कई होटेल्स के मालिक हैं मिथुन चक्रवर्ती , डिस्को डांसर के बाद ऐक्ट्रेस हेलेन के बने थे असिस्टेंट, जानें ऐसे ही रोचक किस्से

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मिथुन चक्रवर्ती

मिथुन चक्रवर्ती ने कचरे के ढेर में मिली बच्ची को लिया था गोद, जानिए उनसे जुड़ी कुछ अनसुनी बातें

मिथुन दा का जन्म 16 जून 1952 को हुआ। आज वो अपना 69वां जन्मदिन मना रहे हैं। दुनिया भर में ‘डिस्को डांसर’ के नाम से मशहूर अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को यह भारतीय फिल्म इंडस्ट्री सम्मान से मिथुन दा कहकर पुकारती है। उन्होंने भारत की अलग-अलग भाषाओं बंगाली, हिंदी, उड़िया, भोजपुरी, तमिल, तेलुगू, कन्नड़ और पंजाबी में साढ़े तीन सौ से ज्यादा फिल्में की हैं। दो फिल्मफेयर पुरस्कार और तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने वाले मिथुन चक्रवर्ती को हिंदी सिनेमा के इतिहास के सबसे सफल अभिनेताओं में से एक माना जाता है। आइए आज इस मौके पर हम आपको मिथुन की लाइफ से जुड़ी कुछ रोचक बातें बताते हैं…

गौरांग चक्रवर्ती है असली नाम

मिथुन चक्रवर्ती का असली नाम गौरांग चक्रवर्ती है, लेकिन फिल्मों में एंट्री के बाद उन्होंने अपना नाम बदल लिया। अपने जमाने के सुपरस्टार रहे मिथुन दा एक फिल्म एक्टर होने के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता और राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं। मिथुन ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म मृगया (1976) से की। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था।

ऐक्ट्रेस हेलेन के बने थे असिस्टेंट

Source – Freepressjournal

मिथुन दा के डांस ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई। मिथुन ने साल 1982 में बहुत बड़ी हिट फिल्म ‘डिस्को डांसर’ में स्ट्रीट डांसर जिमी की भूमिका निभाई।उनके इस कैरेक्टर ने उन्हें दर्शकों में लोकप्रिय बनाया। लेकिन इस फिल्म के बाद मिथुन को कोई खास फिल्म नहीं मिली। डांस का शौक था ही तो उन्होंने कैबरे डांसर और ऐक्ट्रेस हेलेन का असिस्टेंट बनना स्वीकार किया। इसके लिए मिथुन ने अपना नाम बदलकर राना रेज भी रख लिया था।

कई होटेल्स के हैं मालिक

mithun chakraborty

Source – Indianexpress

मिथुन चक्रवर्ती एक सफल बिज़नेसमैन भी हैं। वह ऊटी स्थित मिथुन ग्रुप ऑफ होटेल्स के मालिक भी हैं। इसके अलावा मसीनागुड़ी, कोलकाता, दार्जलिंग और मैसूर में भी उनके कई होटेल्स हैं।

बेटी को लिया गोद

मिथुन चक्रवर्ती का एक बेटा है मिमोह चक्रवर्ती, जबकि बेटी दिशानी को उन्होंने गोद लिया था। दिशानी को गोद लिए जाने की कहानी भी बड़ी भावुक है। दरअसल मिथुन को दिशानी एक कचरे के ढेर में पड़ी हुई मिली थी। उस बच्ची को एनजीओ ने बचाया और अपने पास सुरक्षित रखा। वह उस वक्त नाजुक हालत में थी। जैसे ही मिथुन को इस बारे में पता चला, वह तुरंत उससे मिलने पहुंचे। और तब उन्होंने उस बच्ची को गोद ले लिया था।

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