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जब किसी अभिनेत्री की एक तय छवि बन जाती है, तो दर्शक अक्सर उसी फ्रेम में उसे देखना चाहते हैं। दिशा पाटनी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। फिटनेस, ग्लैमर और आत्मविश्वासी स्क्रीन प्रेज़ेंस ने उन्हें एक खास पहचान दी। लेकिन फिल्म ‘O Romeo’ के साथ यह पहचान एक नए मोड़ पर खड़ी दिखाई देती है। इस बार मामला सिर्फ लुक या स्टाइल का नहीं, बल्कि संवेदना और आंतरिक संघर्ष का है।
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हालांकि इस फिल्म में दिशा पटानी एक डांसर जुली के रूप में नज़र आएँगी। उनके हिस्से में एक एनर्जेटिक, स्क्रीन ग्लैमर बिखेरता नृत्य गीत भी है, जिसने खूब चर्चा बटोरी है। लेकिन इन ग्लैमर दृश्यों के साथ उनके किरदार को ‘परतदार’ और भावनात्मक रूप से सशक्त भी बताया जा रहा है। यह दिलचस्प होगा कि क्या यह प्रस्तुति केवल ग्लैमर तक सीमित रहती है, या कहानी में उन्हें एक ठोस नाटकीय आधार भी देती है।
‘O Romeo’ को लेकर अब तक जो समझा गया है उससे इतना साफ है कि यह पारंपरिक रोमांटिक फार्मूले से अलग दिशा में जाने की कोशिश है। फिल्म का माहौल सतही नहीं, ठहराव भरा है। यहां प्रेम किसी कल्पना की तरह नहीं, बल्कि एक जटिल अनुभव की तरह मौजूद है। कहानी रिश्तों के उस हिस्से को छूती है जहां आकर्षण से आगे बढ़कर सवाल उठते हैं, क्या प्रेम में बराबरी संभव है, क्या दो लोग साथ रहते हुए भी अपने-अपने सपनों के प्रति ईमानदार रह सकते हैं?
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दिशा के लिए यह फिल्म शायद इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने व्यावसायिक सिनेमा के दायरे में काम किया है। ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘बागी 2’ और ‘मलंग’ जैसी फिल्मों में उनका अलग-अलग अंदाज़ दिखा, लेकिन ‘O Romeo’ में उनका प्रस्तुतीकरण अधिक संयमित और गंभीर बताया जा रहा है। शुरुआती झलकियों से संकेत मिलता है कि इस बार संवादों से ज्यादा भावनाओं का भार चेहरे और आंखों पर है।
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फिल्म की थीम आज के समय के युवाओं से जुड़ती है। यह वह दौर है जहां रिश्ते तेजी से बनते और टूटते हैं। सोशल मीडिया के प्रभाव, निजी महत्वाकांक्षाओं और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं रहा। ‘O Romeo’ इसी असंतुलन की तरफ ध्यान खींचती है। प्रेम यहां सिर्फ साथ रहने का वादा नहीं, बल्कि एक तरह की जिम्मेदारी और आत्मचिंतन भी है।
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दिशा पाटनी ने एक हालिया बातचीत में कहा, “हर कलाकार के जीवन में एक समय आता है जब वह खुद को चुनौती देना चाहता है। मैं सुरक्षित दायरे से बाहर निकलना चाहती थी।” उनके इस वक्तव्य को ‘O Romeo’ से जोड़कर देखा जा रहा है। यह भूमिका उनके लिए एक जोखिम भी मानी जा सकती है, क्योंकि डांस, ग्लैमर, सनसनाती सेक्स अपील के साथ दिशा के इस रोल से विचारप्रधान सिनेमा में दर्शकों की अपेक्षाएं अलग होती हैं।
फिल्म उद्योग के जानकारों का मानना है कि किसी भी अभिनेत्री के करियर में ऐसे मोड़ महत्वपूर्ण होते हैं। जब कलाकार अपनी स्थापित छवि से हटकर काम करता है, तब असली परीक्षा होती है। सफलता सिर्फ बॉक्स ऑफिस से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से भी कि दर्शक उसे नए रूप में स्वीकार करते हैं या नहीं।
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‘O Romeo’ ऐसे समय में है जब हिंदी सिनेमा में कंटेंट को लेकर चर्चा तेज है। ऐसे में यह फिल्म उस बदलाव का हिस्सा बन सकती है, जहां कहानियां रिश्तों की परतों को गंभीरता से देखने का प्रयास करती हैं।
दिशा पाटनी इस बार क्या एक अलग जमीन पर खड़ी नजर आ रही हैं या पहले की तरह बस नृत्य तक सीमित रहेगी? यह कदम उन्हें एक नए दायरे में ले जाए या नहीं, यह समय तय करेगा।
पिछले कुछ वर्षों में हिंदी सिनेमा की अभिनेत्रियां अपने किरदारों के चयन को लेकर ज्यादा सजग हुई हैं। दिशा पाटनी का ‘O Romeo’ की ओर झुकाव इसी व्यापक बदलाव का हिस्सा होगा या वही पुरानी छवि उन्हें घेरे रखेगी?
ऐसे सिनेमा में दर्शक से भी धैर्य की अपेक्षा होती है। यही वह जगह है जहां अभिनेता की सूक्ष्मता की परीक्षा होती है।
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दिशा के करियर का ये अगला चरण तय हो रहा है। अब उसे यह तय करना है कि वह स्थापित छवि के भीतर सुरक्षित रहे या नए जोखिम उठाए। ‘O Romeo’ उस निर्णय की दिशा में उठाया गया कदम है या नहीं ये वो भली प्रकार जानती है ।
फिल्म उद्योग में यह भी चर्चा है कि महिला केंद्रित या भावनात्मक रूप से परतदार कहानियों को अब पहले की तुलना में ज्यादा जगह मिल रही है। दर्शकों का एक बड़ा वर्ग अब ऐसी फिल्मों को स्वीकार कर रहा है जहां नायिका सिर्फ प्रेम का प्रतीक नहीं, ग्लैमर का प्रतीक नहीं, नाच गाने तक सीमित नहीं बल्कि विचार और संघर्ष का केंद्र हो। यदि ‘O Romeo’ इस उम्मीद पर खरी उतरती है, तो क्या यह दिशा के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकती है।
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अब सवाल यह नहीं कि फिल्म कितनी व्यावसायिक सफलता हासिल करती है, बल्कि यह भी है कि क्या यह दर्शकों के भीतर कोई विचार छोड़ पाती है। क्या यह प्रेम को सिर्फ रोमांस के रूप में नहीं, बल्कि आत्मबोध के रूप में देखने की प्रेरणा देती है।
फिलहाल इतना तय है कि दिशा पाटनी इस बार भी ग्लैमर बिखेर रही है लेकिन शायद एक अलग कसौटी पर हैं।
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