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ताजा खबर: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को यूट्यूबर Elvish Yadav को कथित सांप जहर मामले में कड़ी फटकार लगाई. अदालत उनकी उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने आरोपपत्र (चार्जशीट) और आपराधिक कार्यवाही को चुनौती दी है.न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरश और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने साफ कहा कि शिकायत की जांच Wildlife (Protection) Act, 1972 के प्रावधानों के तहत की जाएगी. सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की, “अगर आपके जैसे मशहूर व्यक्ति को एक असहाय और बेजुबान जानवर का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाती है तो यह जनता में गलत संदेश जाएगा. सांप संरक्षित प्रजाति हैं, उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता.”
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बचाव पक्ष की दलील
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एल्विश यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुक्ता गुप्ता ने दलील दी कि सांप उनके नहीं थे और वह केवल एक म्यूजिक वीडियो में गेस्ट अपीयरेंस के तौर पर शामिल हुए थे. उन्होंने कहा कि शूटिंग के दौरान जानवरों की व्यवस्था और हैंडलिंग अन्य लोगों द्वारा की गई थी. साथ ही यह भी बताया गया कि संबंधित निर्माता ने जरूरी अनुमति ली थी और जिन सांपों का इस्तेमाल हुआ, उनके विष ग्रंथियां (venom sacs) और दांत नहीं थे.हालांकि, न्यायमूर्ति सुंदरश ने सवाल उठाया, “क्या आपने सांप को हाथ लगाया या नहीं? आप यह नहीं कह सकते कि जो चाहें करेंगे.” अदालत ने अभियोजन पक्ष को निर्देश दिया कि दो हफ्ते के भीतर रिपोर्ट दाखिल कर स्पष्ट किया जाए कि क्या आवश्यक अनुमति ली गई थी.
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पायथन पर उठा सवाल
शिकायतकर्ता के वकील ने दावा किया कि चार्जशीट और सरकार के जवाबी हलफनामे में कहा गया है कि बरामद पायथन जहरीला था और उसके विष ग्रंथियां मौजूद थीं. इस पर न्यायमूर्ति सिंह ने सवाल किया, “पायथन जहरीला कैसे हो सकता है? वह तो अपने शिकार को जकड़कर मारता है.” अदालत ने कहा कि वह यह जांचेगी कि शिकायत वैध है या नहीं और कानून का उल्लंघन हुआ है या नहीं.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला नोएडा में कथित ‘सांप जहर रेव पार्टी’ से जुड़ा है. नवंबर 2023 में एक एनजीओ ने स्टिंग ऑपरेशन कर आरोप लगाया था कि पार्टियों में नशीले पदार्थ के रूप में सांप का जहर इस्तेमाल किया जा रहा है. शिकायत में कहा गया कि कोबरा समेत संरक्षित प्रजातियों के सांपों का अवैध रूप से उपयोग और जहर निकाला जा रहा था.
मामला Wildlife (Protection) Act, 1972 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120B (आपराधिक साजिश) के तहत दर्ज किया गया था. एल्विश यादव को बाद में 50,000 रुपये के मुचलके पर जमानत मिल गई थी.फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले को दो हफ्तों के लिए स्थगित कर दिया है और विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. अब सबकी नजर अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां यह साफ होगा कि एल्विश यादव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी या नहीं.
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FAQ
मामला क्या है?
Elvish Yadav पर नोएडा में कथित रेव पार्टियों में सांप के जहर के इस्तेमाल से जुड़े मामले में आरोप लगे हैं.
केस किस कानून के तहत दर्ज हुआ है?
मामला Wildlife (Protection) Act, 1972 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120B (आपराधिक साजिश) के तहत दर्ज किया गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या टिप्पणी की?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई प्रसिद्ध व्यक्ति संरक्षित और बेजुबान जानवरों का इस्तेमाल करता है तो इससे गलत संदेश जाता है. अदालत ने मामले की गंभीरता से जांच की बात कही.
एल्विश यादव की दलील क्या है?
उनकी ओर से कहा गया कि सांप उनके नहीं थे और वह केवल एक म्यूजिक वीडियो में गेस्ट अपीयरेंस के लिए मौजूद थे. जानवरों की व्यवस्था अन्य लोगों ने की थी.
क्या आवश्यक अनुमति ली गई थी?
बचाव पक्ष का दावा है कि निर्माता ने जरूरी अनुमति ली थी. हालांकि, कोर्ट ने अभियोजन पक्ष से इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.
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