अपनी मां हर किसी को प्यारी होती है, आदमी रियल जिंदगी से हो या पर्दे पर चमकने वाला, सबके लिए मां तो मां ही होती है.पर्दे के सितारों में सबसे ज्यादा मातृ भक्त होने का तमगा गोविंदा को दिया जाता रहा है. लेकिन, कमलोग जानते हैं कि अक्षय कुमार भी अपनी मां के अनन्य भक्त रहे हैं. किसी पर अपने प्यार का खूब इजहार न कर पाने वाले राजीव भाटिया (अक्षय कुमार) एक मौके पर फुट ही पड़े कि जब से उनकी मां अरुणा भाटिया का निधन हुआ है उनकी कोई फिल्म हिट नहीं हो सकी है. 8 सितंबर 2021 को उनकी मां का स्वर्गवास हुआ था उसके बाद से अक्षय की किसी फिल्म को सुपर हिट नही कहा गया. यह स्वीकारोक्ति कर पाने की हिम्मत भी कम ही लोगों में होती है जो अक्षय में है. उनके सिर पर मां का हाथ होना वह अपनी सफलता का कारण मानते रहे हैं.
अक्षय कुमार बातते हैं कि वह मां के रहने पर जब भी शूटिंग से लौटा करते थे सीधे मां के कमरे में जाया करते थे और मां उनसे पूरे दिन की दिनचर्या पूछा करती थी. अपने दिन भर के काम, बहस, विवाद और तनावके किस्से मां को सुनाकर अक्षय हल्का महसूस किया करते थे. वह कहते हैं - मां कहती थी फिकर नही कर पुत्तर, बाबाजी तेरे नाल हैं. ईश्वर में अक्षय की मां स्वर्गीय अरूणा जी की बड़ी आस्था थी और यही आस्था वह अपने बेटे में देखने की इच्छा रखती थी. अक्षय मानते हैं कि उनकी कामयाबी में मां का आशीर्वाद ही सर्वोपरि रहा है. अब मां साथ नही हैं उनकी स्मृतियां साथ हैं तो अक्षय कामयाबी का सेहरा मां को देते है और कहते हैं कि वे अब मां का स्मरण करके ही अपनी शूटिंगें शुरू करते हैं.