मायापुरी से खास मुलाकात की, मशहूर इटालियन सात आॅपेरा ग्रेमी अवाॅर्ड विनर जियोकोंडा वेसिचेली

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भारतीय कला और संस्कृति से सिर्फ हाॅलीवुड के कलाकार ही प्रभावित नहीं है बल्कि विदेशी गायिकाएं भी खिंचे चले आ रहे हैं यहां, अब देखिए ना, इटली की मशहूर आॅपेरा गायिका जियोकोंडा वेसिचेली इन दिनों मुंबई में अपनी मधुर आवाज के साथ अपने करियर का एक भारतीय एंगल स्थापित करने यहां आई हुई है। इन दिनों सुपर राॅक गायक मीका सिंह और रैपर गायक कुंवर विर्क के साथ उनका एक एलबम ‘थोड़ी दारू’ बहुत चर्चा में है। पिछले वर्ष फिल्म ‘प्राग’ के आॅपेरा में दर्शकों ने जियोकोंडा की आवाज सुनी है ‘टच आॅपेरा’ वाले गीत में। फिल्म के इटेलियन वर्शन में भी उन्होंने सलीम सुलेमान के संगीत निर्देशन में चार गाने गाये थे, अब तक उन्होंने अंग्रेजी, फ्रेन्च,, जर्मन बुल्गेरियन, स्पैनिश, इटालियन, रूसी, अल्वेनियम भाषाओं में दुनियाभर में गा चुकी है, अब भारत में आकर पहली बार हिन्दी गाने गा रही है, ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी चोटी की इटेलियन आॅपेरा गायिका ने पंजाबी हिन्दी एलबम के लिए गाना गाया। मेरी मुलाकात इस इटेलियन आॅपेरा स्टार सिंगर से राजीव कश्यप ने उनसे मिलने पर पूछना शुरू किया, ‘‘मीका सिंह जी के साथ हिन्दी पंजाबी का यह एलबम ‘थोड़ी दारू’ कैसे बनी?’’ इस पर जियो ने बताना शुरू किया, ‘‘मेरी मुलाकात मीका से एक पार्टी में हुई थी, मीका ने बातों बातों में मुझसे पूछा क्यों नहीं हम साथ काम करें?’’ मैंने भी तपाक से जवाब दिया, ‘‘बिल्कुल करते हैं।’’ दोनों ने एक वीडियो ‘बाॅटम्स अप’ में भी काम किया, जियोकोंडा बोली, ‘‘मैं भारतीय शास्त्रीय, फाॅक और बाॅलीवुड स्टाइल संगीत की सदा से प्रशंसक रही हूं लेकिन पंजाबी, हिन्दी गीत को आॅपेरा के साथ मिक्स करना एक अद्भुत अनुभव था। नवंबर तक यह एलबम रिलीज़ होगा।’’

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आप अपने बारे में मायापुरी के पाठकों को कुछ बताईये?

आपके माध्यम से मैं भारत की लोकप्रिय हिन्दी फिल्म वीकली मायापुरी के पाठकों से मुखातिब हो रही हूं, नमस्कार…मैं जीओकोंडा वेसिचेली एक इटालियन आॅपेरा सिंगर हूं, मैंने सात बार आॅपेरा ग्रैमी अवाॅर्ड जीते हैं, मैं वाॅलीवू आॅपेरा स्टाइल की फाउन्डर तथा पायोनीयर हूँ जो कि आॅपेरा तथा इंडियन म्यूजिक फ्यूज़न को पहली बार प्रस्तुत कर रहा है, मैंने मशहूर संगीत विशेषज्ञ श्री जाकिर हुसैन नीलाद्री कुमार जी, लूइज़ बैंक तथा कई और संगीत महारथियों के साथ फ्यूज़न वाला क्लासिकल हिन्दी संगीत काॅन्सर्ट प्रस्तुत किया है। ‘‘मैंने आगे जीयोकोंडा से पूछना शुरू किया।’’

आपके गाने का स्टाइल, हमारे भारतीय संगीत से अलग है, तो आपको कैसा एक्सपीरियन्स हुआ?

मैं सिर्फ कला की खूबसूरती पर विश्वास करती हूँ अगर आप सही तर्ज पर गाती है और शुद्ध संगीतज्ञों के साथ काम करते हैं जिन्हें म्यूजिक तथा कला की 360 डिग्री जानकारी है तो आप कहीं भी, किसी भी स्टाइल के म्यूजिक में एकसार हो सकते हैं क्योंकि संगीत अपने आप में सतत, निरंतर बहने वाला है, वह फ्रोज़न नहीं है और संगीत अन्तरआत्मा से महसूस किया जाता है, वह किसी देश, सीमा या स्टाइल की मोहताज नहीं है, हम वही दे रहे हैं जो आज की दुनिया सुनना चाहती हैं, मैंने यह एहसास तथा अन्य गायन तकनीक से जुड़ी बातें अपनी संगीत गुरू लूसियानो पावारोट्टी से सीखा है। उन्हीें से मैंने आॅपेरा संगीत सीखा जिसकी वजह से युवा तथा वे लोग जिनके पास आॅपेरा काॅन्सर्ट देखने के टिकट के पैसे नहीं है, वे लोग भी आॅपेरा के बारे में जानने लगे हैं।

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आपने विश्व भर के ज्यादातर देशों में संगीत काॅन्सर्ट किया, भारतीय संगीत आपको अन्य देशों के संगीत से किसी प्रकार अलग महसूस हुआ?

भारतीय संगीत विश्व के अन्य संगीत से एकदम अलग जरूर है, लेकिन इतना मधुर और गहराई लिए हुए है जिसकी कोई सानी नहीं है, यही वजह है कि मैंने यहां तक कर अपने स्टाइल को भारतीय कलाकृति से मिक्स करके एक नये स्टाइल का ईजाद किया है, मैं जानती हूं कि भारत एक ऐसा देश है जहाँ आश्चर्य चकित करने वाला स्पीरिचुएल एनर्जी से भरे लोग है और भारतीय श्रोता ही आॅपेरा स्टाइल के संगीत की धड़कन को समझ सकते हैं और यह बात इसी से साबित होती है कि जब मैंने यहाँ आपेरा काॅन्सर्ट पेश किया तो भाषा ना समझ पाने के बावजूद, दर्शकों से खचाखच भरे हाॅल में सबने खड़े होकर तालियाँ बजायी, इससे मालूम पड़ता है कि उनके हृदय की भावनाओं ने पराकाष्ठा को छू लिया है मेरा संगीत और गायन कुछ ऐसा था जो माइक्रोफोन की मोहताज भी नहीं थी, कुछ ऐसा ही स्टैडिंग ओवेशन मुझे पिछले दिनों नेहरू सेन्टर के कन्सर्ट में मिला जहाँ मैं उच्चतम लेवल के संगीतज्ञों जैसे जाकिर हुसैन, निलाद्री कुमार, जीनो बैंक्स, हरिहरण के साथ परफाॅर्म कर रही थी।

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क्या आप अब भारत में रहकर अपना करियर फ्लरिश करना चाहती है?

जी हाँ, मैं तो पूरी जिन्दगी भारत में रहकर अपने करियर को एक नया आयाम देना चाहूंगी क्योंकि भारत भूमि बेहद आध्यात्मिक भूमि है, मुझे तो लगता है कि मैं पिछले जन्म में भारतीय लड़की थी, मुझे हिन्दुस्तान से प्यार है, यहाँ के संगीत, कला से प्यार है यहां के जादुई हवा से प्यार है, मैं भगवान गणेश (गणपति देव) को बहुत मानती हूं, उनकी मूर्ति हमारे घर में स्थापित है, गणपति देव ने ही मुझे भारत आने पर प्रेरित किया और फिर मैंने यहाँ आकर कई फिल्मों में काम किया जैसे ‘प्राग’, ‘मेरी काॅम’।

क्या आप बाॅलीवुड के लिए गाती रहेंगी, क्या आप बाॅलीवुड के संगीतकारों से मिलती रहती है?

जी हां मैं आगे भी बाॅलीवुड के लिए गाती रहूंगी, मेेरी मुलाकात कई बेहतरीन संगीत हस्तियों से हो चुकी है जैसे सलीम सुलेमान मीत ब्रदर्स, साजिद वाजिद लेसली लुइस, मीका सिंह। अब मैं जोश से भर गई हूं क्योंकि अब मैं आॅपेरा स्टाइल की एम्बेसेडर हो गई हूँ भारत में, मैं कभी भी किसी बात से घबराती नहीं हूं, शुद्ध कला में कैसा बन्धन। मैंने हमेशा वही किया जो मेरे दिल ने कहा और मेरी आवाज ने करने को कहा। इस वक्त मेरे पास कई अच्छे आॅफर्स है गाने के मैं उन पर विचार कर रही हूँ, मैं अपने नये पेशकशों से आप सबको चैंका दूंगी, थोड़ा इंतजार कीजिए, मैं संगीत के अन्य आयामों में भी आप सबको अचंभित करना चाहती हूं (जैसा कि इंटरनैशनल एकाडमी में परफाॅर्मिंग आर्ट इन यूरोप जहाँ मुझे दो ग्रेजुएशन्स तथा दो स्काॅलरशिप मिले, मैंने बतौर नर्तकी और एक्ट्रेस भी ट्रेनिंग ली है।

Mika Singh with Gioconda

आपको कभी किसी से प्रेम हुआ था?

जी हां, मैंने भी अपने देश में किसी से प्यार किया था, बस शादी होने ही वाली थी लेकिन फिर उनके साथ मैंने यह महसूस किया कि यह वह इंसान भी नहीं है और ना यह वह जिन्दगी है जिसके साथ मैं बाकी जीवन जीना चाहती हूं, मैं एक पिंजरे में बन्द नहीं होना चाहती थी। और फिर मैंने सब कुछ छोड़ दिया और वह मेरा कर्म था, मैं भारत आ गयी, मेरे आगे पीछे बहुत से हैंडसम युवा मद घूमते रहते हैं, पर अभी मैं अपनी संगीत साधना में लीन हूँ, कभी जब प्यार के लिए वक्त मिलेगा या कोई भारतीय राजकुमार सफेद घोड़े में मुझे अपने प्रेम पाश में बाँध कर ले जायेगा तो मैं जरूर खुश होऊंगी।

मीका सिंह के बारे में कुछ कहिये ?

मीका सिंह जैसे दिल के साफ, टैलेन्टेड, हंसमुख और प्यारे इंसान बहुत कम मिलते हैं, मेरे लिए तो जैसे वे ईश्वर के दूत बनकर आये, उनके साथ काम करके मुझे इतना आनन्द आया। अन्य बाॅलीवुड संगीत और गायन कलाकारों में जीयोकोंडा ने ए.आर. रहमान, सोनू निगम, आशा भोंसले की तारीफ की। जीयोकोंडा ने चैदह वर्ष की उम्र से आॅपेरा गाना शुरू किया, उनकी खोज की सैन्टा सेसिला रोम के म्यूजिक युनिवर्सिटी के प्रिन्सिपल ने जब कि वह एलिजोबल उम्र में नहीं थी। जीयोकोंडा का बाॅलीवुड में स्वागत है।


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Mayapuri

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