‘जो चाहता था वही मिला तो भगवान से कोई शिकायत नहीं है’- वैभव माथुर
आपका अब तक का सफर कैसा रहा? - मैं जयपुर, राजस्थान से हूँ और हमेशा से थिएटर करता रहा स्कूल में और पढ़ाई में डब्बा गोल था. लेकिन सोच लिया था की कुछ करना है, अलग करना है. तो मेरे एक दूर के चाचा थे वो आये एक दिन और उन्होंने कहा की जयपुर में एक थिएटर चल रहा है
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