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Returning from Hyderabad: फिल्म ‘‘राजा साब’’ की प्रेस मीट और सेट पर खास रपट ‘मुझे इस सेट को देखने में एक घंटे का समय लगा था’

हैदराबाद से लौटने के बाद फिल्म ‘राजा साब’ की प्रेस मीट और सेट से जुड़ी खास रिपोर्ट सामने आई है, जहाँ भव्य सेट को देखने में एक घंटे का समय लगने की बात ने सबका ध्यान खींचा।

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काफी लंबे समय से प्रभास की मूलतः फैंटसी व एक्शन से भरपूर रोमांटिक हॉरर कॉमेडी तेलुगु फिल्म ‘‘राजा साब’’ चर्चा में बनी हुई है, जिसे हिंदी, कन्नड़, तमिल व मलयालम में भी डब करके 9 जनवरी 2026 को रिलीज़ किया गया। पहले मारूति निर्देशित और शिवा प्रसाद निर्मित फिल्म ‘‘राजा साब’’ 5 दिसंबर 2025 को रिलीज़ होनी थी। लेकिन आदित्य धर की हिंदी फिल्म ‘‘धुरंधर’’ के चलते इसका रिलीज़ टाल दिया गया था। तब कहा गया था कि ‘धुरंधर’ से डरकर प्रभास की फिल्म ‘राजा साब’ की रिलीज़ टाल दी गई। लेकिन फिल्म ‘राजा साब’ के टीज़र व ट्रेलर को देखकर यह फिल्म कमज़ोर नज़र नहीं आती। पर जब तीन घंटे छह मिनट लंबी फिल्म ‘राजा साब’ देखेंगे तब पता चलेगा कि फिल्म की क्या स्थिति है। यूँ तो सोमवार, पाँच जनवरी को मुंबई में फिल्म ‘राजा साब’ की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी, जिसमें फिल्म के निर्माता विश्वा प्रसाद के अलावा मालविका मोहनन, रिद्धि कुमार, निधि अग्रवाल, ज़रीना वहाब और बोमन ईरानी जैसे कलाकारों ने हिस्सा लिया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिल्म का एक गाना ‘‘नाचे नाचे’’ भी दिखाया गया था। इसी के साथ मीडिया से बात करते हुए बोमन ईरानी ने प्रभास के अलावा फिल्म के निर्देशक मारूति की जमकर तारीफ करने के साथ ही फिल्म के सेट की तारीफ करते हुए जब कहा कि उन्हें फिल्म के ‘‘हॉन्टेड पैलेस’’ के सेट को देखने में ही पूरा एक घंटा लग गया था और यह सेट फिल्म का एक किरदार भी है। (Prabhas Raja Saab Telugu film 2026 release)

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तो बोमन ईरानी की बातें सुनकर हमारी भी इच्छा हुई कि उस सेट को ज़रूर देखा जाना चाहिए, जिस सेट पर फिल्म ‘राजा साब’ को फिल्माया गया है। और सेट के बारे में विस्तार से ‘मायापुरी’ के पाठकों को बताया जाना चाहिए। लेकिन हमारे दिमाग में तुरंत यह बात आ गई थी कि फिल्म रिलीज़ हो रही है, तो अब यह सेट भी तोड़ दिया गया होगा। लेकिन बातचीत में पता लगा कि निर्माता ‘राजा साब’ का दूसरा भाग भी लेकर आने वाले हैं, तो सवाल उठा कि क्या यह सेट अभी भी ज्यों का त्यों खड़ा है? (Raja Saab movie dubbed Hindi Tamil Malayalam Kannada)

खैर, दूसरे दिन मंगलवार को हमें हैदराबाद में बुधवार, सात जनवरी को आयोजित होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस व पार्टी का निमंत्रण मिल गया और बताया गया कि मीडिया को ‘राजा साब’ के ‘हॉन्टेड पैलेस’ का सेट भी देखने को मिलेगा। सात जनवरी की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस व पार्टी फिल्म के ही सेट पर आयोजित की जा रही है। तो हमने हैदराबाद जाने का फैसला कर लिया। सच कहूँ तो इतने क्षेत्रफल में फैले सेट को देखने व समझने में हमें तो डेढ़ घंटे से भी ज़्यादा का समय लगा। ‘हॉन्टेड पैलेस’ का सेट देखकर एक अलग आनंद की अनुभूति हुई और इस बात का अहसास हुआ कि निर्माता ने सेट बनाते समय जमकर पैसा बहाया। हम यहाँ महज एक कमरे का ज़िक्र करना चाहेंगे। इस सेट में एक कमरा लाइब्रेरी का है। अमूमन फिल्मों में लाइब्रेरी में किताबों के नाम पर कुछ पुराने कवर आदि रखकर किताबें दिखा दी जाती हैं। जबकि दो-चार को छोड़कर बाकी खाली कवर या लकड़ी या कागज़ की बनी नकली किताबें ही होती हैं। मगर फिल्म ‘राजा साब’ की लाइब्रेरी में सभी किताबें वास्तविक नज़र आईं और इनकी संख्या कम से कम पाँच हज़ार के आस-पास होनी चाहिए। पूरा सेट देखकर हमें इस बात का भी अहसास हुआ कि अभिनेत्री रिद्धि कुमार और निधि अग्रवाल क्यों फिल्म के सेट को अपना दूसरा घर कह रही हैं??

फिल्म के नाम की चर्चा करते हुए निर्माता विश्वा प्रसाद ने कहा – ‘‘इस फिल्म की शुरुआत अस्थायी नाम ‘राजा डीलक्स’ के साथ शुरू हुई थी, पर फिल्म के नाम को लेकर काफी चर्चाएँ होती रहीं। ‘रॉयल’, डार्लिंग और ‘एंबेसडर’ सहित जैसे कई नामों पर विचार किया गया। अंततः जनवरी 2024 में संक्रांति के अवसर पर हमने ‘द राजा साहब’ शीर्षक की घोषणा कर दी थी।’’

फिल्म की कहानी एक पुराने सिनेमाघर की पृष्ठभूमि पर आधारित है। सेट पर मौजूद लोगों से बात करने पर अहसास हुआ कि इस फिल्म में अभिनेता प्रभास दोहरी भूमिका यानी कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक थिएटर मालिक के अलावा भूत के रूप में भी यानी कि वह स्वयं पोते और दादा दोनों के किरदार में नज़र आएँगे। जबकि उनकी दादी गंगा देवी के किरदार में ज़रीना वहाब नज़र आएँगी। (Raja Saab film press meet Mumbai)

कहानीः पीपल मीडिया फैक्ट्री और आईवी एंटरटेनमेंट निर्मित यह प्रभास की पहली हॉरर, फैंटसी-कॉमेडी फिल्म है। मारूति लिखित और निर्देशित फिल्म ‘‘राजा साब’’ की कहानी एक नौजवान राजा साब (प्रभास) की है, जो कि आर्थिक संकट से जूझने की वजह से अपने एक पैतृक महल को बेचकर पैसे कमाना चाहता है, लेकिन उसे पता चलता है कि उसमें उसके दुष्ट दादा की आत्मा बसती है। वास्तव में राजा साब अपने लापता दादा की तलाश करते हुए खुद को एक हवेली में पाता है, जहाँ एक भयावह शक्ति का वास है।

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यूँ तो इस फिल्म की आधिकारिक घोषणा जनवरी 2024 में की गई थी। जबकि प्राप्त सूचना के अनुसार फिल्म की शूटिंग अक्टूबर 2022 में ही शुरू हो गई थी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिल्म के लेखक व निर्देशक मारूति ने बताया कि उन्होंने प्रभास को इस हॉरर कॉमेडी की पटकथा सुनाई, जिस पर वे सहमत हो गए थे। लेकिन उस वक्त प्रभास ‘सलार’ और ‘कल्कि 2898 ईस्वी’ की शूटिंग कर रहे थे, इसलिए उन्होंने साथ-साथ इस फिल्म की शूटिंग करने का फैसला किया। तब मारूति ने प्री-प्रोडक्शन का काम शुरू कर दिया। (Raja Saab fantasy action horror comedy)

‘‘अब मेरा काम बोलेगा...’’

मारूति, लेखक व निर्देशक

जब हम सेट पर पहुँचे, उस वक्त तक फिल्म ‘राजा साब’ की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो चुकी थी। हमसे पहले वहाँ पर तमिल व तेलुगु भाषी स्थानीय पत्रकारों के साथ दिल्ली से आए हिंदी भाषी पत्रकार भी पहुँच चुके थे। उसके बाद ही हम मुंबई के पत्रकार प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुँचे थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिल्म के लेखक व निर्देशक मारूति ने अभिनेता प्रभास की तारीफ करने के साथ ही कहा कि वह ज़्यादा बात नहीं करना चाहते। वह तो अभी तक फिल्म के पहले प्रिंट को लेकर काम कर रहे थे। मारूति ने आगे कहा – ‘‘अब नौ जनवरी को फिल्म ‘राजा साब’ रिलीज़ हो रही है, तो अब मेरा काम बोलेगा, यही बेहतर होगा।’’

सेट की चर्चा करते हुए लेखक व निर्देशक मारूति ने कहा – ‘‘आखिर यह प्रभास की फिल्म है। अभिनेता की तरह ही, हर चीज़ भव्य होनी चाहिए थी। दर्शक यही उम्मीद करते हैं, और हमने वही साकार किया है।’’

सेट: हम हैदराबाद दोपहर में ही पहुँच गए थे, मगर हम फिल्म हैदराबाद शहर के आउटर इलाके यानी कि हैदराबाद के गचीबौली के पास एक एल्यूमिनियम फैक्ट्री में रात आठ बजे ही पहुँचे, जहाँ फिल्म का यह विशेष सेट बना हुआ है। वैसे फिल्म के कुछ हिस्से कांचीपुरम में भी फिल्माए गए हैं। (Raja Saab song Nache Nache launch)

यह किसी भी फिल्म की इनडोर शूटिंग के लिए बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा सेट है। जिसे पीपल मीडिया फैक्ट्री के 41,256 वर्ग फुट में फैले इलाके में कला निर्देशक राजीव नंबियार द्वारा डिज़ाइन किया गया। यह सेट हैदराबाद के गचीबौली के पास मोइनाबाद के अजीजनगर में पीपल मीडिया फैक्ट्री की संपत्ति पर बनाया गया है। जहाँ कभी एल्यूमिनियम फैक्ट्री हुआ करती थी। 1,200 से अधिक श्रमिकों ने चार महीनों में इस सेट को पूरा किया, जिसमें कई कमरों, एक ड्राइंग रूम, भोजन कक्ष, पुस्तकालय, रसोई और फिल्म की हॉरर-कॉमेडी कहानी के अनुरूप विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए स्थानों के साथ एक पूर्ण आकार की हवेली बनाई गई। फिल्म का क्लाइमेक्स पूरी तरह से इसी सेट पर फिल्माया गया था।

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बहरहाल, जब हम सेट पर पहुँचे तो हमें फिल्म का यह सेट हमें दो सौ से ढाई सौ साल पुराना, भव्य और विशाल भूतिया पैलेस नज़र आया। जब हम इसी पैलेस के पुस्तकालय में पहुँचे, तो वहाँ हमें सैकड़ों असली किताबों से भरा एक विशाल पुस्तकालय नज़र आया। जो अध्ययन कक्ष और शयनकक्ष को यथार्थता और वातावरण प्रदान कर रहा था। हमने उत्सुकतावश कुछ किताबें भी निकालकर उन्हें खोलकर देखा। तो दूसरी तरफ दूसरे कमरे में अनोखी कलाकृतियों और डरावने माहौल को बढ़ाने वाले प्रॉप्स नज़र आए। लटकती जड़ों से घिरे डरावने गलियारे और ऐसे शयनकक्ष जो किसी भूले हुए शाही परिवार के हो सकते हैं। हस्तनिर्मित खंभों से लेकर यथार्थवादी पेड़ों और जड़ों तक, हर एक चीज़ को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि आपको लगे कि आप सचमुच किसी अति पुराने भूतिया पैलेस के अंदर पहुँच गए हैं। इतना ही नहीं फिल्म में पाँच सौ रुपये के नोटों के अलावा गोल्ड/सोने की ईंटें भी नज़र आने वाली हैं, वह सब भी हमें सेट के एक कमरे में नज़र आए, पर जब हमने बारीकी से निरीक्षण किया, तो पाया कि नोट और गोल्ड नकली है।

वहाँ मौजूद कारीगरों से जब हमने बात की, तो पता चला कि इस सेट पर मौजूद भयावह कलाकृतियों, पेड़ आदि की छालों को कई महीनों में हाथ से बनाया गया था ताकि यह एक प्रामाणिक, सदियों पुरानी हवेली जैसा लगे, और इसमें केवल सीजीआई पर निर्भरता से बचा गया।

कारीगरों की बातें सच ही लग रही थीं। प्रोडक्शन डिज़ाइन में विशेष रूप से निर्मित प्रॉप्स और कलाकृतियों पर ज़ोर दिया गया है। हस्तनिर्मित स्तंभों से लेकर लटकती जड़ों और डरावने खोपड़ी के रूपांकनों से सजे रहस्यमय गलियारों तक, हर एक विवरण को विशेष रूप से तैयार किया गया था ताकि भयावह वातावरण को बढ़ाया जा सके और परिवेश के माध्यम से एक कहानी सुनाई जा सके। कलाकृति का उद्देश्य ‘‘भय का स्तर बढ़ाना’’ है। इसी विशाल सेट में एक भोजन कक्ष, शयनकक्ष, उस समय के बर्तनों से सुसज्जित एक रसोईघर, एक ‘‘यातना कक्ष’’ और काले जादू के दृश्यों के लिए डिज़ाइन किया गया नज़र आया। एक विशेष ‘‘अग्नि कक्ष’’ भी नज़र आया। हमें बताया गया कि शूटिंग के दौरान सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत वास्तविक, निरंतर जलती हुई आग का उपयोग किया गया था।

जहाँ भय हो, वहाँ सुंदरता न हो, यह कैसे हो सकता है। इसके लिए हमने पाया कि कला निर्देशक राजीव नंबियार ने भव्यता के बजाय एक गहन, प्रेतवाधित अनुभव बनाने के लिए बनावट, छाया और प्रॉप्स पर ध्यान केंद्रित किया है। दृश्य कथा को बढ़ाने के लिए रंग पैलेट और प्रकाश व्यवस्था पर भी सावधानीपूर्वक विचार किया गया था। प्रोडक्शन डिज़ाइन से जुड़े लोगों ने बताया कि इसकी प्रेरणा वर्षों के अध्ययन, यात्रा और स्केचिंग से मिली।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब निधि अग्रवाल से पूछा गया कि उन्हें फिल्म का कौन सा गाना सर्वाधिक प्रिय है, तो उन्होंने कहा – ‘‘फिल्म के संगीतकार थमन ने काफी मेहनत करके बेहतरीन गाने बनाए हैं। मुझे इसका पहला गाना ‘रेबेल स्टार’, फिर ‘सहना सहना’ व राजा युवराज तो पसंद हैं, मगर पार्टी सॉंग ‘‘नाचे नाचे’’ मेरा सर्वाधिक प्रिय गाना है। जिसे मुंबई में 5 जनवरी 2026 को रिलीज़ किया गया था।’’ (Nidhi Agarwal Zarina Wahab Raja Saab cast)

हॉरर कॉमेडी के नाम पर ‘भूल भुलैया’ सहित कई फिल्में आ चुकी हैं, तो उनसे फिल्म ‘राजा साब’ में उन्हें क्या अलग नज़र आता है? इस सवाल के जवाब में रिद्धि कुमार ने कहा – ‘‘देखिए अब तक की फिल्मों का मूल तत्व हॉरर कॉमेडी रहा है, लेकिन ‘राजा साब’ में फैंटसी भी है। जबकि हॉरर कॉमेडी एक रीयल लाइन है। ‘भूल भुलैया’ की तरह ‘राजा साब’ भी रीयल साइकोलॉजिकल थ्रिलर है, पर इसका संसार फैंटसी युक्त है। हर दर्शक फिल्म देखते समय कुछ नया देखना चाहता है, तो उसे इसमें नयापन मिलेगा। क्योंकि आप चाहे जहाँ जाएँ, पर वहाँ फैंटसी नहीं मिलेगी, पर इस फिल्म में है। इसी के साथ इसमें एक्शन सहित बहुत कुछ है।’’

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अभिनेता प्रभास को एक सही ‘पैन इंडिया स्टार’ की संज्ञा देते हुए फिल्म के निर्माता विश्वा प्रसाद ने कहा – ‘‘हमने जब इस फिल्म की योजना पर काम शुरू किया, उस वक्त हमारे सामने चुनौती थी कि प्रभास की फिल्म ‘सालार’ और ‘कल्कि 2898’ रिलीज़ होनेवाली थी, तो हमें उनसे कुछ अलग और बेहतर रूप में प्रभास को पेश करना था। तो हमने हॉरर जॉनर के साथ फैंटसी को चुना। हॉरर कॉमेडी को सबसे पहले मारूति ने ही इंट्रोड्यूस किया था और अब पहली बार वही हॉरर कॉमेडी के साथ फैंटसी को भी इंट्रोड्यूस कर रहे हैं।’’

संगीतकार थमन ने कहा – ‘‘हमने ही नहीं पूरी टीम ने बड़ी मेहनत की है। इस सेट पर चाहे जहाँ कैमरा रख दें, आप एक भव्य दृश्य ही फिल्माते हैं। हम इस सेट पर पिछले तीन साल से काम करते आए हैं। इस फिल्म में बहुत ही अलग तरह का बैकग्राउंड संगीत है। इसमें कुछ पाठ भी हैं। दर्शक एक नए प्रभास को इस फिल्म में देख सकेंगे। इसमें कॉमेडी, एक्शन, हॉरर व फैंटसी का जबरदस्त तड़का है। इसमें दादी माँ व पोते का इमोशनल संबंध है। तो वहीं ‘नाचे नाचे’ गाना है, जो कि सभी को थिरकने पर मज़बूर कर रहा है। काफी समय बाद लोग प्रभास को नाचते हुए देख रहे हैं।’’

जबकि निधि अग्रवाल ने अपनी खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा – ‘‘हम सभी आज काफी खुश हैं। क्योंकि हम सभी अपने ‘सेकंड होम’ में मौजूद हैं। हमने तीन साल तक इस सेट पर शूटिंग की है। हम इसी कॉरिडोर पर दौड़े हैं। हमारे लिए यह सेट बहुत खास है। यह फिल्म मेरे लिए और मेरे करियर में बहुत ही स्पेशल फिल्म है।’’

उसके बाद हमने पार्टी का मज़ा लिया, जो रात साढ़े बारह बजे तक चलती रही।

दूसरे दिन गुरुवार, आठ जनवरी को हम हैदराबाद से मुंबई के लिए रवाना हुए।

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