Sajid Nadiadwala Son

बॉलीवुड के जाने-माने निर्माता साजिद नाडियाडवाला के बेटे सुभान नाडियाडवाला अब फिल्मी दुनिया में अपने कदम रखने जा रहे हैं. उनकी डेब्यू फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी है, और खास बात यह है कि इस फिल्म का एक गहरा भावनात्मक कनेक्शन दिवंगत अभिनेत्री दिव्या भारती से जुड़ा है. यह फिल्म ना सिर्फ एक नई शुरुआत है, बल्कि दिव्या भारती की यादों को फिर से जीवित करने की एक संवेदनशील कोशिश भी कही जा सकती है.

सुभान नाडियाडवाला का डायरेक्शन डेब्यू

साजिद नाडियाडवाला के बेटे

सुभान नाडियाडवाला अपनी पहली फिल्म में डायरेक्टर के रूप में नजर आएंगे. फिल्म का नाम फिलहाल सामने नहीं आया है, लेकिन यह एक रोमांटिक ड्रामा होगी, जिसमें 90 के दशक की फील के साथ आज के दौर की ताजगी को मिलाया गया है. यह फिल्म नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट (NGE) के बैनर तले बन रही है. सुभान ने इस फिल्म में नए चेहरों को मौका दिया है, और इसका संगीत भी खास तैयार किया जा रहा है.

दिव्या भारती से प्रेरणा

इस फिल्म का सबसे खास पहलू इसका दिव्या भारती से जुड़ाव है. रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फिल्म 1997 में आई 'ऐसी दीवानगी देखी नहीं कहीं' से प्रेरित है, जिसमें दिव्या भारती और जितेंद्र ने मुख्य भूमिका निभाई थी. भले ही वह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औसत रही हो, लेकिन उसका टाइटल ट्रैक आज भी फैंस की जुबां पर है. सुभान की यह फिल्म उसी भावना को एक नई पीढ़ी की कहानी के रूप में पेश करने की कोशिश है.

पिता साजिद नाडियाडवाला का समर्थन

Sajid Nadiadwala

फिल्म निर्माता साजिद नाडियाडवाला अपने बेटे के पहले निर्देशन प्रयास में पूरा साथ दे रहे हैं. साजिद, जो 'किक', 'हाउसफुल', 'टाइगर जिंदा है' और 'हीरोपंती' जैसी हिट फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, सुभान को पूरी क्रिएटिव आज़ादी दे रहे हैं. उन्होंने बेटे को सलाह दी है कि वो अपनी कहानी और विजन पर भरोसा रखे और नए टैलेंट को मौका दे.

 दिव्या भारती के लिए एक ट्रिब्यूट

 Sajid Nadiadwala

दिव्या भारती और साजिद नाडियाडवाला की प्रेम कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी. उनकी पहली मुलाकात 1992 में फिल्म 'शोला और शबनम' के सेट पर हुई थी, जहाँ गोविंदा ने दोनों को मिलवाया. दोनों ने उसी साल गुपचुप शादी कर ली, लेकिन 1993 में दिव्या के आकस्मिक निधन ने इस रिश्ते को अधूरा छोड़ दिया. दिव्या की मौत के समय वो सिर्फ 19 साल की थीं.अब, वर्षों बाद, साजिद के बेटे की पहली फिल्म में दिव्या के नाम और उनकी फिल्मों की झलक मिलना, एक भावुक श्रद्धांजलि के समान है. यह फिल्म ना केवल एक नई शुरुआत है, बल्कि दिव्या भारती के चाहने वालों के लिए एक इमोशनल कनेक्शन भी बन सकती है.

 

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