Ramesh Sippy Birthday Special: सीता और गीता से शोले और शान से लेकर शिमला मिर्च तक
बीते लम्हें: कुछ पुरुष (और महिलाएं) भाग्य से धन्य होते हैं या इसे वह अज्ञात शक्ति कहते हैं जो मनुष्य की ओर ले जाती है और कोई शक्ति, कोई बल और कोई भय नहीं बदल सकता है.
बीते लम्हें: कुछ पुरुष (और महिलाएं) भाग्य से धन्य होते हैं या इसे वह अज्ञात शक्ति कहते हैं जो मनुष्य की ओर ले जाती है और कोई शक्ति, कोई बल और कोई भय नहीं बदल सकता है.
धर्मेंद्र के 90वें जन्मदिन के सिर्फ तीन दिन बाद क्लासिक फिल्म ‘शोले: द फाइनल कट 4K’ देशभर के 1500 थिएटर्स में फिर से रिलीज की जा रही है। निर्देशक रमेश सिप्पी ने इस मौके पर कहा कि धर्मेंद्र जैसा दूसरा कलाकार कभी नहीं हो सकता.......