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Dev Anand: जब बुक लॉन्च पर आहत हुए देव आनंद, अमिताभ बच्चन से जुड़ा वो भावुक किस्सा

ताजा खबर: हिंदी सिनेमा के सदाबहार सितारे देव आनंद (Dev Anand) अपने दौर के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक थे. उनकी शख्सियत, स्टाइल और फिल्मों ने उन्हें एक ...

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ताजा खबर: हिंदी सिनेमा के सदाबहार सितारे देव आनंद (Dev Anand) अपने दौर के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक थे. उनकी शख्सियत, स्टाइल और फिल्मों ने उन्हें एक अलग ही मुकाम दिलाया था. साल 2007 में जब उनकी किताब ‘ऑटोबायोग्राफी’ लॉन्च हुई, तो इस मौके से उन्हें, उनके फैंस और करीबी दोस्तों को काफी उम्मीदें थीं. लेकिन इस खास दिन पर कुछ ऐसा हुआ, जिसने देव आनंद को भीतर से आहत कर दिया.

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बुक लॉन्च में अमिताभ बच्चन ने क्या किया

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किताब के लॉन्च इवेंट में अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) को स्पेशल गेस्ट के तौर पर आमंत्रित किया गया था. वे कार्यक्रम में पहुंचे भी, लेकिन मंच पर थोड़ी देर ही रुके और जल्द ही वहां से चले गए. इतना ही नहीं, उन्होंने बाकी मेहमानों के साथ डिनर भी नहीं किया और न ही किताब की कॉपी अपने साथ ली. यह बात देव आनंद को काफी खली और वे खुद को अपमानित महसूस करने लगे.

अगले दिन ‘जलसा’ जाने का फैसला (Dev Anand Amitabh Bachchan incident)

इस घटना के बाद देव आनंद ने तय किया कि वे खुद अमिताभ बच्चन के घर ‘जलसा’ जाकर उन्हें अपनी किताब की एक कॉपी देंगे. वे अपने करीबी दोस्त मोहन चुरीवाला के साथ वहां पहुंचे, लेकिन यहां भी उन्हें एक और अप्रत्याशित स्थिति का सामना करना पड़ा—उन्हें करीब आधे घंटे तक गेट के बाहर इंतजार करना पड़ा.

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अमर सिंह की भूमिका और टूटी उम्मीदें

मोहन चुरीवाला के मुताबिक, उस समय अमर सिंह बच्चन परिवार के काफी करीब थे. अमर सिंह ने देव आनंद से कहा था कि वे अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan Jalasa story) को बुला लेंगे और साथ में अनिल अंबानीटीना अंबानी भी आएंगे. हालांकि, राजनीतिक कारणों से बात बिगड़ गई. अमर सिंह को यह पसंद नहीं आया कि दूसरे राजनीतिक नेता भी इस कार्यक्रम में शामिल हों.इसके बावजूद उन्होंने देव आनंद को भरोसा दिया था कि वे डिनर में शामिल होंगे, लेकिन वह ग्रुप इवेंट खत्म होने से पहले ही चला गया. इससे देव आनंद और ज्यादा निराश हो गए.

गेट पर इंतजार और असहज मुलाकात

जब देव आनंद (Dev Anand autobiography launch) और मोहन जलसा पहुंचे, तो हॉर्न बजाने के बाद भी वॉचमैन काफी देर तक बाहर नहीं आया. बाद में अमर सिंह को फोन किया गया, लेकिन जवाब आने में और वक्त लग गया.आखिरकार जब अंदर जाने की इजाजत मिली, तो अमर सिंह नाइट सूट में नजर आए और हैरान थे, क्योंकि उन्हें नहीं पता था कि देव आनंद भी साथ आए हैं. करीब 15 मिनट बाद अमिताभ बच्चन आए, जो हेल्थ क्लब से लौटे थे. इसके बाद दोनों दिग्गजों ने कुछ देर चाय पी और बातचीत की, लेकिन यह पूरी स्थिति देव आनंद के लिए थोड़ी शर्मिंदगी भरी और उलझन वाली रही.

देव आनंद के लिए भावनात्मक झटका

मोहन चुरीवाला ने बताया कि देव आनंद इस पूरे अनुभव से काफी आहत थे. उन्होंने सोचा कि शायद अमिताभ बच्चन उनसे नाराज हैं या किसी तरह की गलतफहमी हो गई है. जबकि असल में यह परिस्थितियों और गलत तालमेल का नतीजा था.

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निधन के बाद सामने आई सच्चाई

देव आनंद (Dev Anand book launch controversy) के निधन के बाद अमर सिंह ने पत्रकार वीर संघवी से कहा था कि जलसा में किसी भी मेहमान के आने के लिए पहले से परमिशन जरूरी होती है. मोहन का कहना है कि अगर यह बात उस वक्त देव आनंद को पता चल जाती, तो उन्हें बहुत बुरा लगता. वे कहते हैं,
“मैं खुश हूं कि यह घटना देव आनंद के बाद सामने आई, नहीं तो वे सच में बहुत दुखी हो जाते.”

दो दिग्गजों की कहानी, एक भावुक किस्सा

गौरतलब है कि देव आनंद ने 3 दिसंबर 2011 को लंदन में 88 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. देव आनंद और अमिताभ बच्चन—दोनों ही हिंदी सिनेमा के ऐसे दिग्गज सितारे रहे हैं, जिनकी चमक आज भी बरकरार है.

FAQ 

Q1. देव आनंद की किताब कब लॉन्च हुई थी?

उत्तर: देव आनंद की आत्मकथा ‘ऑटोबायोग्राफी’ साल 2007 में लॉन्च हुई थी.

Q2. बुक लॉन्च में अमिताभ बच्चन की क्या भूमिका थी?

उत्तर: अमिताभ बच्चन को इस इवेंट में स्पेशल गेस्ट के तौर पर बुलाया गया था. वे आए जरूर, लेकिन थोड़ी देर रुककर जल्दी चले गए.

Q3. देव आनंद को इस बात से दुख क्यों हुआ?

उत्तर: अमिताभ बच्चन ने न तो डिनर में हिस्सा लिया और न ही किताब की कॉपी अपने साथ ली, जिससे देव आनंद को यह महसूस हुआ कि शायद उन्हें पर्याप्त सम्मान नहीं मिला.

Q4. इसके बाद देव आनंद ने क्या किया?

उत्तर: अगले दिन देव आनंद खुद अमिताभ बच्चन के घर ‘जलसा’ पहुंचे, ताकि उन्हें अपनी किताब की कॉपी दे सकें.

Q5. ‘जलसा’ में देव आनंद के साथ क्या हुआ?

उत्तर: वहां उन्हें लगभग आधे घंटे तक गेट के बाहर इंतजार करना पड़ा, जिससे वे और ज्यादा आहत हो गए.

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