मैं उस मुलाकात को भूल गया, लेकिन मुझे उस मासूम चेहरे की याद आ गई
अली पीटर जॉन मेरे ख्वाबों के काफिलों ने मुझे खुद एक गजब का ख्वाब बना दिया और मेरी सारी जिन्दगी मेरे ख्वाबों को जिंदा रखने में गुजर गई हैं। लेकिन मैंने यह तय किया है की जबतक जिंदा हूँ अपने ख्वाबों का साथ मैं कभी छोड़ूगा नहीं, और आज मैंने एक कलि का ख्वाब द
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