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शाहरुख खान और गौरी खान—
दिल्ली की वो 1984 की शाम आज भी उनकी प्यार की कहानी की शुरुआत मानी जाती है। पंचशील क्लब में एक साधारण सी पार्टी थी। वहां 18 साल का वो लड़का, थोड़ा संकोची, लेकिन आंखों में ढेर सारे सपने के साथ नजर आया । और वहीं एक 14 साल की नाजुक खूबसूरत लड़की भी दिखी, जो अपनी सहेलियों के साथ आई थी। उस लड़के ने उस लड़की को देखा और पहली नज़र में दिल हार बैठा। वो लड़का था युवा टीनेज शाहरुख खान और लड़की थी टीनेज गौरी जो आज शाहरुख की पत्नी है। शाहरुख ने एक बार मीडिया से कहा था कि उन्हें गौरी का डांसिंग स्टाइल बहुत अच्छा लगा, लेकिन बात करने की हिम्मत जुटाने में वक्त लगा। शाहरुख ने कहा, , “मैं बहुत पज़ेसिव था, मुझे अच्छा नहीं लगता था कि वो किसी और लड़के से बात करे।” यही नादानी आगे चलकर एक गंभीर बात बनी।
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एक बार जब गौरी अपने परिवार के साथ दिल्ली से मुंबई घूमने आई तब शाहरुख दिल्ली में ही थे। ऐसे में कुछ समय के लिए दोनों का संपर्क टूट गया। इससे शाहरुख बेचैन हो उठे। तब वे सचमुच उन्हें ढूंढते हुए मुंबई आ गए। उनके पास उस समय मुंबई में रहने का कोई ठिकाना नहीं था, ना कोई काम की गारंटी थी । बस मन में अपने प्यार को दुनिया की नजरो से बचाके अपना बनाने की धुन थी और अपने पर यकीन था। मुंबई आकर उन्होने गौरी को ढूंढ लिया और फिर उन्होने मुंबई को ही अपना कर्म क्षेत्र बनाने का फैसला किया। वे अभिनय जगत से जुड़ने के साथ साथ गौरी को हमेशा के लिए अपना बनाने के लिए जोड़ तोड़ करने लगे। शादी से पहले धर्म और परिवार की चिंताएँ भी आईं। गौरी के घरवालों को मनाने में समय लगा। 25 अक्टूबर 1991 को दोनों ने शादी की। बाद में शाहरुख ने कहा था, “अगर गौरी साथ ना होतीं, तो मैं सम्पूर्ण नहीं होता।” आज भी वो हर अवॉर्ड स्पीच में सबसे पहले उनका नाम लेते हैं।
अमिताभ बच्चन और जया बच्चन
‘गुड्डी’ के सेट पर कमसिन सी जया की मुलाकात अमिताभ बच्चन से हुई। जया जी उस समय एक सफल अभिनेत्री थीं, और अमिताभ जी संघर्ष कर रहे थे। जया ने अमिताभ में वो गंभीरता देखी जो कम लोगों में होती है। कहा जाता है कि जब अमिताभ का करियर परवान नहीं चढ़ रहा था, तब भी जया ने उन पर भरोसा नहीं छोड़ा। दोनों में प्रेम की भावना जगी। अमिताभ की फ़िल्म ‘ज़ंजीर’ जब हिट हुई, तब कई दोस्तों के साथ जया जी का भी उनके लंदन ट्रिप में साथ जाने की बात होने लगी । लेकिन अमिताभ के पिता हरिवंश राय बच्चन और जया के पैरेंट्स ने साफ कहा, “अगर अमिताभ और जया को साथ लंदन जाना है तो पहले शादी करना होगा फिर भले ही जाओ।” और तब 3 जून 1973 को दोनों ने सादगी से शादी कर ली।
फ़िल्म कुली के भयानक दुर्घटना के समय पूरा देश अमिताभ के जान बचने की दुआ कर रहा था, उस समय जया हर पल अमिताभ की सेवा में अस्पताल में ही रहने लगी थीं। उन्होंने कभी अपने रिश्ते को मंच पर नहीं दिखाया, लेकिन निभाया पूरी शिद्दत से। एक बार जया ने कहा था, “हमने साथ जीवन बिताना चुना है, इसलिए साथ रहते हैं।” यही सादगी उनके रिश्ते की ताकत है।
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काजोल और अजय देवगन
‘हलचल ’ के सेट पर काजोलकी पहली मुलाकात अजय देवगन से हुई। काजोल बेहद चुलबुली थीं, आज भी हैं और अजय शांत, कम बोलने वाले। काजोल ने एक बार हंसते हुए कहा था, “मैं सोचती थी ये इतना चुप क्यों रहता है।” दोस्ती धीरे-धीरे एक दूसरे पर भरोसे में बदली। दोनों ने करीब चार साल तक एक-दूसरे को समझा। शादी का फैसला अचानक नहीं था, बल्कि धीरे-धीरे पनपा।
24 फरवरी 1999 को उन्होंने अजय के घर की छत पर मराठी रीति-रिवाज से शादी की। मीडिया से दूर, सादगी से। काजोल ने अपने करियर के शिखर पर शादी की और बाद में अपने बच्चों के लालन पालन पर ध्यान दिया। अजय ने हमेशा कहा कि “हम दोनों स्वभाव से काफी अलग हैं, लेकिन शायद यही हमें संतुलित रखता है।” उनका रिश्ता शोशा से नहीं, स्थिरता से बना है।
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ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन
दोनों की पहली पहचान 90 के दशक में हुई, लेकिन दोस्ती गहरी हुई ‘ढाई अक्षर प्रेम के’ और ‘कुछ ना कहो’ के दौरान। उनके प्रेम जीवन का असली मोड़ ‘गुरु’ की शूटिंग में आया। दोनों में दोस्ती हुई, प्यार बढ़ा और एक दिन न्यूयॉर्क के एक होटल की बालकनी में अभिषेक ने ऐश्वर्या को प्रपोज किया। बताया जाता है कि अभिषेक ने कहा था, “मैंने वही अंगूठी दी जो फिल्म के दृश्य के लिए प्रॉप के रूप ली थी, क्योंकि उस घड़ी मेरे पास और कुछ नहीं था।”
20 अप्रैल 2007 को अभिषेक और ऐश्वर्या की शादी हुई, जिसे देश ने एक त्योहार की तरह देखा और मनाया । ऐश्वर्या ने एक बार कहा था, “हम दोनों पहले दोस्त हैं।” बेटी आराध्या के आने के बाद दोनों का रिश्ता और गहरा हुआ। खबरों के मुताबिक संभवतः कई उतार-चढ़ाव भी आए, अफवाहें भी आईं, लेकिन दोनों ने इस पर कभी चर्चा नहीं की ना अफवाहों को हवा दिया। दोनों ने हमेशा अपनी गरिमा बनाए रखा ।
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करीना कपूर और सैफ अली खान
फिल्म ‘टशन’ की शूटिंग के दौरान करीना अपने करियर के नए फ्रेश मोड़ पर थीं। सैफ पहले ही जीवन के कई अनुभवों से गुजर चुके थे। वे मैच्योरड थे। दोनों के बीच बातचीत फिल्मों से शुरू हुई और फिर निजी जीवन तक पहुँची। दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे। सैफ ने करीना के नाम का टैटू बनवाया, जो उस समय बड़ी चर्चा बना।
16 अक्टूबर 2012 को दोनों की बड़ी सादगी लेकिन शानदार ढंग से शादी हुई। करीना ने कभी अपने फैसले को लेकर झिझक नहीं दिखाई। उन्होंने कहा था, “मैंने अपने प्यार को चुना, बस।” तैमूर और जेह के जन्म के बाद उनका परिवार और भी फलने फूलने लगा और आज उनकी खूबसूरत जिंदगी अक्सर सुर्खियों में रहता है, लेकिन दोनों ने हमेशा निजी जीवन को सहज रखा।
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ट्विंकल खन्ना और अक्षय कुमार
एक मैगज़ीन फोटोशूट से शुरू हुई थी ट्विंकल और अक्षय कुमार की यह प्रेम कहानी । बताया जाता है कि अक्षय ने एक बार कहा था कि उन्हें ट्विंकल की बेबाकी पसंद आई। 2000 में ‘इंटरनेशनल खिलाड़ी’ के दौरान दोनों का रिश्ता मजबूत हुआ। प्यार गहरा होता गया। शादी की बातें होने लगी। उन्हीं दिनों ट्विंकल ने मज़ाक में कहा था कि अगर उनकी फिल्म ‘मेला’ फ्लॉप हुई तो वो अक्षय से शादी कर लेंगी। वाकई फिल्म नहीं चली… और 17 जनवरी 2001 को अक्षय, ट्विंकल की शादी हो गई।
विवाह के बाद ट्विंकल ने फिल्मों को अलविदा कहा और लेखन में अपनी पहचान बनाई। अक्षय ने एक इंटरव्यू में कहा था, “ट्विंकल मेरी सबसे बड़ी आलोचक हैं।” शादी से पहले और शादी के बाद भी दोनों का रिश्ता दोस्ती और हंसी खुशी से भरा है।
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इन सभी प्रेम कहानियों में एक समान बात है — यहाँ प्रेम अचानक रातों रात नहीं पनपा बल्कि , धीरे-धीरे परवान चढा। संघर्ष, इंतज़ार, परिवार की मंज़ूरी, करियर के उतार-चढ़ाव… सबके बीच जो टिकता है, वही असली रिश्ता होता है
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