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होली के साथ दीपिका पादुकोण का नाम आते ही उनके मस्ती भरे, फुट टैपिंग होली डांस जैसे 'बलम पिचकारी', 'मोहे रंग दो लाल' 'लहू मुंह लग गया', 'बेशरम रंग' आंखों के सामने नाच उठता है। दीपिका असल जिंदगी में भी होली को लेकर बहुत ही सुलझी हुई और भावुक यादें रखती हैं। दीपिका पादुकोण बॉलीवुड की उन अभिनेत्रियों में से हैं जो शोर-शराबे से ज्यादा सादगी और शांति को पसंद करती हैं। उनके लिए होली का मतलब हुड़दंग नहीं, बल्कि एक 'अनुष्ठान' जैसा है। उनकी होली अब पहले से बहुत बदल गई है, खासकर जब से उनकी बेटी 'दुआ' उनकी जिंदगी में आई है।
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दीपिका पादुकोण की बैंगलोर वाली होली की सादगी और अब 'दुआ' के संग रंगों भरी दुनिया के बारे में जानने के लिए सभी उत्सुक हैं।
दीपिका पादुकोण के लिए होली हमेशा से एक बहुत ही घरेलू और सादगी भरा त्यौहार रहा है। वे अक्सर याद करती हैं कि उनके बचपन की होली मुंबई या दिल्ली जैसी हुड़दंग वाली नहीं होती थी। दीपिका बताती हैं "होली बचपन से ही मेरे सबसे पसंदीदा त्योहारों में से एक रहा है। मुझे आज भी याद है कि स्कूल से वापस आने के बाद मैं अपने बिल्डिंग के फ्रेंडस के साथ, नीचे गार्डन में घंटों रंगों से खेला करती थी।" दीपिका बताती हैं कि उस वक्त त्योहार का उत्साह इतना होता था कि तैयारियां एक हफ्ते पहले ही शुरू हो जाती थीं। बैंगलोर के उन दिनों को याद करते हुए वे कहती हैं कि "वो बचपन की होली की यादें आज भी मेरे चेहरे पर मुस्कान ले आती बैंगलोर में हमारा बचपन बहुत ही अनुशासित था। पापा (प्रकाश पादुकोण जी) हमें सिखाते थे कि त्यौहार का मतलब शोर मचाना नहीं बल्कि परिवार के साथ वक्त बिताना है।" वे याद करती हैं कि बचपन में वे अपनी बहन अनीशा के साथ मिलकर बहुत ही सलीके से होली खेलती थीं। दीपिका कहती हैं "मुझे याद है होली के दिन मम्मी सुबह से ही हम दोनों बहनों को अपने सर और हाथ पांव में नारियल तेल से अच्छी तरह मालिश करने को कहती थी ताकि रंग त्वचा पर न चढ़े। तब हमें ये सब बहुत बोरिंग लगता था, लेकिन आज समझ आता है कि वो केयर कितना जरूरी था ।" (Deepika Padukone Holi memories)
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दीपिका अपने फैंस से कहती हैं "होली पर अपने बालों और त्वचा का ध्यान रखना मत भूलिए। ढेर सारा पानी पीजिए और हाइड्रेटेड रहिए। मैं अपने बालों को एक साइड चोटी या मेसी पोनीटेल में बांधना पसंद करती हूँ और सबसे जरूरी बात कि मैं खुद को हाइड्रेटेड रखती हूँ।" वे कहती हैं "होली का असली मतलब है अपने अंदर की कड़वाहट को खत्म करना। प्यार के रंगों में वो ताकत है कि वो पुराने से पुराने जख्म भर सकते हैं।"
बैंगलोर की बचपन की होलियों में दीपिका के लिए सबसे खास होता था होली त्यौहार के पकवान। वे बताती हैं, "होली के दिन घर में जो पकवान बनते थे, उनकी खुशबू ही त्यौहार का असली एहसास कराती थी। हम लोग अपने बिल्डिंग के नीचे थोड़ी बहुत देर के लिए होली खेलते थे और फिर नहा धोकर अपनी सहेलियों के साथ जमकर पकवान खाते थे। शाम को तैयार होकर एक-दूसरे के घर जाकर बधाई देते थे।"
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जब दीपिका मुंबई आईं और फिल्मों में काम करने लगी तो उनकी एक फिल्म 'ये जवानी है दीवानी में होली के एक जबर्दस्त डांस ने इस त्योहार के प्रति उनका नजरिया ही एकदम बदल दिया। उस फिल्म का गाना 'बलम पिचकारी' आज होली त्योहार की जान और शान मानी जाती है। (Deepika Padukone childhood Holi Bangalore)
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दीपिका हंसते हुए कहती हैं कि "हकीकत में मुझे बहुत ज्यादा कीचड़ या पक्के रंगों वाली होली कभी पसंद नहीं रही। मुझे गुलाल से खेलना ज्यादा अच्छा लगता है। लेकिन उस गाने की शूटिंग के दौरान हमने जो रंग का खेल शूट किया, तो वो होली की मस्ती का एक मिसाल ही बन के रह गया और उस होली गीत ने मुझे होली का एक नया नजरिया दिया।"
रणवीर सिंह से शादी के बाद दीपिका की होली में एक अलग सा 'जोश' और 'एनर्जी' जुड़ गई है। रणवीर खुद बहुत उत्साही इंसान हैं, लेकिन दीपिका ने उनके उत्साह को भी अब अपनी सादगी में ढाल लिया। दीपिका बताती हैं, "शादी के बाद हमारी कोशिश होती है कि हम होली का दिन अपने परिवार के साथ ही बिताएं। हम लोग बहुत बड़ी पार्टियों में जाना पसंद नहीं करते। घर पर ही म्यूजिक बजता है, अच्छा खाना होता है और बस हम दोनों अपने करीबी लोगों के साथ गुलाल से एक-दूसरे को रंग देते हैं।"
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अब जब उनकी जिंदगी में नन्हीं बेटी 'दुआ' आ गई है, तो इस बार की होली उनके लिए सबसे खास होने वाली है।दीपिका के लिए आज होली का सबसे बड़ा रंग उनकी बेटी 'दुआ' की मुस्कान है। वे कहती हैं कि "जब परिवार साथ होता है और मन में शांति होती है, वही मेरे लिए सबसे बड़ी होली है।" (Bollywood celebrities Holi traditions)
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दीपिका का कहना है कि एक माँ बनने के बाद आपकी हर खुशी आपके बच्चे के इर्द-गिर्द घूमने लगती है। दुआ के आने के बाद अब घर में एक अलग ही रौनक है।" दीपिका चाहती हैं कि दुआ भी त्यौहारों को उसी सादगी और संस्कारों के साथ सीखे जैसे उन्होंने सीखा है। वे कहती हैं कि "मैं दुआ को दिखाना चाहती हूं कि रंग कितने खूबसूरत होते हैं, लेकिन साथ ही ये भी कि हमें अपनी त्वचा और पर्यावरण का ध्यान रखना है।"
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दीपिका की होली की यादों में एक बहुत ही अजीब और मजेदार घटना भी शामिल है। वे बताती हैं कि उन्हें होली के त्यौहार में रंग की जगह 'अंडे' का इस्तेमाल बिल्कुल पसंद नहीं हैं। इस बारे में वे एक दिलचस्प किस्सा साझा करती हैं कि एक बार होली के दिन उन्हे एक बहुत जरूरी, अनअवॉइडेवल काम से बाहर निकलना पड़ा। उनके साथ उनकी मॉम भी थी
। अभी वे रोड क्रॉस कर ही रहे थे कि किसी ने छुपकर उनपर एक अंडा उछाल दिया जो उनके मॉम पर गिरकर फूटी।
दीपिका बोली, "यह हरकत इतना बुरा और गन्दा लगा हम दोनों को कि क्या बताएं।" बाद में उनकी मॉम ने दीपिका से कहा था कि शायद कोई दीपिका को निशाना करके अंडा फेंका था लेकिन अंडा गलती से माँ को लग गया।
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दीपिका के हिसाब से होली कैसे मनानी चाहिए? इस पर उनके विचार बहुत ही आधुनिक और जिम्मेदार हैं। वे कहती हैं, "आज के समय में हमें 'ऑर्गेनिक' रंगों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। मैं जब बच्ची थी तब ऑर्गेनिक कलर नहीं होते थे। सारे कलर बहुत हार्ड केमिकल के होते थे। सच तो यह है कि केमिकल वाले रंगों से किसी को नुकसान पहुंचाना होली नहीं है।" वे पानी बचाने की भी पुरजोर वकालत करती हैं। उनका मानना है कि "जबरदस्ती किसी पर पानी डालना या जानवरों को परेशान करना बहुत गलत है। त्यौहार खुशियां बांटने के लिए है, किसी को तकलीफ देने के लिए नहीं।"
शादी के बाद रणवीर सिंह के साथ उनकी होली में आनंद और बढ़ गया है। दीपिका बताती हैं कि "रणवीर बहुत ही एनर्जी से भरे इंसान हैं, लेकिन वो भी मेरे साथ आकर थोड़े शांत हो जाते हैं। हम दोनों के लिए अब होली का मतलब है घर पर रहना, म्यूजिक सुनना और अपनों के साथ वक्त बिताना।" दीपिका ने एक बार कहा था कि "शादी के बाद हमारी पहली होली बहुत ही प्राइवेट थी, हमने बस एक-दूसरे को रंग लगाया और साथ में खाना खाया।" (Prakash Padukone family values Holi)
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दीपिका अब घर में सिर्फ फूलों और प्राकृतिक रंगों (Organic colors) से होली मनाने पर जोर देती हैं ताकि उनकी बेटी की नाजुक त्वचा को कोई नुकसान न हो।
उनका एक बहुत ही प्रेरणादायक विचार है, दीपिका कहती हैं कि "जिंदगी में रंगों का होना बहुत जरूरी है, लेकिन वो रंग प्यार और सम्मान के होने चाहिए। अगर आप किसी को रंग लगा रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि उसके चेहरे पर मुस्कान आए, गुस्सा या डर नहीं।" आज दीपिका के लिए होली का सबसे खूबसूरत रंग उनके परिवार की खुशहाली है।
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दीपिका के लिए होली खेलने का मतलब सिर्फ मस्ती नहीं, बल्कि उसके बाद का 'मी टाइम' भी है। वे कहती हैं कि "होली खेलना बहुत थका देने वाला हो सकता है। होली के दिन मैं घर से निकलते समय भी बालों और हाथ पैरों में नारियल तेल ल्गा कर निकलती हूँ और जब घर लौटती हूँ, तो मुझे नहा धोकर नारियल तेल से फिर से त्वचा की मालिश करना और एक कप गरमा-गरम कॉफी पीना बहुत पसंद है।" (Deepika Padukone lifestyle and festivals)
रणवीर और दीपिका की होली अब पारिवारिक परंपराओं का संगम बन गई है। दीपिका बताती हैं कि " किसी भी त्योहार पर मैं और रणवीर अपने घर पर एक छोटी सी पूजा के साथ दिन की शुरुआत करते हैं। इसके बाद हम अपने ससुराल यानी भवनानी परिवार के घर जाते हैं, जहाँ पादुकोण और भवनानी दोनों परिवार मिलकर जश्न मनाते हैं।" उनके लिए ये दिन अब अपनी 'प्राइवेसी' और परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का जरिया बन गया है।
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इस बार की होली दीपिका के लिए जीवन का सबसे खूबसूरत अनुभव होने वाली है क्योंकि उनकी गोद में उनकी नन्हीं परी 'दुआ' है। एक माँ के तौर पर दीपिका अब और भी ज्यादा सतर्क हैं। वे चाहती हैं कि दुआ रंगों के इस त्योहार को अपनी संस्कृति के एक हिस्से के रूप में देखें। दीपिका कहती हैं कि "परिवार और परंपराएं ही हमें जमीन से जोड़कर रखती हैं।"
दीपिका का मानना है कि होली को प्रामाणिक तरीके से मनाना चाहिए। वे कहती हैं कि "काम की व्यस्तता के बीच भी मैं कोशिश करती हूँ कि त्योहार की गरिमा बनी रहे।" उनके हिसाब से होली मनाने का सबसे सही तरीका यही है कि आप अपनों के साथ रहें, सुरक्षित खेलें और हर पल का आनंद लें। दीपिका अक्सर कहती हैं कि "रंगों का ये त्योहार दिलों को जोड़ने के लिए है, न कि किसी को असुविधा पहुँचाने के लिए।"
दीपिका के लिए आज होली का सबसे गहरा रंग वो प्यार है जो उन्हें रणवीर और अपनी बेटी दुआ से मिलता है। वे मानती हैं कि "जब आप घर पर सुरक्षित महसूस करते हैं और अपने प्रियजनों के बीच होते हैं, वही असली होली है।"
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FAQ
Q1. Deepika Padukone के लिए होली का क्या मतलब है?
उनके लिए होली शांति, सादगी और परिवार के साथ समय बिताने का त्योहार है।
Q2. दीपिका पादुकोण की बचपन की होली कैसी थी?
वह बैंगलोर में दोस्तों और बहन के साथ सादगी से रंगों के साथ खेलती थीं।
Q3. दीपिका पादुकोण के पिता Prakash Padukone ने उन्हें क्या सिखाया?
उन्होंने सिखाया कि त्योहार शोर-शराबे के बजाय परिवार के साथ समय बिताने के लिए होते हैं।
Q4. दीपिका की होली में क्या बदलाव आया है?
बेटी दुआ के आने के बाद उनकी होली और भी खास और भावनात्मक हो गई है।
Q5. बचपन में होली की क्या तैयारियां होती थीं?
वे एक हफ्ते पहले से तैयारी करती थीं और परिवार के साथ त्योहार का आनंद लेती थीं।
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