जेएनयू हमले पर जो आलिया भट्ट ने कहा वो आपको जरुर जानना चाहिए

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आलिया भट्ट

देश में इन्टोलेरेंस (असहिष्णुता) बढ़ गई है जी हां जो इस समय देश की हालत है उससे तो यही लगता है की अब बहुत हो गया अब लोग सहन नही कर पा रहे हैं भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां सबको विचार रखने का पूरा अधिकार है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं की पिछले काफी दिनों से नागरिकता कानून के लागू होने के विरोध में देश में जगह-जगह हिंसात्मक प्रदर्शन हो रहे हैं जिसमें गरीब का घर जल रहा है तो किसी की रोजी रोटी का साधन जलकर राख हो रहा है तो कई लोग घायल हो रहे हैं तो कई अस्पताल में भर्ती है। नागरिकता कानून के खिलाफ बोलने पर जो सबसे ज्यादा दर्द झेल रहे हैं वो जेएनयू (JNU) और जामिया के छात्र हैं, जी हां पिछले साल दिसंबर महीने में पुलिस ने जामिया के अंदर घुसकर छात्रों पर लाठीचार्ज किया था क्योंकि वो नागरिकता कानून पर प्रदर्शन कर रहे हैं थे और अब एक बार फिर जेएनयू छात्रों पर हमला हुआ लेकिन इस बार हमले की शक्ल थोड़ी बदल दी गई है। जी हां 5 जनवरी की शाम कुछ लोगों ने मास्क लगाकर जेएनयू में घुसकर छात्रों और टीचरो को पीटा. तीन हॉस्टलों में तोड़फोड़ की गई. इस अटैक में कुछ लगभग दो दर्जन से ज़्यादा लोगों के घायल होने की खबरें हैं।

जामिया और जेएनयू (JNU) छात्रों पर हुए इन हमलों की बॉलीवुड की कई जानीमानी हस्तियां विरोध कर रही हैं कई लोग बिल्कुल डायरेक्ट यानि किसी की परवाह ना करते हुए खुलकर बोल रहें हैं तो कुछ लोग ऐसा बयान दे रहे हैं की उनका काम भी हो जाए और कोई उनसे नाराज भी ना हो। यानि सब बीच का रास्ता अपना रहे हैं ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं  क्योंकि देश में इस वक्त मोदी सरकार का राज है और पिछले साल कुछ बॉलीवुड हस्तियां पीएम मोदी से मिलने दिल्ली आई थी। इनमें राजकुमार राव, आयुष्मान खुराना, आलिया भट्ट, रणबीर कपूर, विक्की कौशल, रणबीर कपूर, रणवीर सिंह, सिद्धार्थ मल्होत्रा, भूमि पेडनेकर, रोहित शेट्टी, एकता कपूर, करन जौहर, अश्विनी अय्यर तिवारी सहित कई बॉलीवुड हस्तियां पीएम मोदी से दिल्ली में मिली थी। इनमें से ज्यादातर हस्तियों ने चुप्पी साधी हुई है तो कईयों ने अपनी बात सीधे तौर पर नही कही लेकिन जो आलिया भट्ट ने कहा वो आपको जरुर जानना चाहिए। चलिए हम आपको बताते हैं किसने क्या कहा

राजकुमार राव

दरअसल जेएनयू में हुए नकाबपोशी  हमले को लेकर बॉलीवुड एक्टर राजकुमार राव ने ट्विटर पर पोस्ट करते हुए कहा

हैशटैगजेएनयू में जो भी हुआ, वह शर्मनाक, डरावना और दिल तोड़ने वाला है। इन हमलों के पीछे जो भी है, उसे सजा जरूर मिलनी चाहिए। हैशटैगजेएनयूहिंसा।

इसके अलावा राजकुमार राव ने पिछले साल दिसंबर में जामिया मिलिया पर हुए हमले पर भी अपनी बात रखी थी राजकुमार ने ट्वीट कर कहा था की

छात्रों के मामले में पुलिस ने जिस तरह की हिंसा का सहारा लिया मैं उसकी निंदा करता हूं. लोकतंत्र में नागरिकों शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है. इसके साथ ही मैं किसी भी तरह की सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करने की भी निंदा करता हूं. किसी भी समस्या का समाधान हिंसा नहीं है.

विक्की कौशल

वही एक्टर विक्की कौशल ने हाल ही में हुए जेएनयू छात्रों पर हमले पर तो कुछ नही बोला लेकिन पिछले साल दिसंबर में हुए जामिया के छात्रों पर हमले पर ट्वीट करते हुए कहा था की

जो हो रहा है, वह सही नहीं है। जिस तरह से यह हो रहा है, वह सही नहीं है। लोगों के पास अधिकार है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपने विचार रख सकें। यह हिंसा काफी दुखद है और साथ ही इसकी वजह से हमें अपने साथियों की चिंता हो रही है। किसी भी परिस्थिति में, लोकतंत्र से हमारा विश्वास नहीं हिलना चाहिए।

आयुष्मान खुराना

इस हमले पर आयुष्मान खुराना ने भी ट्वीट किया है आयुष्मान खुराना ने एक कविता के द्वारा अपनी बात कहने की कोशिश की है

इंसानियत से बड़ा कुछ नहीं
धर्म नहीं, सियासत नहीं.
धन नहीं, विरासत नहीं.
किसी की हो सोच नई, हो अलग तो अलग सही,
पर तुझे उस सोच को नोचने का हक़ नहीं,
यही भारत का लोकतंत्र है,
और इसमें किसी को शक़ नहीं।

आयुष्मान ने इसके अलावा पिछले साल हुए जामिया पर हुए हमले और नागरिकता कानून पर ट्वीट कर जामिया के छात्रों का समर्थन किया था आयुष्मान ने लिखा था की

जिन हालातों से छात्र गुजरें है मुझे उस पर गहरा दुख है। मैं इस बात की कड़ी निंदा करता हूं। हम सभी को अपनी अभिव्यक्ति की मौलिक स्वतत्रंता का विरोध और प्रदर्शन करने का अधिकार है। हालांकि प्रदर्शन उग्र नही होना चाहिए था, ना ही सार्वजानिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाना चाहिेए था यह प्रतिकूल है। प्रिय देशवासियों यह गांधी जी की धरती हैं। अभिव्यक्ति का रास्ता अहिंसा ही होना चाहिे लोकतंत्र में विश्वास रखें।

सिद्धार्थ मल्होत्रा

 वही एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा ने भी जेएनयू पर हुए हमले पर ट्वीट कर कहा है की

इस तरह के हिंसक माहौल का गवाह होना जहां दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की राजधानी में छात्र सुरक्षित नहीं हैं! अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्रवाई करने और न्याय लाने की जरूरत है!

वही सिद्धार्थ ने पिछले साल जामिया हिंसा में घायल छात्रों को लेकर बात कही थी सिद्धार्थ ने लिखा है –

दिल्ली के सभी छात्रों से मेरा दिल से जुड़ाव है । हमारे जैसे लोकतंत्र में, शांतिपूर्ण विरोध के माध्यम से नागरिकों को अपनी राय देने के लिए हिंसा का सहारा लेना दुखद है। हमारे देश में किसी भी प्रकार की हिंसा और मंशा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। मैं इस कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं ।

आलिया भट्ट

बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर पोस्टर शेयर करते हुए कहा की

हर दिन मामला और डिस्टर्बिंग होता जा रहा है. चल क्या रहा है? जब स्टूडेंट, टीचर्स और शांतिपूर्ण तरीके से प्रोटेस्ट करने वाले लोग रेगुलर तरीके से शारीरिक हमले का शिकार होने लगते हैं, तब हमें ये दिखावा बंद कर देना चाहिए कि सब कुछ ठीक है. हमें सच्चाई का सामना करना चाहिए. ये स्वीकार करना चाहिए कि हम गृह युद्ध में शामिल हो चुके हैं. इस देश के लोग हमारी विचारधारों से कितने भी अलग क्यों न हों, हमारी सभी मुश्किल समस्याओं का मानवीय सॉल्यूशन खोजा जाना चाहिए. और उन शांतिपूर्ण और इनक्लूसिव (समावेशी) आदर्शों को मजबूत करना चाहिए, जिन पर ये देश बना था. कोई भी विचारधारा जो हमें अलग करती हो, हम पर ज़ुल्म करती हो और हिंसा को बढ़ावा देने का प्रयास करती हो, उसका हमें मजबूती से विरोध करना चाहिए.

इतना ही नही आलिया भट्ट ने ट्विंकल ख्न्ना की ट्वीट को रिट्वीट भी किया है ट्विंकल ने एक अखबार की कटिंग को शेयर करते हुए लिखा है की

भारत, जहां गायों को छात्रों से ज्यादा सुरक्षा प्राप्त है। यह वह देश है जिसने डर में जीने से इनकार कर दिया है। आप हिंसा करके लोगों को दबा नहीं सकते…और ज्यादा विरोध होगा, प्रदर्शन ज्यादा होंगे, सड़कों पर ज्यादा लोग उतरेंगे।

आलिया के इस पोस्ट और कदम से साफ है की अब उन्हें किसी की परवाह नही है उन्हें सिर्फ इंसानियत की फिक्र है।

बता दें की कई बॉलीवुड सेलेब्स है जिन्हें किसी का डर नही वो प्रशासन दब नही रहें और खुलकर इन सभी हमलों का विरोध कर रहे हैं। इनमें अनुराग कश्यप, स्वरा भास्कर, अनुभव सिन्हा, मोहम्मद जीशान अय्यूब, रिचा चड्ढा जैसे नाम लिस्ट में सबसे ऊपर है।

 

खैर हम तो यही कहेंगे की हिंसा किसी मुद्दे का हल नही है और अभिव्यक्ति की आजादी का ज्यादा फायदा उठाना भी किसी चीज का हल नही अब पहले किसी भी मुद्दे को अच्छी तरह से समझे अफवाहें ना फैलाएं कोई भी चीज जिसमें बदलाव होता है दर्द होता है लेकिन अगर वो बदलाव देश के अच्छे के लिए हो तो उस दर्द को थोड़ा सहन करो।

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Pankaj Namdev