रेखा जिसकी किस्मत की रेखा में प्यार नही है पर अदाकारी हैं

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मायापुरी अंक 15.1974

ऐसे बहुत कम सितारे होते है जिनकी पहली फिल्म बॉक्स-ऑफिस पर चौक्का जमाती है। अक्सर तो यह है कि सितारे की पहली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर क्लीन बोल्ड हो जाती है और उसके साथ ही सितारा अपने भाग्य को रोता हुआ पविलियन में लौट आता है। मगर रेखा के साथ ऐसा नही हुआ। उसकी पहली फिल्म ने चौका नही, छक्का मारा था। रेखा की ‘सावन भादो’ बॉक्स ऑफिस पर बेहद सफल रही थी मगर रेखा फिर भी उन ऊंचाइयों तक न चढ़ सकी जहां उसे अब तक चढ़ जाना चाहिए था ऐसा क्यों? क्यों रेखा के बाद की हीरोइनें उसे पीछे छोड़ कर आगे निकल गई? इनका उत्तर खोजने के लिए हमें थोड़ा पीछे लौटना होगा।

रेखा ने लव फिल्मों में प्रवेश किया था, उस समय तक हीरोइन अपने ‘प्राइवेट’ मसलों को यथा संभव छिपा कर रखती थी। रेखा ने चुम्बन संबंधी अपना धुंआधार व्यक्तव्य देकर पूरे, फिल्म-जगत में तहलका मचा दिया था, इतना ही नही, रेखा फिल्म के सेट पर विश्वजीत को चुम्बन देकर यह भी सिद्ध कर दिया कि उसकी कथनी और करनी में कोई फर्क नही है। और रेखा रातों-रात प्रसिद्ध हो गई। मगर रेखा यह भूल गई कि जो प्रसिद्ध रातों-रात मिलती है उसे गायब होते समय नही लगता। रेखा की दूसरी फिल्म आई “एलान” फिल्म पिट गई और उसके साथ रेखा की मार्केट डाऊन हो गई। रेखा के हात में क्या लगा। स्कैंडल, स्कैंडल और स्कैंडल रेखा एक स्कैंडल से निकलती, दूसरे में फंस जाती। उसकी धारणा थी कि हीरोइन को रोल तभी मिलते है जब वह न्यूज में रहती हो। इस ‘न्यूज’ मे रहने की खातिर रेखा ने क्या कुछ नही किया?

’सावन भादो’ के पोस्टरों से रेखा की स्कैंडल कथा शुरू होती है। इस फिल्म के पोस्टरों में रेखा ने नवीन निश्चल को गोद में उठा रखा था (हालांकि फिल्म में कोई ऐसा सीन पोस्टर देख कर सनसनी फैल गई क्योंकि आदर्श भारतीय हीरोइन का यह रूप उनके लिए नया था।

फिर तो रेखा जिस किसी भी हीरो के साथ शूटिंग करती, उसी के साथ उसका नाम जुड़ जाता। बेचारी विनोद के करियर को ध्यान में रख कर इस शादी का ढिंढोरा नही पिटा। उस समय विनोद सफलता की पहली सीढ़ी पर खड़ा था और शादी उसे वहां से नीचे धकेल सकती थी अब फूटी आंखो भी नही सुहाती। उन दोनों ने अपनी आंख के तारे को रेखा के पंजों से निकालने के लिए रेखा की बदनामी फैलाई, उसका अपमान किया। जब रेखा इस अपमान को सह न सकी तो उसने विनोद से तलाक ले लिया। रेखा को हमेशा एक सहारा चाहिए, हम कह चुके है। रेखा ने वह सहारा किरण कुमार में ढूंढा। मगर नाम इतना ‘प्रसिद्ध’ हो गया कि यदि घूमने के लिए भी विदेश जाती तो फिल्म-जगत में इस किस्म की अफवाहें फैल जाती रेख अबार्शन कराने हांगकांग गई है जैसे इस काम के लिए भारत में योग्य डॉक्टर ही न मिलते हों वास्तव में रेका को हर समय एक सहारे की जरूरत महसूस होती रहती है। जब विनोद मेहरा ने उसे एक तरह से स्थायी सहारा दे दिया तो रेखा ने भी फ्लर्ट करना बद कर दिया। मगर किस्मत ही ऐसी रेखा फिल्म “नागिन” में है कि उसका यह रोमांस भी सबसे बड़ा स्कैंडल बन गया। रेखा ने विनोद मेहरा को दिल से चाहा है। विनोद मेहरा भी उसे चाहता था मगर विनोद की अम्मा इस वास्तविक ड्रामे में विलेन बन गई। अगर रेखा विनोद को प्रेम न करती होती तो कभी उसे अपने से गुपचुप शादी करने पर विवश न करती। यह रेखा का विशाल हृदय ही है कि उसने अब रेख यह समझ गई है कि यदि उसे ए-क्लास हीरोइन बनना है तो उसे इन स्केंडलों से दूर रहना होगा। अब उसने अपने अभिनय पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया है।

यूं रेखा को इन स्केंडलों में घसीटने के लिए हमारे हीरो भी कम जिम्मेवार नही है। एक सेट पर राजेश खन्ना और रेखा शूटिंग कर रहे थे। खाली समय में राजेश खन्ना रेखा से छेड़ाखानी कर रहा था मगर डिम्पल के डर से साफ-साफ कुछ कहता नही था। रेखा मुंहफट तो है ही। राजेश की छेड़खानी से तंग आ गई तो बोली आप मुझसे क्या चाहते है यदि आप मेरे साथ कोई हंगामा करना चाहते है तो साफ साफ बताइये न बेचारा काका झेंप ले लाल हो गया।

रेखा ‘धरम करम’ में रणधीर के साथ काम कर रही है। फिल्म आर. के.बैनर के अंतर्गत बन रही है। एक दिन राज कपूर ने फिल्म के ‘रशेज’ देखे और रणधीर कपूर से कहा फिल्म में रेखा का काम बढ़ा दो।

रेखा को अभिनय का इससे बड़ा सर्टिफिकेट और क्या मिल सकता है?

 


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Mayapuri

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