनुभव था और पार्टी द्वारा किए गए वादों को पूरा करने के लिए उन्हें अपने स्वयं के भी कई लाख रुपये खर्च करने पड़े थे। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी, हेमा या सनी के राजनीति में एक्टिव होने के बारे में उनके पास कोई राय नहीं है, लेकिन वह कहते हैं, ‘नो पॉलिटिक्स फॉर मी अगेन’।

Dharmendra desires which will never get fulfilledवह देओल परिवार का मुखिया बनकर बहुत खुश है जिसका नेतृत्व उनके पिता ने किया था जो एक साधारण स्कूल के हेड मास्टर थे, वह इस बात से भी खुश हैं कि उन्हें अपनी दोनों पत्नियों, अपने बच्चों सनी, बॉबी, ईशा, अहाना और पोते-पोती के होने के बावजूद किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा है।

इन दिनों, वह अपना अधिकांश समय खंडाला में अपने खेत में काम करने और जब भी प्रेरित होते है, कविता लिखने में बिताते हैं। वह अभी भी उन फिल्मों में अभिनय करने के लिए तैयार है, जो उन्हें आकर्षित करती हैं, लेकिन, आजकल अच्छी फिल्में कौन और कहा बनता है, और अच्छी शायरी भी कहा होती है? अभी-अभी अनिल शर्मा के साथ ‘अपने 2’ अनांऊस की है!

अनु-छवि शर्मा


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये