JioStar revenue structure update

ताजा खबर: भारतीय मीडिया इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और इसी बदलाव के बीच JioStar ने अपने विज्ञापन और राजस्व मॉडल में अहम पुनर्गठन किया है. कंपनी अब अपने दूसरे साल के संचालन में है, जो Reliance Industries और Disney Star के विलय के बाद अस्तित्व में आई थी. शुरुआत में कंपनी ने टीवी और डिजिटल के लिए एकीकृत सेल्स स्ट्रक्चर अपनाया था, ताकि विज्ञापनदाताओं को एक ही प्लेटफॉर्म से दोनों माध्यमों पर पहुंच मिल सके.

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एकीकृत मॉडल से विशेषज्ञ मॉडल की ओर

विलय के बाद बनाया गया LCS (Large Client Sales) और SMB (Small & Medium Business) ढांचा क्लाइंट के आकार के आधार पर तैयार किया गया था. बड़े और छोटे विज्ञापनदाताओं के लिए अलग-अलग टीमें थीं. लेकिन अब कंपनी ने इस संरचना को समाप्त कर दिया है. नई रणनीति के तहत टीवी और डिजिटल को अलग-अलग विशेषज्ञ टीमों के माध्यम से संभाला जाएगा. यह बदलाव इस समझ से प्रेरित है कि दोनों प्लेटफॉर्म की जरूरतें और कार्यशैली अलग हैं.

टीवी और डिजिटल: दो अलग दुनिया

टेलीविजन विज्ञापन मुख्य रूप से जीआरपी, प्राइम टाइम स्लॉट और बड़े ब्रांड कैंपेन पर आधारित होता है, जहां ब्रांड बिल्डिंग प्रमुख लक्ष्य होता है. वहीं डिजिटल विज्ञापन डेटा-ड्रिवन है, जिसमें टार्गेटिंग, क्लिक, इम्प्रेशन, कन्वर्जन और रियल-टाइम एनालिटिक्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसी बुनियादी अंतर के कारण कंपनी ने प्लेटफॉर्म-आधारित विशेषज्ञता को प्राथमिकता देने का फैसला लिया है.

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नेतृत्व में बदलाव

इस पुनर्गठन के तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं. Anuradha Mathur, Prashant Shetty, Milred Ryan और Pavithra RK को फिर से टेलीविजन स्ट्रक्चर के साथ जोड़ा गया है. डिजिटल सेल्स की कमान अब Bhaskar Ramesh के हाथों में है, जो पहले जियोसिनेमा में स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट के प्रमुख थे.

विलय के शुरुआती चरण में LCS और SMB ढांचे का नेतृत्व Ajit Varghese ने किया था. हाल तक Kevin Vaz टीवी और डिजिटल दोनों में राजस्व संचालन देख रहे थे, लेकिन अब संरचना अधिक स्पष्ट रूप से विभाजित हो गई है.

विज्ञापन बाजार पर असर

डिजिटल विज्ञापन भारत में तेजी से बढ़ रहा है और ब्रांड्स अब अधिक डेटा-आधारित फैसले ले रहे हैं. दूसरी ओर, टीवी अब भी बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स और रियलिटी शोज़ के दौरान व्यापक पहुंच प्रदान करता है. पहले कंपनी सिंगल विंडो मॉडल के तहत टीवी और डिजिटल इन्वेंट्री को एक साथ बेचती थी, जिससे क्रॉस-प्लेटफॉर्म डील आसान हो जाती थी. अब हालांकि दोनों टीमें अलग हैं, लेकिन बड़े आयोजनों में सहयोग की संभावना बनी रहेगी.

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भविष्य की दिशा

यह पुनर्गठन दर्शाता है कि कंपनी अब प्रयोगात्मक मॉडल से आगे बढ़कर विशेषज्ञता और दक्षता पर जोर दे रही है. टीवी की व्यापक पहुंच और डिजिटल की सटीक टार्गेटिंग—दोनों को संतुलित करना आने वाले समय की सबसे बड़ी चुनौती और अवसर होगा. कुल मिलाकर, जियोस्टार का यह कदम भारतीय मीडिया उद्योग के बदलते परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.

FAQ

1. जियोस्टार ने अपने ढांचे में क्या बदलाव किया है?

JioStar ने टीवी और डिजिटल विज्ञापन सेल्स को अलग-अलग संरचनाओं में बांट दिया है. पहले दोनों प्लेटफॉर्म एकीकृत मॉडल के तहत संचालित होते थे.

2. जियोस्टार का गठन कैसे हुआ था?

जियोस्टार का गठन Reliance Industries और Disney Star के मीडिया व्यवसाय के विलय के बाद हुआ था.

3. LCS और SMB मॉडल क्या था?

LCS (Large Client Sales) और SMB (Small & Medium Business) मॉडल क्लाइंट के आकार के आधार पर तैयार किया गया सेल्स ढांचा था, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है.

4. टीवी और डिजिटल सेल्स को अलग क्यों किया गया?

टीवी और डिजिटल विज्ञापन की प्रकृति अलग होती है. टीवी ब्रांड बिल्डिंग और जीआरपी आधारित मॉडल पर चलता है, जबकि डिजिटल डेटा, टार्गेटिंग और परफॉर्मेंस मेट्रिक्स पर आधारित होता है. इसी वजह से विशेषज्ञ टीमों की जरूरत महसूस हुई.

5. इस बदलाव से नेतृत्व स्तर पर क्या परिवर्तन हुए हैं?

पुनर्गठन के तहत Anuradha Mathur, Prashant Shetty, Milred Ryan और Pavithra RK को टेलीविजन संरचना से जोड़ा गया है, जबकि डिजिटल सेल्स की जिम्मेदारी Bhaskar Ramesh को दी गई है.

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