/mayapuri/media/media_files/2026/02/23/dsd-2026-02-23-14-47-46.jpeg)
हिंदी सिनेमा की बेहतरीन और खूबसूरत अदाकारा तापसी पन्नू (Taapsee Pannu) की कोर्टरूम ड्रामा फिल्म ‘अस्सी’ (Assi) 20 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. रिलीज के बाद से ही इस क्राइम कोर्टरूम ड्रामा को दर्शकों और समीक्षकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है. इस फिल्म के जरिए तापसी पन्नू और निर्देशक अनुभव सिन्हा (Anubhav Sinha) की जोड़ी ने एक बार फिर समाज को आईना दिखाने का काम किया है. हाल ही में तापसी पन्नू और निर्देशक अनुभव सिन्हा ने एक इंटरव्यू में फिल्म से जुड़े कई अहम पहलुओं पर बात की. उन्होंने फिल्म के विषय, अपने अनुभव और इसके संदेश के बारे में खुलकर चर्चा की. आइए जानते हैं, उन्होंने इस बातचीत में क्या कुछ कहा.......
![]()
/mayapuri/media/post_attachments/ibnlive/uploads/2026/02/viralbhayani-2026-02-21T122729.398-2026-02-fe0980165e9ee0a1c8f655b3c3eefd3c-3x2-810080.png)
‘अस्सी’ का विषय आपको आकर्षण क्यों लगा, और यह किस महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाती है?
तापसी- मुझे लगता है कि ‘अस्सी’ वहां शुरु होती है जहां ‘पिंक’ (Pink) का अंत था. फिल्म का विषय सबसे बड़ा आकर्षण है. यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात करती है. एक अभिनेता के रूप में स्क्रिप्ट और उसका चुनौतीपूर्ण किरदार मुझे उत्साहित करता है. इस फिल्म के लिए मन में भावना यह है कि जब आप लड़ते हैं, तो आप जीतते हैं. बस आपको लड़ना शुरू करना होता है. (Assi courtroom drama Taapsee Pannu Anubhav Sinha interview)

Also Read: Gurmeet Choudhary ने पत्नी Debina Bonnerjee और बेटी संग मनाया 42वां जन्मदिन
क्या वजह रही कि आपने इस कहानी को फिल्म के रूप में पेश करने का फैसला किया, और क्यों आपको लगा कि इसे थिएटर रिलीज मिलनी चाहिए?
अनुभव सिन्हा - मैंने और गौरव सोलंकी (Gaurav Solanki) ने मिलकर इस फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी है और हमें लगा कि इस विषय पर फिल्म बननी चाहिए. यह फिल्म मनोरंजन के साथ एक गंभीर सामाजिक मुद्दे को उठाती है. निर्देशक और कलाकार दोनों का मानना है कि ऐसी फिल्मों का उद्देश्य दर्शकों को सिर्फ कहानी दिखाना नहीं, बल्कि उन्हें सोचने और समस्या का सामना करने के लिए प्रेरित करना है और आप जो फिल्म में मुद्दा उठा रहे हो उसे उचित ठहराना भी होता है क्योंकि दर्शक अपने पैसे और समय निकाल कर फिल्म देखने के लिए जाता है.
![]()
एक फीमेल लीड के तौर पर इस फिल्म में काम करना आपके लिए कितना चुनौतीपूर्ण रहा?
तापसी- इस फिल्म में मैं पीड़ित के किरदार में नहीं हूं, बल्कि अलग दृष्टिकोण से कहानी का हिस्सा हूं. यही मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती थी. क्योंकि अगर मैं पीड़िता का किरदार निभाती और उस इमोशन को दर्शकों तक लाती तो वो शायद मेरे लिए थोड़ा आसान होता. लेकिन इस बार मैं पीड़िता के लिए उसकी वकील बनकर आवाज उठा रही हूं.
/mayapuri/media/post_attachments/outlookindia/2026-02-12/hl5v415v/Screenshot-1947-11-23-at-16.05.14-923789.png?auto=format%2Ccompress&fit=max&format=webp&w=768&dpr=1.0)
क्या आपको लगता है कि मैसेज और मनोरंजन के बीच तालमेल बैठाना इस तरह की फिल्मों में सबसे बड़ी चुनौती है?
अनुभव सिन्हा- चुनौती यह थी कि हम ऐसी फिल्म बनाएं जो मनोरंजक और दर्शकों को बांधे रखने वाली हो, लेकिन साथ ही अपनी सामाजिक जिम्मेदारी भी निभाए. यह एक इवेस्टिगेटिव थ्रिलर और कोर्टरूम ड्रामा है, जिसे दर्शक जल्दी पकड़ लें और फिल्म का इम्पैक्ट नॉर्मलाइजेशन ना करे.
क्या ‘अस्सी’ जैसी कहानियां दर्शकों को सोचने पर मजबूर करने के साथ असुविधा भी पैदा करती हैं?
तापसी- देखिए असहजता जरूरी है, क्योंकि वही आपको समस्या का सामना करने के लिए प्रेरित करती है. जब आप समस्या को आंखों में देखकर स्वीकार करते हैं, तभी बदलाव संभव होता है.
इस फिल्म में काम करने के बाद क्या आपके नजरिए में कोई बदलाव आया है?
अनुभव सिन्हा - ऐसे विषय हमेशा आपको सोचने पर मजबूर करते हैं. संवेदनशीलता पहले से थी, लेकिन हर बार ऐसे मुद्दों पर काम करने से समझ और गहरी होती है. मैं एक लड़की हूं मैं खुद इस कहानी से रिलेट कर पाती हूं. मैं इस विषय की सवेंदनशीलता को समझ सकती हूं.
Follow Us
/mayapuri/media/media_files/2026/02/20/cover-2681-2026-02-20-18-30-54.png)