जून के आखिर में शुरू होगी टीवी शोज़ की शूटिंग, करना होगा इन रूल्स को फॉलो

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जून के आखिर में शुरू होगी टीवी शोज़ की शूटिंग , प्रोड्यूसर्स के लिए तय की गई है ये गाइडलाइन्स

कोरोनावायरस लॉकडाउन के कारण फिल्मों और टेलीविजन की शूटिंग रुकी हुई है। सभी बॉलीवुड और टीवी सितारे अपने घरों में कैद हैं। 18 मई को लॉकडाउन फेज चार  शुरू होगा जिसके नियम कायदे भी जल्द बताए जाएंगे। लॉकडाउन की वजह से टीवी इंडस्ट्री को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। हालांकि अब टीवी शोज़ की शूटिंग शुरू करने को लेकर चर्चा चल रही है। टेलीविजन शोज़ की शूटिंग जून के अंत तक नए दिशानिर्देशों के साथ फिर से शुरू होगी। एकता कपूर के शो, कौन बनेगा करोड़पति और भाभीजी घर पर हैं के निर्माता जल्द ही एक सीमित क्रू के साथ शूटिंग शुरू करेंगे।

FWICE ने बनाई टीवी शोज़ की गाइडलाइन्स

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Source – Thequint

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉई (FWICE) के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने इंडिया टुडे के साथ बातचीत में बताया कि डेली वर्कर्स को ध्यान में रखते हुए प्रोड्यूसर्स के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। शूटिंग को फिर से शुरू करने के लिए टीवी प्रोड्यूसर्स को कुछ बातों पर सहमत होने की जरूरत होगी। FWICE ने सभी को मास्क पहनने और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के बारे में ट्रेंनिंग देना शुरू कर दिया है। हर सेट पर एक इंस्पेक्टर होगा, जो यह निरीक्षण करेगा कि कौन मास्क पहने हुए है और कौन नहीं। जब तक वर्कर्स को इसकी आदत नहीं पड़ती, तब तक इंस्पेक्टर वही पर  रहेंगे।

50 प्रतिशत स्टाफ के साथ करना होगा मैनेज

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Source – Herzindagi

शूटिंग के दौरान, सेट पर कम से कम 100 या उससे ऊपर के लोग होते हैं। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार, निर्माताओं को यूनिट के 50 प्रतिशत लोगों के साथ मैनेज करना होगा। प्रोड्यूसर्स को यह भी पुष्टि करनी होगी कि शेष 50 प्रतिशत शिफ्ट में काम कर रहे हैं ताकि कोई भी बेरोजगार न हो। 50 साल से अधिक आयु के लोगों को अगले तीन महीनों के लिए घर पर रहने के लिए कहा गया है, क्योंकि उन्हें कोविड -19 का अधिक खतरा है। आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस हमेशा सेट पर होनी चाहिए।

वर्कर के परिवार को देने होंगे 50 लाख

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Source – fusionproduction

यदि कोरोनावायरस से किसी वर्कर की मृत्यु हो जाती है, तो चैनल और प्रोड्यूसर को वर्कर के परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा देना होगा और उनके इलाज के खर्च का भी ध्यान रखना होगा। आकस्मिक मौतों के लिए, निर्माताओं ने 40-42 लाख रुपए दिए हैं, लेकिन FWICE ने न्यूनतम मुआवजा राशि 50 लाख रुपए रखी है। यह वर्कर्स के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा, जिन्हें यह आश्वासन दिया जाएगा कि अगर उनके साथ कुछ होता है तो निर्माता उनके परिवार की देखभाल करेंगे और काम पर आने के लिए तत्पर रहेंगे।

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