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जल्द ही सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली बहुप्रतीक्षित वॉर ड्रामा ‘बॉर्डर 2’ (Border 2) सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि देशभक्ति, शौर्य और बलिदान की उस विरासत का विस्तार है, जिसकी नींव 1997 में रखी गई थी. और अगर इस विरासत का कोई सबसे मजबूत स्तंभ है, तो वह नाम है — सनी देओल (Sunny Deol).
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जिस तरह पहली ‘बॉर्डर’ (Border) में सनी देओल ने मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी के किरदार को अमर बना दिया था, उसी तरह ‘बॉर्डर 2’ में उनकी मौजूदगी इस फिल्म की आत्मा बनकर सामने आती है. यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर सनी देओल न हों, तो ‘बॉर्डर 2’ सिर्फ एक वॉर फिल्म रह जाए, लेकिन उनकी मौजूदगी इसे भावना और गर्व से भरी गाथा बना देती है.
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देशभक्ति सिनेमा का सबसे मजबूत चेहरा
सनी देओल सालों से भारतीय सिनेमा में देशभक्ति की पहचान रहे हैं. ‘बॉर्डर’, ‘गदर’, और अब ‘बॉर्डर 2’—इन फिल्मों में उनका अभिनय सिर्फ एक्टिंग नहीं, बल्कि जज़्बातों का विस्फोट रहा है. यही वजह है कि ‘बॉर्डर 2’ में वह सबसे ज्यादा फीस लेने वाले स्टार हैं, जिनकी अनुमानित फीस करीब 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है. यह फीस नहीं, बल्कि उस भरोसे की कीमत है, जो दर्शकों को उन पर है.
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‘हकीकत’ से मिली प्रेरणा
‘घर कब आओगे’ के लॉन्च इवेंट के दौरान सनी देओल ने अपने पिता धर्मेंद्र को याद करते हुए उस वजह का खुलासा किया, जिसने उन्हें ‘बॉर्डर’ जैसी फिल्म करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने बताया कि बचपन में देखी गई धर्मेंद्र की 1964 की युद्ध क्लासिक ‘हकीकत’ (Haqeeqat) ने उनके मन पर गहरी छाप छोड़ी थी. सनी देओल ने कहा, “जब मैंने पापा की फिल्म ‘हकीकत’ देखी थी, तब मैं बहुत छोटा था, लेकिन उस फिल्म ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया. जब मैं अभिनेता बना, तो मैंने तय किया कि मैं भी पापा की तरह देशभक्ति से जुड़ी फिल्म करूंगा.” इसी सोच के साथ उन्होंने निर्देशक जेपी दत्ता (J.P. Dutta) से बातचीत की और दोनों ने मिलकर ‘बॉर्डर’ बनाने का फैसला किया—एक ऐसी फिल्म, जो न सिर्फ दर्शकों को पसंद आई, बल्कि आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई है.
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युवाओं को प्रेरित करने वाली फिल्म
सनी देओल ने गर्व के साथ बताया कि ‘बॉर्डर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं रही, बल्कि इसने युवाओं की एक पूरी पीढ़ी को भारतीय सेना जॉइन करने के लिए प्रेरित किया.उन्होंने कहा, “मैं जहां भी जाता हूं, मुझे अंदाजा नहीं था कि हम इतने सारे युवाओं को इतना कॉन्फिडेंस देंगे कि फ़िल्म देखने के बाद वे फ़ौज जॉइन करने का फैसला करेंगे.”
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‘बॉर्डर’ में सनी देओल के डायलॉग
1. मथुरादास जी, आप खुश हैं कि आप घर जा रहे हैं. मगर खुशी का जो ये बेहूदा नाच आप अपने भाइयों के सामने कर रहे हैं... अच्छा नहीं लगता. आपकी छुट्टी मंजूर हुई है, क्योंकि आपके घर में प्रॉब्लम है. दुनिया में किसे प्रॉब्लम नहीं? जिंदगी का दूसरा नाम ही प्रॉब्लम है. अपने भाइयों में कोई ऐसा भी है जिसकी विधवा मां आंखों से देख नहीं सकती और उसका इकलौता बेटा रेगिस्तान की धूल में खो गया है. कोई ऐसा भी है जिसकी मां की अस्थियां इंतजार कर रही हैं कि उसका बेटा जंग जीतकर आएगा और उन्हें गंगा में बहा देगा. किसी का बूढ़ा बाप अपनी जिंदगी की आखिरी घड़ियां गिन रहा है और हर रोज मौत को ये कहकर टाल देता है कि मेरी चिता को आग देने वाला, दूर बॉर्डर पर बैठा है. अगर इन सब ने अपनी प्रॉब्लम्स का बहाना देकर छुट्टी ले ली तो ये जंग कैसे जीती जाएगी? बताओ! मथुरादास ... इससे पहले कि मैं तुझे गद्दार करार देकर गोली मार दूं... भाग जा यहां से.'
2. वो कहते हैं कि नाश्ता जैसलमेर में करेंगे, आज नाश्ता हम उनका करेंगे. गुरु महाराज ने कहा है कि एक खालसा सवा लाख के बराबर है, आज उनकी बात सच करने का का वक्त आ गया है. जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल. वाहेगुरु दी खालसा वाहे गुरु दी फतेह.'
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3. धर्मवीर दुश्मनों के हाथों से शहीद होकर जंग नहीं जीती जाती, उन्हें गोली मारकर जीती जाती है. यू हेव टू किल देम.'
आपको बता दें कि 1997 की फिल्म 'बॉर्डर' 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित थी. इस फिल्म में बॉबी देओल (Bobby Deol), अक्षय खन्ना(Akshaye Khanna), सुनील शेट्टी (Suniel Shetty), जैकी श्रॉफ (Jackie Shroff), पुनीत इस्सर (Puneet Issar), कुलभूषण खरबंदा (Kulbhushan Kharbanda) और सुदेश बेरी (Sudesh Berry) मुख्य भूमिकाओं में थे. इसके निर्देशक और निर्माता जे.पी. दत्ता थे.
'बॉर्डर 2' के बारे में
'बॉर्डर' के सीक्वल 'बॉर्डर 2' को अनुराग सिंह ने डायरेक्ट किया है. इसे भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जे.पी. दत्ता और निधि दत्ता ने प्रोड्यूस किया है. फिल्म में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी लीड रोल में हैं. यह फिल्म 23 जनवरी को रिलीज होने वाली है.
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‘बॉर्डर 2’ में सनी देओल की अहमियत सिर्फ स्टार पावर तक सीमित नहीं है. वह इस फ्रैंचाइज़ी की आत्मा हैं.
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