INTERVIEW!! “किरदारों को कट कहने के बाद अपने साथ नहीं ले जाता” – अजय देवगन 

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अजय देवगन अपने दमदार अभिनय के चलते चर्चा में रहते है।  एक्शन और कॉमेडी फ़िल्में बखूबी  निभाई है.फिल्म दृशयम में वही अब एक दूसरे अवतार में नजर आनेवाले है।  हिंदी फिल्म दृशयम  एक मलयालम फिल्म की रीमेक है और फिल्म  तामील में भी कमल हासन के चलते  बहुत तारीफ बटोर ले गयी है। देखना यह होगा कि अजय एक आम पिता जो इतनी चालाकी से अपने परिवार की रक्षा कर, इस किरदार में लोगो का कितना मन जीत  पाते  है –

मायापुरी के लिए लिपिका वर्मा के साथ एक मुलाकात  अजय ने एक भेंटवार्ता  लिपिका वर्मा के साथ- ढेर  सारे सवालों का जवाब दिया

दृश्यम क्या कहना है ?

दृश्यम एक ऐसी फिल्म है जिसे रीमेक किया जा सकता है। जब ऐसी फ़िल्में   बनती है जो बहुत ही अच्छी  कहानी पेश करती है तो आपका भी मन करता है कि इस फिल्म को और देखें दृश्यम एक ऐसी ही फिल्म है जिसे लोग बार बार देखना पसंद करेंगे

फिल्म करने में आपको कोई प्रेशर महसूस हुआ?

दरअसल फिल्म निर्देशक निशिकांत को बनानी  थी सो प्रेशर मुझे नहीं उन्हें महसूस होना था क़िन्तु जब मैंने यही सवाल उनसे पुछा कि  रीमेक है क्या बदलाव लाना है ? तब उन्होंने अपनी फालतू में तारीफ नहीं की यह नहीं कहा कि फिल्म अपनी इससे बेहतरीन बनानी है बल्कि यह कहा कि ओरिजिनल  फिल्म अपने आप में 80 प्रतिशत अच्छी है कुछ बॉलीवुड स्टाइल जोड़ना होगा बस।

आपकी पहली फिल्मो से बहुत अलग है किरदार ,क्या है ?

जी हां यह एक बहुत ही मजबूत किरदार है जो बहुत ही भावुक भी है। उसकी ताकत शारीरिक नहीं है, अपितु वो एक बहुत ताकतवर  व्यक्ति है जिसके पास तीव्र बुद्धि है। और अपने बुद्धि  के बलबूते पर वो अपने परिवार को किस प्रकार बचाता  है यह देखना कबीले तारीफ है।

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आपने इस फिल्म के लिए हामी क्यों भरी?

बहुत से लोग मुझे यह कहते है कि – वो मुझे सिंघम ,गंगाजल और भगत  सिंह जैसे किरदार में देखना चाहते है। पर जिस दिन मुझे एक अच्छी कहानी मिलती है और किरदार मुझे जोरदार लगता है में उसे  करने के लिए राज़ी हो जाता हू। स्क्रिप्ट मेरे लिए महत्वपूर्ण होती है। मैंने ओरिजिनल फिल्म नहीं देखी  है। किन्तु यह किरदार जो आम आदमी की तरह है बहुत ही मुश्किल किरदार है इसे समझ पाना बहुत कठिन है। फिल्म में वो बहुत पिटता  है सिर्फ इसीलिए क्योंकि उसके लिए उसका परिवार बहुत ही महत्वपूर्ण है और वह उन्हें बेइंतहा प्यार करता है।

आप शॉट देने से पहले किस तरह की तैयारिया करते है ?

सेट पर जाने से पहले मुझे क्या शॉट होगा वो नहीं मालूम होता है। क़िन्तु फिल्म फ्लोर पर जाये उससे पहले में वर्क-शॉप  करता हू । और निर्देशक के साथ भी कहानी  पर चर्चा कर लेता हू । रिहर्सल भी करना पसंद करता हू  दरअसल में – मै अपनी लाइन्स याद नहीं करता हू बस उसका सार  ले लेता हू और फिर लाइन्स बोल देता हू कभी कभी कोई थोड़ी बहुत समस्या हो जाती है पर उसे हल किया जा सकता है। मैं अपने चरित्र चित्रण को बखूबी समझ लेता हू तत्पश्चात उसे आगे ले जाता हू। यदि कहीं गड़बड़ लगे तो फिर निर्देशक के साथ सलाह मशविरा कर लेता हू।

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आपकी तुलना की जा  सकती है कमल हासन और मोहनलाल से क्या कहना चाहेंगे इस बारे में ? 

जी नहीं, मेरी  उनके साथ कोई भी  प्रतियोगिता नहीं है। वह एक बहुत ही मंझे और बेहतर कलाकार है। मैंने तो ओरिजिनल फिल्म देखी  ही नहीं है। यदि कोई कमजोर कलाकार की फिल्म हो तब हमे बहुत सारे बदलाव करने पड़ते है। यह कहानी पहले से ही बहुत मजबूत है। यह दोनों वरिष्ठ और अच्छे कलाकार है तो मेरा उनसे प्रतियोगता का  योग ही नहीं बनता।

पिता है आप रियल में इस किरदार से क्या लिया आपने  ?

मैं क्या लूंगा? हर पिता अपने परिवार के प्रति भावुक होता है और अपने परिवार का  रक्षक होता है। किन्तु इस पिता की तरह हर पिता इतना बुद्धिमान नहीं हो सकता है।

आपकी फिल्म शिवाय डिले क्यों हो गयी?

दरअसल मैंने निशिकांत को साइन कर लिया गया और पहले  यह फिल्म कुछ समय बाद बनने वाली थी किन्तु जब निशिकांत साइन  हो गए तो फिल्म को शुरू  करना था क्योंकि उनसे पहले मैंने फिल्म साइन कर ली थी । इसलिए मैंने शिवाय कुछ पीछे कर दी . लोगो  को उत्सुकता है किन्तु हम अपने प्लान अनुसार ही चल रहें है।

शिवाय के बारे में कुछ बताएं?

यह एक बहुत ही अलग और थोड़ी सी कठिन फिल्म है। इस फिल्म को कठिन वातावरण में शूट करना है। सो इस के लिए ढेर सारी तैयारियां करनी है। इस का किरदार मॉडर्न है आधुनिक है। यह गुस्सेल है किन्तु विनम्र भी। आज की पीड़ी इस किरदार से आसानी से जुड़ पायेगी। उसके शरीर भी है।

Ajay-Devgn-Tattoo

अपने फिल्मी सफर को कैसे देखते है?

मेरा फिल्मी सफर इतनी जल्दी बीत गया कि मुझे  हिट फिल्म  भी मिली और फ्लॉप भी। पर मैं बहुत ही खुशकिस्मत रहा इस सफर में और आगे की और बढ़ता ही रहा।

क्या किसी करैक्टर से निकलना भरी होता है आपको ?

जी नहीं,मैं किरदारों को कट कहने के बाद अपने साथ नहीं ले जाता हू बस जब तक शॉट देना है उसमें रहता हू। सिर्फ टेक तक किरदार बन जाता हू। एक बार टेक हुआ तो में वापस साधारण  व्यक्ति की तरह ही होता हू।

 


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Mayapuri

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