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सपना ठाकुर: महामारी के चलते मुझे अपने ही शहर में टूरिस्ट जैसा महसूस हुआ

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By Mayapuri Desk
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सपना ठाकुर: महामारी के चलते मुझे अपने ही शहर में टूरिस्ट जैसा महसूस हुआ

- क्यों रिश्तों में कट्टी बट्टी की सपना ठाकुर ने अपने शहर में बिताईं छुट्टियां

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ज़ी टीवी पर हाल ही में शुरू हुई दिल छू लेने वाली कहानी ‘क्यों रिश्तों में कट्टी बट्टी‘ में दो नन्हें बच्चों (ऋषि और रोली) की मासूम दुनिया दिखाई जा रही है, जो अपने पैरेंट्स के बीच खोया प्यार लौटाकर अपनी हैप्पी फैमिली पूरी करना चाहते हैं। दोनों मिलकर अपने पैरेंट्स - शुभ्रा (नेहा मार्दा) और कुलदीप (सिद्धांत वीर सूर्यवंशी) के बीच पैदा हुई दरार भरने के मिशन पर हैं।

सपना ठाकुर: महामारी के चलते मुझे अपने ही शहर में टूरिस्ट जैसा महसूस हुआ‘क्यों रिश्तों में कट्टी बट्टी‘ में पॉपुलर एक्ट्रेस सपना ठाकुर समायरा का ग्रे किरदार निभा रही हैं। वे भले ही नेगेटिव रोल कर रही हों, लेकिन यह एक्ट्रेस दिल की बहुत अच्छी हैं। हाल ही में वो अपने शहर चंडीगढ़ गई थीं, जहां उन्हें टूरिस्ट जैसा महसूस हुआ, क्योंकि महामारी के बाद वो पहली बार वहां पहुंची थीं।

सपना ठाकुर: महामारी के चलते मुझे अपने ही शहर में टूरिस्ट जैसा महसूस हुआअपनी छुट्टियों के बारे में बताते हुए सपना ने कहा, ‘‘कोविड के चलते मैं लगभग एक साल बाद अपने परिवार से मिली। जब आप किसी दूसरे शहर में अकेले रहते हों, तो अपने परिवार से मिलने और उनके साथ अच्छा वक्त गुजारने से बेहतर कुछ नहीं होता। अपने ही शहर में टूरिस्ट जैसा महसूस करके बहुत मजा आया, जहां मैंने एक बच्चे की तरह इस शहर को एक्सप्लोर किया। मैंने अपनी फैमिली के साथ सड़कों पर शॉपिंग की, झीलों पर गई, उनके साथ बोट राइड की और तस्वीरें खिंचवाई। साथ ही, स्वादिष्ट गोलगप्पे, छोले भटूरे और दही भल्ले भी खाए। यह बताने की तो जरूरत ही नहीं कि चंडीगढ़ की सड़कों पर मैंने मक्के दी रोटी और सरसों दा साग का लुत्फ भी उठाया। हम लोगों ने मिलकर मेरी भतीजी का जन्मदिन भी मनाया, क्योंकि मैं उसके पिछले जन्मदिनों में नहीं जा सकी थी, जिसके कारण वो मुझसे बहुत नाराज थी। मैं जानती हूं जो लोग भी अपने परिवार से अलग दूसरे शहरों में रहते हैं, उन्हें अपने परिवार की कितनी कमी महसूस होती है। अब जबकि स्थिति बेहतर हो रही है और हम उनसे मिल सकते हैं, तो मैं बता नहीं सकती कि घर आकर कैसा महसूस होता है।‘‘

वैसे, हमें भी यकीन है कि सभी लोग सपना के एहसास से जुड़ सकते हैं। वैसे, अब हम भी उन लोगों से मिलने के लिए और इंतजार नहीं कर सकते जो महामारी के दौरान लंबे समय से हमसे दूर रहे हैं।

आने वाले एपिसोड में दर्शक देखेंगे कि समायरा शुभ्रा के बेटे ऋषि को एक कमरे में बंद कर देती है और फिर किस तरह शुभ्रा समायरा के इस व्यवहार से अपने बेटे को बचाती है।

सपना ठाकुर: महामारी के चलते मुझे अपने ही शहर में टूरिस्ट जैसा महसूस हुआ

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