Ramesh Sippy Birthday Special: सीता और गीता से शोले और शान से लेकर शिमला मिर्च तक
बीते लम्हें: कुछ पुरुष (और महिलाएं) भाग्य से धन्य होते हैं या इसे वह अज्ञात शक्ति कहते हैं जो मनुष्य की ओर ले जाती है और कोई शक्ति, कोई बल और कोई भय नहीं बदल सकता है.
बीते लम्हें: कुछ पुरुष (और महिलाएं) भाग्य से धन्य होते हैं या इसे वह अज्ञात शक्ति कहते हैं जो मनुष्य की ओर ले जाती है और कोई शक्ति, कोई बल और कोई भय नहीं बदल सकता है.
धर्मेंद्र के 90वें जन्मदिन के सिर्फ तीन दिन बाद क्लासिक फिल्म ‘शोले: द फाइनल कट 4K’ देशभर के 1500 थिएटर्स में फिर से रिलीज की जा रही है। निर्देशक रमेश सिप्पी ने इस मौके पर कहा कि धर्मेंद्र जैसा दूसरा कलाकार कभी नहीं हो सकता.......
सिडनी भारतीय फिल्म महोत्सव में ऑरिजिनल एंड वाली फिल्म शोले का विशेष प्रदर्शन किया जाएगा, जो अब तक दर्शकों के सामने नहीं आई है
मेरी निर्देशित फिल्म शोले (50 वर्ष) एक कालातीत सिनेमाई-आश्चर्य, एक शानदार एक्शन-भावनात्मक संगीत थ्रिलर (प्रतिभाशाली संगीतकार-गायक आर.डी.बर्मन) क्लासिक है!
15 अगस्त, 1975 को रिलीज़ हुई हिंदी सिनेमा की आईकोनिक फिल्म ‘शोले’ ने भारतीय सिनेमा की परिभाषा ही बदल दी थी. 2025 में अपने 50 साल पूरे कर चुकी इस क्लासिक फिल्म की स्वर्ण जयंती पर निर्देशक रमेश सिप्पी ने कुछ अनसुने किस्से और यादें साझा कीं...
रमेश सिप्पी ने अंदाज़, सीता और गीता, सागर और शान जैसी जानदार-शानदार फिल्में बनाई थीं, बुनियाद जैसा टीवी सीरियल बनाया था मगर उनकी पहचान हमेशा शोले वाले रमेश सिप्पी से ही होती है.
शोले के रीमेक के लिए रमेश सिप्पी ने क्या शर्त रखी है ? बॉलीवुड में कुछ दिनों से रीमेक फिल्मों का ट्रेंड सा चल गया है। जिसे देखो वही फिल्मों के रीमेक बनाने में लगा है। बॉलीवुड की पुरानी फिल्मों से साउथ इंडियन फिल्मों तक आजकल हर किसी का रीमेक बनाया जा रहा