रवीना टंडन ने नेपोटिज्म पर निकाली भड़ास, कहा- रोल पाने के लिए किसी के साथ नहीं सोई

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रवीना टंडन नेपोटिज्म

रवीना टंडन ने नेपोटिज्म पर निकाली भड़ास

इन दिनों बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर बहस छिड़ी हुई है। बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन ने भी इस पर अपनी भड़ास निकाली है। साथ ही रवीना टंडन ने ये भी बताया कि उनके लिए इंडस्ट्री में सुपरस्टार बनने तक का सफर आसान नहीं था। रवीना टंडन ने नेपोटिज्म पर बात करते हुए इस बात का भी खुलासा खुद ही किया। उन्होंने बताया कि उनके लिए ये मुश्किलें इसलिए हुईं क्योंकि वो रोल पाने के लिए हीरो के साथ सोई नहीं थीं। अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में उन्होंने इंडस्ट्री में ‘हीरो’ के कारनामों के साथ-साथ उस वक्त के जर्नलिज्म पर भी कई चौंकाने वाली बातें बताई हैं।

उस दौर में एक सीक्रेट कैंप हुआ करता था

हाल ही में हुई एक बातचीत में रवीना टंडन ने बॉलीवुड इडस्ट्री और इसमें हीरो को लेकर कई हैरान कर देने वाले खुलासे किए हैं। अपने करियर से शुरुआती दौर के बारे में बात करते हुए रवीना ने बताया कि उस दौर में एक सीक्रेट कैंप हुआ करता था। जिसमें हीरो, उनकी गर्लफ्रेंड्स और उनके जर्नलिस्ट चमचे होते थे। मुझे ये देखकर सन्न रह जाती थी कि कई फीमेल जर्नलिस्ट एक औरत के साथ ऐसा भी कर सकती हैं। वो जर्नलिस्ट जो आज कहती हैं कि मैं फेमनिस्ट हूं और वो कॉलम लिखती हैं। उस वक्त उन्होंने मुझे सपोर्ट नहीं किया क्योंकि किसी हीरो ने उनकी मैग्जीन के कवर को लेकर वादा कर दिया था।

मेरे नाम पर कीचड़ उछाला गया

रवीना ने आगे कहा, मैंने अपनी ईमानदारी की वजह से फिल्में भले ही ना खोई हों लेकिन मेरे नाम पर कीचड़ बहुत उछाला गया। मैंनें कभी किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया। मेरे पास कोई गॉडफादर नहीं था। मैं किसी कैंप का हिस्सा भी नहीं थी। मैं किसी हीरो के साथ रोल के लिए सोई नहीं और ना ही मैंने उनके साथ अफेयर किया। कई बार तो मुझे सिर्फ इसलिए अहंकारी कहा गया क्योंकि मैं वो सब नहीं कर रही थी, जो हीरो मुझसे करवाना चाहते थे। जब वो कहें हंसो तो हंसो, जब कहें बैठो तो बैठ जाओ। मैं अपनी शर्तों पर जी रही थी इसलिए कई फीमेल जर्नलिस्ट ने मुझे नीचा दिखाने की कोशिश भी की’।

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Sangya Singh

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