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ताजा खबर: हिंदी सिनेमा मेंAbhishek Bachchan(Abhishek Bachchan interview) ऐसा नाम है, जिस पर राय हमेशा बंटी रही है. उनके नाम के साथ जहां सराहना जुड़ी, वहीं आलोचनाएं भी लगातार आती रहीं. डेब्यू फिल्म रिफ्यूजी के बाद फ्लॉप फिल्मों के दौर ने उन्हें लंबे समय तक जूझने पर मजबूर किया.
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कैसे मिली ‘धूम’ से पहचान (Abhishek Bachchan turns 50)
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धूम ने अभिषेक को बड़ी पहचान दी, मगर इसके बाद भी उनका करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा. उनकी फिल्मोग्राफी में कुछ भूलने योग्य प्रोजेक्ट्स रहे, तो वहीं गुरु, सरकार, युवा, बंटी और बबली, दोस्ताना और हाल के वर्षों में मनमरज़ियां, Breathe: Into The Shadows, I Want To Talk, Housefull 5 और कालीधर लापता जैसे कामों ने उनके अभिनय की रेंज दिखाई.
निजी जीवन पर भी रही नज़र
अभिषेक का निजी जीवन भी हमेशा सुर्खियों में रहा. इंटरनेट पर उनके बारे में तरह-तरह की कहानियां और अफवाहें गढ़ी गईं, लेकिन उन्होंने कभी खुद को इनसे विचलित नहीं होने दिया. आलोचना और नकारात्मकता के बीच भी वह अपनी सच्चाई पर टिके रहे.
‘अमिताभ बच्चन का बेटा’ होने की सच्चाई (Abhishek Bachchan career journey)
अभिषेक इस बात को स्वीकार करते हैं कि वह Amitabh Bachchan के बेटे हैं और यह एक विशेषाधिकार है. साथ ही, उन्हें इस पर भी भरोसा है कि उन्होंने इंडस्ट्री में 25 साल अपने दम पर टिककर बिताए हैं—यह आत्मविश्वास उनके सफर की बड़ी ताकत रहा है.
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50 की उम्र में भी नई शुरुआत की सोच (Abhishek Bachchan 25 years in Bollywood)
50 की उम्र में अभिषेक खुद को एक नए मोड़ पर खड़ा पाते हैं. उनका मानना है कि अगर कलाकार खुद को समय के साथ नहीं बदलता, तो वह दर्शकों के लिए उबाऊ हो जाता है. आज की युवा ऑडियंस उनके डेब्यू के समय पैदा भी नहीं हुई थी—इसलिए प्रासंगिक बने रहने के लिए निरंतर बदलाव ज़रूरी है.
आलोचना से कड़वाहट नहीं, संतुलन सीखा
अभिषेक मानते हैं कि बार-बार सार्वजनिक असफलता किसी को भी कड़वा बना सकती है. लेकिन वह खुद को नकारात्मकता में डूबने से बचाते हैं. उनके अनुसार, जीवन कभी साथ देता है, कभी नहीं—और इसे स्वीकार करना ही परिपक्वता है.
माता-पिता और परिवार पर गर्व
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके माता-पिता उन पर गर्व करते हैं, तो अभिषेक का जवाब भावुक था. उन्होंने कहा कि माता-पिता को इस बात पर गर्व होगा कि उन्होंने हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ दिया. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अमिताभ बच्चन सिर्फ एक आइकन नहीं, बल्कि एक पिता और दादा भी हैं.
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‘अभिषेक बच्चन 2.0’ की शुरुआत
आज अभिषेक बच्चन एक स्पष्ट पुनर्जन्म के दौर में दिखते हैं—जहां अनुभव, आत्मविश्वास और खुद को लगातार बेहतर करने की भूख उनके करियर को नई दिशा दे रही है. यह सचमुच “अभिषेक बच्चन 2.0” जैसा लगता है.
FAQ
अभिषेक बच्चन को लेकर राय क्यों बंटी रहती है?
उनके करियर में उतार-चढ़ाव, कुछ फ्लॉप फिल्में और लगातार तुलना के कारण उन पर अलग-अलग राय बनती रही है.
अभिषेक बच्चन को असली सफलता कब मिली?
धूम फिल्म से उन्हें बड़ी पहचान मिली, हालांकि उसके बाद भी उनका सफर आसान नहीं रहा.
अभिषेक बच्चन किन फिल्मों के लिए सराहे गए हैं?
गुरु, सरकार, युवा, बंटी और बबली, दोस्ताना और हालिया OTT प्रोजेक्ट्स के लिए उनकी काफी तारीफ हुई है.
क्या अभिषेक बच्चन आलोचना से प्रभावित होते हैं?
उन्होंने माना है कि आलोचना कठिन होती है, लेकिन वह खुद को कड़वा बनने से बचाते हैं.
50 की उम्र में अभिषेक बच्चन खुद को कैसे देखते हैं?
वह इसे एक नए दौर की शुरुआत मानते हैं, जहां लगातार खुद को बदलना और सीखना जरूरी है.
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