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हाल ही में फिल्म अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) चेक बाउंस मामले को लेकर सुर्खियों में रहे। इस मामले में उन्हें 13 दिनों तक तिहाड़ जेल में रहना पड़ा। हालांकि, 17 फरवरी को जमानत मिलने के बाद वह रिहा हो गए और अब दोबारा अपने काम पर लौट आए हैं। जेल से बाहर आने के बाद राजपाल यादव ने अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म ‘भूत बंगला’ (Bhoot Bangla) और पॉपुलर फ्रेंचाइज़ ‘वेलकम टू द जंगल’ (Welcome to the Jungle) की शूटिंग फिर से शुरू कर दी है।
अब तक उन्होंने इस पूरे मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी, लेकिन रिहाई के बाद मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने खुलकर अपना पक्ष रखा और पूरे घटनाक्रम पर अपनी सफाई दी। (Rajpal Yadav Tihar jail news)
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जीवन भर नहीं उतार पाउंगा कर्जा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजपाल यादव ने मदद करने वालों का धन्यवाद किया है. उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया के माध्यम से जिन्होंने तन से मन से और धन से मदद की है और जिन्होंने सोशल मीडिया के बगैर तन से मन से धन से मेरी मदद की है तो मैं उनका ह्रदय से नमन करता हूं. मैं आप लोगों के बीच 30 साल से हूं. जिसने भी मदद की है. आप अपने अकाउंट की डिटेल जरुर भेजिएगा. आपसे मुझे सिर्फ समय चाहिए. प्यार तो आपका है ही. जो जिसका जिस तरीके से पैसा आया है उसी तरह से आभार के साथ में सबका पैसा आपके अकाउंट में वापस जाएगा. और धन्यावाद भी बोलूंगा कि देश के इतने लोग इतने बच्चे. यह कर्जा शायद में जीवन भर नहीं उतार पाऊंगा. दूसरी चीज जैसा कि सबने बताया कि सबके पास प्लान होते हैं. 2025 से 2035 तक मेरा भी प्लान है. मैं टीवी का गोल्डन मैन हूं.
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बच्चों ने गुल्लक से भी दिए हैं पैसे
राजपाल यादव ने आगे बताया कि उनकी बहुत लोगों ने मदद की है. यहां तक कि उनके फैंस ने, बच्चों ने अपनी गुल्लक से पैसे निकालकर दिए हैं. राजपाल ने कहा, “पिछले 20 दिनों में बच्चों की गुल्लक से लेकर सोशल मीडिया से 1 करोड़ रुपये और भी बहुत कुछ... मैं उनके नाम बताते हुए एक स्टेटमेंट भेजूंगा. ऐसे 4-5 नाम हैं जिनका मैं नाम लेना चाहता हूं. साथ ही, जो लोग नहीं जानते, मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूँ.” (Rajpal Yadav legal issues check bounce case)
एग्रीमेंट को लेकर रखा अपना पक्ष
राजपाल यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने काम और इस पूरे चेक बाउंस केस को लेकर साफ शब्दों में अपनी बात सामने रखी. वह कहते हैं, “मुझे काम करते हुए 26 साल हो गए हैं. कम से कम 200 एग्रीमेंट हुए हैं. 1 लाख से 1.5 लाख और फिर 15 लाख तक के एग्रीमेंट साइन किए. अगर मैंने एग्रीमेंट पर लड़ाई लड़ी होती, तो मेरे ऊपर सिर्फ एक केस क्यों है, और किसी पर केस नहीं है? मुझसे पूछा गया है कि 5 करोड़ रुपये कहां से आए और कहां गए? देखिए, मैं 1500 करोड़ रुपये का आदमी हूं. इस फिल्म के पीछे जो भी है, मैं उसका साथ देने को तैयार हूं, लेकिन पैसे लेकर लोगों को फंसाना गलत है.”
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दी कड़ी प्रतिक्रिया
राजपाल यादव आगे कहते हैं, ‘माधव और मिथिलेश का इरादा सही नहीं था. यह तीन लोगों की लड़ाई है. यह आन की लड़ाई है. मैं खुद को गवाह मानता हूं और वे लोग खुद को गवाह मानते हैं. हम तीनों जानते हैं कि हम कब मिले? क्या बातें हुईं? अगर जिंदगी उनके वीडियो जितनी सस्ती होती है तो मैं उनके पैरों पर गिर जाता हूं. मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि कफन के अलावा इस दुनिया से कुछ नहीं मिलेगा. इसलिए सबको सिखाओ कि जब भी किसी के साथ काम करो, तो हमेशा अच्छे इरादे रखो. अगर तुम्हारे अंदर पॉजिटिविटी है, तो नतीजे पॉजिटिव होंगे. अगर तुम्हारे अंदर नेगेटिविटी है, तो नतीजे नेगेटिव होंगे.’
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपना पक्ष रखते हुए यादव ने कहा कि ये सौदा मौखिक था और भरोसे पर आधारित था, इसे उन्होंने "घर का मामला" बताया. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने फिल्म रिलीज होने के बाद 8 करोड़ रुपये लौटाने का वादा किया था. उन्होंने आगे खुलासा किया कि समझौते के समय कोई वकील शामिल नहीं था. एक्टर ने कहा, “जब यह सौदा हुआ, तब भास्कर जी (राजपाल के वकील) का कोई लेना-देना नहीं था. मैंने 250 से अधिक फिल्मों में काम किया है. अगर मैं उन समझौतों को देखूं, तो हर कॉन्ट्रेक्ट में कोई न कोई खामी जरूर मिलेगी. जब यह सौदा हुआ, तब मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि बात अदालत तक पहुंच जाएगी.
उन्होंने आगे कहा , “यह लड़ाई अहम की लड़ाई है. वह व्यक्ति चाहता है कि मैं 5 करोड़ रुपये के बदले उसके पैरों पर गिर जाऊं. उसे सिर्फ पैसा नहीं चाहिए. अगर पैसे की बात होती, तो मैं 2013 से ही देने को तैयार था. पैसा पहले मेरे पास आया था. मैं लक्ष्मी नगर कार्यालय गया और बिना पढ़े ही कागजात पर हस्ताक्षर कर दिए. मुझसे गलती हुई.” शिकायतकर्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए राजपाल ने कहा कि उन्होंने मुझसे कहा था, 'अगर तुम 10.40 करोड़ नहीं भेजोगे तो तुम्हारा एक-एक इंच बेच दूंगा'. उन्होंने कहा कि यह सब बदले की भावना से किया जा रहा है. (Welcome to the Jungle franchise Rajpal Yadav)
शुरुआत में शामिल नहीं था कोई वकील
प्रेस इवेंट में यादव ने यह भी बताया कि शुरुआत में इसमें कोई वकील शामिल नहीं था. उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, “क्योंकि यह ‘घर का मामला’ था, इसलिए मैंने वकीलों को शामिल नहीं किया. कभी-कभी, कागजी कार्रवाई से ज्यादा लोगों के शब्दों और रिश्तों पर भरोसा किया जाता है. मेरे मन में यह विचार था कि जिस व्यक्ति की कुल संपत्ति 1,000 से 1,500 करोड़ रुपये के बीच है, उसने मुझे एक ही फोन कॉल पर कुछ ही मिनटों में 5 करोड़ रुपये दे दिए; वह मेरे खिलाफ मुकदमा क्यों करेगा? इसमें कोई वकील शामिल नहीं था, और मेरी पत्नी को भी इसकी जानकारी नहीं थी. हमने जो तय किया था, वह यह था कि फिल्म रिलीज होने के बाद, उसे 5 करोड़ रुपये के बजाय 8 करोड़ रुपये मिलेंगे, और जो भी बचेगा वह मेरा होगा. फिल्म ने 1 करोड़ रुपये कमाए…”
राजपाल यादव अपना बयान पूरा कर पाते, तभी उनके वकील ने उन्हें बीच में रोक दिया. वकील ने आगे बढ़कर कहा, “अगर आप कहते हैं कि उस आदमी पर भरोसा करना गलती थी, तो वह गलती राजपाल यादव ने की है.”
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राजपाल के वकील ने बताया
राजपाल के वकील ने बताया, कि ‘उन्होंने (शिकायतकर्ता ने) प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वे राजपाल को जेल नहीं भेजना चाहते. यह पूरी तरह झूठ है. साल 2018 में राजपाल ने कोर्ट में सिक्योरिटी राशि जमा कराई थी और अपनी संपत्ति के कागजात भी अटैच करने को तैयार थे. लेकिन माधव गोपाल अग्रवाल ने उसे लेने से इनकार कर दिया और राजपाल को जेल भेजने पर अड़े रहे. अगर वह सिक्योरिटी ले लेते तो यह केस 2018 में ही खत्म हो जाता.’ वकील ने आगे कहा कि शिकायतकर्ता झूठ फैला रहा है और राजपाल की छवि खराब कर रहा है. उनका इशारा था कि शिकायतकर्ता की मंशा साफ नहीं है और वह सिर्फ एक्टर को बदनाम करना चाहता है.
राजपाल ने दी चेतावनी
इंडस्ट्री का बचाव करते हुए राजपाल ने कड़े शब्दों में कहा, “फिल्म चल जाए तो सब अच्छा, फिल्म डूब जाए तो बॉलीवुड खराब? अब मैं बॉलीवुड को गाली नहीं देने दूंगा.” अपने सिग्नेचर स्टाइल में उन्होंने आगे जोड़ा, “राजपाल यादव राजा है. राजा जंगल में हो या जेल में, राजा तो राजा ही होता है.”
इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि मैं फेडरेशन से गुजारिश करुंगा कि एक स्टैंडर्ड फॉर्मेट बनाए. ताकि देश में कहीं भी एग्रीमेंट साइन हों तो स्टैंडर्ड फॉर्मेंट में होना चाहिए.
सोनू सूद के बारे में क्या कहा?
राजपाल ने इस दौरान एक्टर सोनू सूद (Sonu Sood) के उन्हें काम ऑफर करने की बात पर भी रिएक्ट किया. दरअसल, चेक बाउंस केस में जब राजपाल यादव को जेल जाना पड़ा था, तब सोनू सूद उनकी मदद के लिए आगे आए थे. सोनू सूद ने कहा था कि उन्होंने राजपाल को फिल्म ऑफर की है.
राजपाल से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “प्लीज इस गलतफहमी से बाहर निकल आएं कि मुझे बार-बार काम मांगने की जरूरत पड़ती है. काम मांगने में कोई शर्म भी नहीं है. मैं अपने काम से जीता हूं. सिनेमा मेरा जुनून है. मैं इस तरह का काम करता हूं कि मुझे चार गुना ज्यादा काम मिलता है. मैं वेकेशन पर भी काम करता हूं. काम मुझे ढूंढ़ता नहीं है, बल्कि काम पिछले 11 सालों से मेरे साथ ही रह रहा है.
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प्रियदर्शन की टिप्पणी पर कहा
इस दौरान उन्होंने निर्देशक प्रियदर्शन की उस टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें प्रियदर्शन ने राजपाल यादव की गलती को उनकी कम शिक्षा से जोड़ा था. इस बारे में बात करते हुए राजपाल यादव ने कहा, “कम शिक्षा का यहां कोई लेना-देना नहीं है. यह पूरी तरह गलत है. मैं एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति हूं. मैंने 11 से 55 साल की उम्र तक काम किया है. बड़े-बड़े दिग्गज भी कभी न कभी मुश्किलों में पड़ जाते हैं, लेकिन इसका शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं है. अगर मेरी शिक्षा कम होती, तो मैं इस इंडस्ट्री में 25-30 साल तक टिक नहीं पाता.”
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राजपाल यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रियदर्शन या किसी अन्य के साथ उनके रिश्ते में कोई कड़वाहट नहीं है. उन्होंने कहा, “मैं तीन निर्देशकों – राम गोपाल वर्मा, डेविड धवन और प्रियदर्शन – का बहुत सम्मान करता हूं. मैंने सिर्फ इन्हीं तीनों के साथ 50 से ज्यादा फिल्में की हैं. मैं प्रियन जी (प्रियदर्शन) के बेटे जैसा हूं. लेकिन प्रियन जी या कोई और पूरी कहानी नहीं जानता. इसलिए ऐसे फैसले मायने नहीं रखते.”
राजपाल के पास हैं कई प्रोजेक्ट्स
इस मौके पर राजपाल ने अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स पर भी बात की. उन्होंने कहा, “ मैं इस साल की अपनी पहली फिल्म 'भूत बंगला' कर रहा हूं. इसके बाद मेरे पास 'वेलकम टू द जंगल' है, जिसमें 27 एक्टर्स हैं और एक ‘हैवान’ है. फिल्म में मेरा रोल छोटा है, लेकिन काफी शानदार है. मेरे पास दो वेब सीरीज और दो अलग फिल्में भी हैं, जिनके बारे में अभी मैं बात नहीं कर सकता. राजपाल ने ये भी खुलासा किया कि आने वाले 7 सालों तक के लिए उनके पास करीब 1200 करोड़ रुपये तक का काम है.
यूट्यूब पर की धमाकेदार शुरुआत
फिल्मी पर्दे के बाद अब राजपाल यादव डिजिटल दुनिया में अपना सिक्का जमाने को तैयार हैं. उन्होंने 28 फरवरी को अपना ऑफिशियल यूट्यूब चैनल शुरू किया. सिर्फ 2 वीडियो और कुछ ही दिनों में उनके 18.3K से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हो गए हैं. इन वीडियो में उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई है, जिसे लोग खूब देख और शेयर कर रहे हैं.
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क्या है चेक बाउंस का मामला?
2010 में राजपाल यादव ने डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म 'अता-पता लापता' (Ata Pata Laapata) का निर्माण करने के लिए ‘मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ से लगभग 5 करोड़ रुपए का लोन लिया था. हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई, जिसके चलते लोन चुकाने में देरी हुई और एक्टर द्वारा दिए गए चेक बाउंस हो गए. इसके बाद नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर को कई अवसर भी दिए, लेकिन बार-बार भुगतान न करने के कारण अदालत ने उन्हें नोटिस जारी किया और 4 फरवरी को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था. वहीं एक्टर ने कानून का पालन किया. जबकि अपनी भतीजी की शामिल होने के लिए उन्होंने जमानत याचिका दी. इसके बाद 13 दिन बाद उन्हें कुछ रकम अदा करने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया. अब 18 मार्च को इस मामले में अगली सुनवाई होनी है.
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