/mayapuri/media/media_files/2026/02/11/fatima-sana-2026-02-11-11-42-39.png)
ताजा खबर: बॉलीवुड में ट्रांसफॉर्मेशन की खूब तारीफ होती है, लेकिन उसके बाद की मानसिक और शारीरिक चुनौतियों पर कम बात होती है. हाल ही में ‘चैप्टर 2 विद रिया चक्रवर्ती’ (Fatima Sana Shaikh Rhea Chakraborty podcast)पॉडकास्ट में अभिनेत्री Fatima Sana Shaikh ने फिल्म Dangal के बाद के अपने संघर्ष पर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि कैसे एक अनुशासित फिटनेस रूटीन धीरे-धीरे बिंज ईटिंग, गिल्ट और बुलिमिया में बदल गया.
Read More: 36 की उम्र में डिप्रेशन से जूझे कपिल शर्मा, बोले—पिता की कमी आज भी खलती है
‘दंगल’ के लिए कैसे की थी तैयारी (Dangal actress transformation story)
/mayapuri/media/post_attachments/wp-content/uploads/2025/04/620x450-6163-172114.jpg)
फिल्म ‘दंगल’ के लिए फातिमा (Fatima Sana Shaikh depression) ने एथलीट जैसी ट्रेनिंग की. वह रोज़ करीब तीन घंटे वर्कआउट करती थीं और रोल के मुताबिक वजन बढ़ाने के लिए 2,500 से 3,000 कैलोरी तक लेती थीं. शूट खत्म होने के बाद ट्रेनिंग की तीव्रता कम हो गई, लेकिन खाने की आदतें वही रहीं. धीरे-धीरे संतुलन बिगड़ने लगा.
‘मैं दो चरम सीमाओं में जीती हूं’ (Fatima Sana Shaikh mental health)
फातिमा ने माना कि उनका स्वभाव “एक्सट्रीम” की ओर झुकता है. “मैं दो चरम सीमाओं में जीती हूं. अगर मैं संतुलित नहीं हूं, तो मैं किसी एक छोर पर चली जाती हूं,” उन्होंने कहा. कभी घंटों तक लगातार खाना, फिर गिल्ट और कैलोरी गिनना—यह चक्र उनके लिए आम हो गया. उन्होंने स्वीकार किया कि समस्या खाने में नहीं, बल्कि असुरक्षा और भावनाओं में थी—“आप अपनी फीलिंग्स खा रहे होते हैं.”
Read More: बेटी राहा के साथ दोस्त जैसा रिश्ता चाहते हैं रणबीर कपूर, बोले—उसे खुलकर उड़ने के पंख...
एक साल तक बुलिमिया से जंग
सबसे भावुक खुलासे में फातिमा ने बताया कि वह करीब एक साल तक बुलिमिया से जूझती रहीं. ज्यादा खाने के बाद वह कैलोरी “हटाने” के लिए उल्टी कर देती थीं. बाहर से वह फिट और मजबूत दिखती थीं, लेकिन भीतर से टूट रही थीं. उन्होंने कहा, “मेंटल हेल्थ डिसऑर्डर में बाहर सब ठीक लगता है, लेकिन असली लड़ाई दिमाग में होती है.”
इंस्टाग्राम पर परफेक्शन का दबाव
फातिमा ने माना कि इंडस्ट्री में ‘परफेक्ट बॉडी’ का दबाव बहुत ज्यादा है. सोशल मीडिया पर फिट और ग्लैमरस दिखने की चाह ने उन्हें एक इमेज से बांध दिया था. आज भी वह खाने के बारे में सोचती हैं, लेकिन फर्क यह है कि अब वह सजग हैं. “कभी-कभी मैं बिंज करती हूं, पर यह मेरा चुनाव होता है. मैं खुद को सज़ा नहीं देती,” उन्होंने कहा.
Read More: फरवरी में गाना रिलीज, मार्च में ट्रेलर—क्या तैयार है ‘धुरंधर: द रिवेंज’?
संतुलन की ओर वापसी
उनकी रिकवरी किसी बड़े नाटकीय मोड़ से नहीं, बल्कि दोस्तों की मदद से शुरू हुई. एक दोस्त ने बिना आरोप लगाए उनका ध्यान दिलाया, दूसरे ने उन्हें संतुलित और पोषणयुक्त भोजन—स्मूदी, बैलेंस्ड मील—की आदत सिखाई. संदेश साफ था: “आप खा सकते हैं, आप भरपेट खा सकते हैं.”
FAQ
प्रश्न 1: फातिमा सना शेख ने किस बारे में खुलकर बात की?
उन्होंने ‘दंगल’ के बाद अपने शारीरिक ट्रांसफॉर्मेशन के असर, बिंज ईटिंग, गिल्ट और बुलिमिया से जूझने के अनुभव के बारे में खुलकर बात की.
प्रश्न 2: ‘दंगल’ के लिए उन्होंने कैसी तैयारी की थी?
फातिमा ने एथलीट की तरह कड़ी ट्रेनिंग की. वह रोज़ करीब तीन घंटे वर्कआउट करती थीं और रोल के लिए 2,500–3,000 कैलोरी तक लेती थीं.
प्रश्न 3: शूट खत्म होने के बाद क्या हुआ?
शूट खत्म होने के बाद उनका वर्कआउट कम हो गया, लेकिन खाने की आदतें वही रहीं. इससे उनका संतुलन बिगड़ गया और बिंज ईटिंग की समस्या शुरू हुई.
प्रश्न 4: क्या फातिमा बुलिमिया से भी जूझीं?
हाँ, उन्होंने स्वीकार किया कि वह करीब एक साल तक बुलिमिया से जूझती रहीं. ज्यादा खाने के बाद वह उल्टी कर देती थीं ताकि कैलोरी न बढ़े.
प्रश्न 5: उन्होंने खाने की समस्या को कैसे समझा?
फातिमा ने कहा कि समस्या खाने में नहीं, बल्कि असुरक्षा और भावनात्मक संघर्ष में थी. उन्होंने महसूस किया कि वह अपनी भावनाओं को खाने के जरिए संभालने की कोशिश कर रही थीं.
Read More: विवाद के बाद बदलेगा ‘घूसखोर पंडित’ का नाम? मेकर्स ने दिल्ली हाई कोर्ट में दिया शपथ पत्र
fatima sana shaikh age | fatima sana shaikh biography | fatima sana shaikh movies | fatima sana shaikh news in hindi
Follow Us
/mayapuri/media/media_files/2026/02/06/cover-2679-2026-02-06-17-24-53.png)