सोनम कपूर (Sonam Kapoor) हाल ही में किंग चार्ल III (King Charles III) राज्याभिषेक के संगीत कार्यक्रम के लिए अनामिका खन्ना (Anamika Khanna) और एमिलिया विकस्टेड (Emilia Wickstead) का को-डिज़ाइन किया हुआ एक गाउन पहना था. इस प्रोग्राम के बाद सोनम कपूर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. तस्वीरों को देख कुछ लोगों ने उनकी ड्रेस को चादर जैसा बताया. जिसके बाद अब एक फैशन ब्लॉगर ने सोनम के कोरोनेशन गाउन पर चिंट्ज प्रिंट फैब्रिक के 'अनूठे इतिहास' के बारे में डिटेल से बताया है और एक्ट्रेस ने उनके लुक की 'पूरी बात समझने' के लिए उनका शुक्रिया अदा किया है.
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मंगलवार को, आमिर अली शाह (Aamir Ali Shah) नाम के एक फैशन ब्लॉगर ने इंस्टाग्राम पर बताया कि कितने इंडियन और पाकिस्तानी ब्रांड आज इस कपड़े के इतिहास के बारे में जाने बिना ' चिंट्ज़ प्रिंट का उपयोग इस्तेमाल करते हैं. फैशन ब्लॉगर नें उन सभी लोगो को बताया जिन्होंने सोनम के राज्याभिषेक वाली ड्रेस पर सवाल उठाया था. साथ ही उन्होंने उन्हें इंडियन 'चादर, पर्दे और असबाब के लिए ज्यादातर इस्तेमाल किए जाने वाले प्रिंट के बारे में बताया था.
सोनम कपूर के आउटफिट की तस्वीर शेयर करते हुए आमिर ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "सोनम कपूर की इस फोटो के नीचे एक कमेंट पढ़िए, जिसमें लिखा है कि इसमें क्या खास है. यह बेडशीट जैसा दिखता है. खैर बात ये 'चिंट्ज' प्रिंट्स की है. अब आमतौर पर चादरें, पर्दे और असबाब के लिए उपयोग किया जाता है, जो इंडिया के कोरोमंडल तट के साथ चींट के रूप में जन्मा है. एक बार दुनिया भर में सबसे बेशकीमती होने के बाद, चिंट्ज़ ने वर्ल्ड लेवल पर फैशन और डिजाइन में क्रांति लाने में मदद की. "
इसके साथ कपड़े के इतिहास के बारे में लिखा, "इससे पहले कि यूरोप इन प्रिंटों का दावा करता, एक सादे बुनाई वाले चमकदार सूती कपड़े को मुद्रित किया जाता था, या डार्क कलर्स में डिजाइन किया जाता था और दशकों तक समुद्र के पार कारोबार किया जाता था. यूरोपीय लोगों ने अपने घरों को जीवंत मैडर और इंडिगो रंगों के साथ विदेशी वनस्पतियों और जीवों को चित्रित करने के लिए 'इंडियन' डिज़ाइन कोआडोप्ट किया. क्योंकि बाहर का मौसम अक्सर ग्रे और बादल भरा होता था. 17वीं शताब्दी तक इन इंडियन प्रिंटेड कॉटन का बिजनेस फलता-फूलता था. तब यूरोपीय कपड़ा प्रोड्क्शन का विरोध किया और यहां तक कि 'हीथेंस एंड पैगन्स' का बनाए गए 'तावड़ी, बेस्पोटेड' कॉटन के खिलाफ दंगे भी किए. औपनिवेशिक उद्यमों ने इंडिया से कपास पर रोक लगा दि. जिससे नीदरलैंड, ब्रिटेन और फ्रांस में नकली चिंट्ज़ का उत्पादन होने लगा. यह केवल तब था जब यूरोपीय पक्षियों और पौधों को चित्रित करने के लिए रूपांकनों और डिजाइनों को धीरे-धीरे बनाया गया था. इसके आगे भी फैशन ब्लॉगर ने इस डिजाइन के इतिहास के बारे में बहुत कुछ बताया.
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इसके बाद सोनम कपूर ने अपने पोस्ट पर रिएक्शन देते हुए कमेंट सेक्शन में लिखा, "इसे समझने के लिए धन्यवाद" वोग इंडिया की एक हालिया रिपोर्ट के हिसाब से , जहां सोनम का गाउन एमिलिया विकस्टेड ने डिजाइन किया था, वहीं अनामिका खन्ना ने इसे पूरा करने के लिए कैलिको-प्रेरित प्रिंट का योगदान दिया. रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडियन डिजाइनर ने 17वीं और 18वीं सदी के केलिको प्रिंट्स से इंसपरेशन ली, जो आगे चलकर इंडिया और ब्रिटेन के बीच आम तौर पर बिजनेस की जाने वाली वस्तु थी.
एक्टिंग से लंबे ब्रेक के बाद अब सोनम कपूर शोम मखीजा (Shome Makhija) की ‘ब्लाइंड’ (Blind) के साथ वापसी करने की तैयारी में हैं. पिछले साल अगस्त में अपने बेटे वायु कपूर आहूजा (Vayu Kapoor Ahuja) को जन्म देने के बाद से यह उनकी पहली फिल्म होगी.