Bollywood Festival Songs

ताजा खबर: आज बॉलीवुड फिल्मों में होली के गाने एक परंपरा बन चुके हैं. रंग, गुलाल, ढोल-नगाड़ों और मस्ती से भरपूर ये गाने फिल्मों में उत्सव का माहौल बना देते हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि हिंदी सिनेमा में होली गीतों की शुरुआत आज़ादी से पहले ही हो चुकी थी. इसका श्रेय जाता है मशहूर फिल्मकार Mehboob Khan को, जिन्होंने सबसे पहले सिल्वर स्क्रीन पर होली के रंग बिखेरे.

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1940 में आया पहला होली गीत (First Holi Song in Bollywood)

साल 1940 (Aurat 1940 Film)में रिलीज हुई फिल्म Aurat (Mehboob Khan Aurat)हिंदी सिनेमा के इतिहास में खास जगह रखती है. इसी फिल्म में पहला होली गीत फिल्माया गया था—“आज होली खेलेंगे साजन के संग (Aaj Holi Khelenge Sajan Ke Sang song).” यह गाना उस दौर में काफी लोकप्रिय हुआ. खास बात यह है कि उस समय फिल्में ब्लैक एंड व्हाइट हुआ करती थीं, लेकिन मेहबूब खान ने रंगों के इस त्योहार को बड़े खूबसूरत अंदाज में पर्दे पर उतारा.इस गीत को अनिल बिस्वास ने गाया और संगीत भी उन्होंने ही दिया था. गीत के बोल सफदर आह ने लिखे थे. यह उस दौर का एक अनोखा प्रयोग था, जिसने आगे चलकर बॉलीवुड में होली गीतों की परंपरा की नींव रखी.

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एक ही फिल्म में दो होली गीत (Bollywood Holi Songs History)

फिल्म औरत की एक और खास बात यह थी कि इसमें एक नहीं, बल्कि दो होली गीत शामिल किए गए थे. दूसरा गीत था—“जमुना तट पर होली खेलत श्याम (Jamuna Tat Par Holi Khelat Shyam).” इसके बोल विनय बिहारी ने लिखे थे. दोनों ही गाने उस समय दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुए.यह पहली बार था जब किसी फिल्म में होली जैसे पारंपरिक त्योहार को इतने विस्तार से दिखाया गया. मेहबूब खान ने इस फिल्म के जरिए यह साबित कर दिया कि भारतीय त्योहारों को सिनेमा में खूबसूरती से पेश किया जा सकता है.

आज़ादी से पहले बनी थी ‘औरत’

औरत 1940 में रिलीज हुई थी, यानी भारत की आज़ादी से सात साल पहले. इस फिल्म में सरदार अख्तर, सुरेंद्र, याकूब, कन्हैयालाल और अरुण कुमार आहूजा जैसे कलाकार नजर आए थे. फिल्म का संगीत अनिल बिस्वास ने दिया था और संवाद वजाहत मिर्जा ने लिखे थे.इस फिल्म ने न केवल सामाजिक विषयों को छुआ, बल्कि भारतीय संस्कृति और त्योहारों को भी प्रमुखता दी. यही वजह है कि इसे भारतीय सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में गिना जाता है.

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आगे बढ़ी होली गीतों की परंपरा

औरत के बाद बॉलीवुड में होली गीतों का सिलसिला शुरू हो गया. समय के साथ कई यादगार होली गाने सामने आए, जिन्होंने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई.

जैसे—

  • “रंग बरसे” (सिलसिला)

  • “होली के दिन दिल खिल जाते हैं” (शोले)

  • “होली खेले रघुवीरा” (बागबान)

  • “बलम पिचकारी” (ये जवानी है दीवानी)

  • “डू मी ए फेवर, लेट्स प्ले होली” (वक्त)

इन गानों ने होली को फिल्मों का अहम हिस्सा बना दिया. आज होली का त्योहार इन गीतों के बिना अधूरा सा लगता है.

सिनेमा में रंगों की शुरुआत

हालांकि उस समय फिल्में श्वेत-श्याम थीं, लेकिन मेहबूब खान ने होली के माध्यम से रंगों और उत्सव की भावना को पर्दे पर जीवंत किया. बाद में जब रंगीन फिल्मों का दौर आया, तो होली गीत और भी भव्य और आकर्षक हो गए.

FAQ

हिंदी सिनेमा का पहला होली गीत कौन सा था?

उत्तर: हिंदी सिनेमा का पहला होली गीत “आज होली खेलेंगे साजन के संग” था, जो 1940 में रिलीज हुई फिल्म औरत में फिल्माया गया था.

फिल्म ‘औरत’ कब रिलीज हुई थी?

उत्तर: फिल्म औरत साल 1940 में रिलीज हुई थी, यानी भारत की आज़ादी से पहले.

फिल्म ‘औरत’ के निर्देशक कौन थे?

उत्तर: इस फिल्म का निर्देशन मशहूर फिल्मकार Mehboob Khan ने किया था.

पहले होली गीत के संगीतकार और गायक कौन थे?

उत्तर: “आज होली खेलेंगे साजन के संग” गीत को अनिल बिस्वास ने गाया था और संगीत भी उन्होंने ही दिया था. इसके बोल सफदर आह ने लिखे थे.

क्या फिल्म ‘औरत’ में एक से ज्यादा होली गीत थे?

उत्तर: जी हां, इस फिल्म में दो होली गीत थे—“आज होली खेलेंगे साजन के संग” और “जमुना तट पर होली खेलत श्याम.”

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