रणबीर कपूर-श्रद्धा कपूर की सेट पर बकाए पैसे को लेकर श्रमिकोंं ने किया हंगामा

| 16-03-2022 5:30 AM No Views

श्रमिकों का बकाया है 1 करोड़ 22 लाख रुपए, पुलिस ने पहुंच कर मामला शांत करायामुंबई, गोरेगांव पूर्व के रॉयल पाम्स में रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर अभिनीत लव रंजन की अगली अनटाईटल्स फिल्म के सेट पर मंगलवार को एक बहुत ही अप्रिय घटना हुई। यहां फिल्म के गाने की शुटिंग के दौरान श्रमिकों ने हंगामा किया और काम बंद करा दिया। श्रमिकों का कहना है कि उनका पांच महीने से ज्यादा समय से पैसा बाकी है। बताते हैं कि अक्टूबर 2021 में कांदिवली के चारकोप इलाके में शूट की गई इस फिल्म के लिए डेलीवेज वर्करों ने सेट लगाया था। इन डेली वेज वर्करों का कहना है कि उनका पांच माह से ज्यादा समय से पैसा बकाया है और उन्हे सैंडविच बनाया जारहा है। सेट पर पहुंचे श्रमिकों  के हंगामे को देखकर पुलिस बुलाई गई।श्रमिकों को आरे पुलिस स्टेशन ले गई और बाद में फेडरेशन आॅफ वेस्टर्न ईडिया सिने एम्पलॉयज (एफडब्लूआईसीई) के पदाधिकारी भी वहां पहुंचे और श्रमिकों का पक्ष समझने के बाद पुलिस ने उन्हे वापस भेज दिया। इस बारे में  एफडब्लूआईसीई के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी का कहना है कि जहां भी मजदूरों का पैसा बाकी है  मजदूर वहां खुद काम बंद कर दे रहे हैं ।ऐसा पहले भी होते आया है। निर्माता  मजदूरों को सीधे उनका बकाया क्यों नहीं देते हैं। एफडब्लूआईसीई इसमें मध्यस्थता करके मजदूरों का पैसा दिलवाएगा। आरोप हैं कि लब फिल्म््स ने इस फिल्म के सेट लगाने के लिए दीपांकर दास गुप्ता को कांट्रेक्ट दिया था और उनको पूरा पैसा भी दे दिया। दीपांकर दास गुप्ता ने इस प्रोजेक्ट के लिए एक कंपनी को आउटसोर्स किया था, जहां से दो लोगों ने दीपांकर दास गुप्ता के साथ एक समझौता किया था। इस कंपनी ने बाद में किसी और को आउटसोर्स कर लिया और श्रमिकों का 1 करोड़ 22 लाख रुपए फंस गया।लव फिल्म्स ने इससे पहले फिल्म स्टूडियो सेटिंग एंड अलाइड मजदूर यूनियन के महासचिव गणेश्वरलाल श्रीवास्तव द्वारा की गई शिकायत के जवाब में एफडब्ल्यूआईसीई और अन्य यूनियनों को एक पत्र भेजा था कि वे किसी भी गैर-भुगतान के लिए जिम्मेदार नहीं हैं क्योंकि उन्होंने सभी आवश्यक भुगतान दिए हैं। इस संबंध में काम पर रखे गए प्रोडक्शन डिजाइनर दीपांकर दास गुप्ता ने बताया, अगर मेरी गलती होती, तो क्या मैं अभी भी लव के साथ शूटिंग कर रहा होता? वास्तव मेंमैं उसी रणबीर-श्रद्धा कपूर के सेट पर हूं। एफडब्ल्यूआईसीई के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे का इस बावत कहना है कि देखिए, गरीब श्रमिक तो अब सैंडविच बन गए हैं। यह आउटसोर्सिंग व्यवसाय बंद हो जाना चाहिए। श्रमिकों को निर्माताओं द्वारा सीधे भुगतान क्यों नहीं किया जाता है? काम करने का यह तरीका श्रमिकों पर अत्यधिक तनाव डालता है। यह पहले भी हुआ है और फिर से होगा।