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हर दिन महिलाओं का जश्न मनाना चाहिए: Saanand Verma

सानंद वर्मा ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कहा—महिलाओं को सिर्फ एक दिन नहीं, हर दिन सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए; भाबीजी घर पर हैं! के एक्टर ने साझा किए अपने विचार।

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भाभीजी घर पर हैं! 2.0 के एक्टर सानंद वर्मा का मानना ​​है कि महिलाओं को हर दिन सेलिब्रेट किया जाना चाहिए। 8 मार्च को मनाए जाने वाले इंटरनेशनल विमेंस डे के मौके पर उन्होंने कहा, "मेरे हिसाब से, हर दिन विमेंस डे होना चाहिए क्योंकि इंसानी इतिहास में महिलाओं ने बहुत कुछ सहा है। उन्होंने अन्याय और क्रूरता का सामना किया है। उन्हें लंबे समय तक समाज ने दबाया और दबाया है। उन्हें शोषण और बेइज्ज़ती का सामना करना पड़ा है। धीरे-धीरे, जागरूकता बढ़ने लगी है। सच तो यह है कि महिलाओं के बिना दुनिया नहीं चल सकती। महिलाएं हैं तो ही दुनिया आगे बढ़ सकती है। उन्हीं की वजह से हम सब यहां हैं।" (Saanand Verma views on women empowerment)

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उन्होंने आगे कहा, "हर एक इंसान एक औरत की वजह से है। वही हमें जन्म देती है। इसलिए मेरे हिसाब से हम औरतों को जितनी ज़्यादा इज़्ज़त दे सकते हैं, उन्हें जितना ज़्यादा आराम और सपोर्ट दे सकते हैं, और उनकी खुशी का जितना ज़्यादा ध्यान रख सकते हैं, उतना ही अच्छा होगा। अगर 8 मार्च इसी वजह से मनाया जाता है, तो मुझे बहुत खुशी होती है। लेकिन मेरा यह भी मानना ​​है कि हमें हर एक दिन औरतों की बहुत इज़्ज़त करनी चाहिए। हमें उनकी आराम, उनकी ज़रूरतों और उनकी खुशी को ध्यान में रखकर अपनी ज़िंदगी जीनी चाहिए। उनकी वैल्यू करना और हर दिन उनकी भलाई का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है।" (Saanand Verma message on International Women’s Day)

उनका मानना ​​है कि "एम्पावर्ड वुमन" की डेफिनिशन इतने सालों में बदली है। उन्होंने कहा, "पहले औरतें खुद फ़ैसले नहीं ले पाती थीं। लगभग 50 साल पहले, ज़्यादातर औरतें अपनी पसंद नहीं कर सकती थीं। उन पर फ़ैसले थोपे जाते थे। चीज़ें उनके लिए दूसरे तय करते थे। लेकिन आज, हर कोई इंडिपेंडेंट है। औरतें और मर्द दोनों अपने फ़ैसले ले सकते हैं और अपनी मर्ज़ी से ज़िंदगी जी सकते हैं। अब सभी को बराबर हक़ मिले हैं, और इन हक़ों को लीगल सपोर्ट भी मिला हुआ है।"

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"असल में, अगर हम कानून को देखें, तो यह महिलाओं के लिए थोड़ा ज़्यादा सपोर्टिव है। और इसमें कुछ भी गलत नहीं है क्योंकि कई सालों तक मेल-डॉमिनेटेड समाज में महिलाओं को बहुत कुछ सहना पड़ा। इसलिए अगर आज महिलाओं को ज़्यादा प्रोटेक्शन और ताकत देने के लिए कानून बनाए जाते हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। निश्चित रूप से, आज महिलाएं बहुत पावरफुल हैं। वे हमेशा से पावरफुल थीं, लेकिन अब उनकी पावर ज़्यादा दिखती है और पहचानी जाती है," उन्होंने आगे कहा। (Saanand Verma on respect and support for women)

सानंद ने ज़ोर देकर कहा कि विमेंस डे की खास तौर पर अवेयरनेस लाने के लिए ज़रूरत है। उन्होंने कहा, "इन दिनों के आसपास, हम मार्केटिंग और कई एक्टिविटीज़ करते हैं, और उसकी वजह से लोगों में अवेयरनेस आती है। इसलिए विमेंस डे किसी भी तरह से गलत नहीं है। मुझे इसके बारे में कभी बुरा नहीं लगा, और मेरा मानना ​​है कि यह होना चाहिए। यह सच में अच्छा है।"

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हालांकि वह 19 नवंबर को मनाए जाने वाले मेन्स डे के सेलिब्रेशन से ठीक हैं, उन्होंने बताया कि इससे उन्हें कोई खास फर्क नहीं पड़ता। सानंद ने कहा, "समाज ज़्यादातर मेल-डॉमिनेटेड रहा है, इसलिए पुरुषों को सच में अलग से दिन की ज़रूरत नहीं पड़ी। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। जहाँ ज़रूरत है, वहाँ पहले से ही मनाया जा रहा है, इसलिए कोई दिक्कत नहीं है।" (Saanand Verma Women’s Day special message)

FAQ

Q1. सानंद वर्मा कौन हैं?

सानंद वर्मा एक लोकप्रिय भारतीय टेलीविज़न अभिनेता हैं, जो खास तौर पर कॉमेडी शो Bhabiji Ghar Par Hain! में अपने किरदार के लिए जाने जाते हैं।

Q2. सानंद वर्मा ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल एक दिन नहीं बल्कि हर दिन सम्मान और सराहना मिलनी चाहिए, क्योंकि समाज और दुनिया के विकास में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।

Q3. सानंद वर्मा के अनुसार महिलाओं का महत्व क्या है?

उनके अनुसार महिलाओं के बिना दुनिया आगे नहीं बढ़ सकती। वे ही जीवन देती हैं और समाज को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

Q4. सानंद वर्मा के अनुसार ‘एम्पावर्ड वुमन’ की परिभाषा कैसे बदली है?

उन्होंने बताया कि पहले महिलाओं को अपने फैसले लेने की आज़ादी नहीं थी, लेकिन आज महिलाएं स्वतंत्र हैं और अपने जीवन के निर्णय खुद ले सकती हैं।

Q5. महिलाओं के सम्मान को लेकर सानंद वर्मा का क्या संदेश है?

उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को महिलाओं की खुशी, जरूरतों और सम्मान का ध्यान रखना चाहिए और उन्हें पूरा समर्थन देना चाहिए।

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