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ताकत हमेशा शोर मचाकर सामने नहीं आती. कई बार यह चुपचाप सहने की क्षमता में दिखती है, गिरकर फिर उठने के साहस में और परिवार, काम और सपनों को एक साथ थामने की ताकत में. महिला दिवस सिर्फ जश्न का दिन नहीं है, बल्कि उन अलग-अलग भूमिकाओं को पहचानने का दिन है जिन्हें महिलाएं हर रोज़ निभाती हैं और जिनका असर हमारी ज़िंदगी पर गहराई से पड़ता है. ऑन-स्क्रीन, सोनी सब के किरदार अक्सर मज़बूत, संवेदनशील और दृढ़ महिलाओं को दिखाते हैं चाहे वह मां हो जो परिवार को जोड़कर रखती है, कोई युवती जो अपनी आवाज़ खोज रही है, या साथी जो बराबरी से खड़ा है. ऑफ-स्क्रीन भी ये कहानियां उतनी ही व्यक्तिगत लगती हैं.
This Women’s Day, Sony SAB artists:
इस महिला दिवस पर सोनी सब के कलाकार करुणा पांडे, अक्षया हिंदालकर और श्रेनु पारिख बताते हैं कि उनके लिए महिला होने की ताकत का मतलब क्या है महत्वाकांक्षा, रिश्तों और आत्म-विकास के बीच संतुलन बनाना. इनके साथ अविनेश रेखी और रजत वर्मा भी अपनी ज़िंदगी की उन महिलाओं के बारे में बात करते हैं जिन्होंने उन्हें प्रेरित किया है और कैसे ऑन-स्क्रीन गहरे किरदार निभाने से महिलाओं की ताकत के प्रति उनका सम्मान और बढ़ा है.
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'Pushpa Impossible' में Pushpa Patel का किरदार निभा रहीं करुणा पांडे ने साझा किए अपने अनुभव,
"पुष्पा का किरदार मेरे लिए बहुत व्यक्तिगत रहा है क्योंकि वह उन कई महिलाओं का प्रतिनिधित्व करती है जिन्हें हम अपने आसपास देखते हैं. वह घर संभालती है, भावनाओं और गलतफहमियों को संभालती है और फिर भी आगे बढ़ती रहती है. मैं खुद भी अपनी ज़िंदगी में ऐसे दौर से गुज़री हूं जब काम और परिवार के बीच संतुलन बनाना पड़ा और सोचा भी नहीं कि यह कितना मुश्किल है, बस वही किया जो ज़रूरी था. महिला दिवस मेरे लिए उन रोज़मर्रा की कोशिशों को पहचानने का दिन है जो अक्सर अनदेखी रह जाती हैं."
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'Ganesh Kartikey' में देवी पार्वती का किरदार निभा रहीं Shrenu Parikh ने साझा किए अपने अनुभव,
"देवी सती और देवी पार्वती का किरदार निभाने से मुझे स्त्रीत्व को और गहराई से समझने का मौका मिला. ऑन-स्क्रीन वह भक्ति, धैर्य, प्रेम और दृढ़ संकल्प का प्रतीक हैं. रोल की तैयारी करते समय मैं अक्सर सोचती हूं कि ये गुण आज भी हमारे आसपास की महिलाओं में मौजूद हैं. मेरी निजी ज़िंदगी में भी, खासकर शादी के बाद, मैंने साझेदारी और परिवार का असली मतलब और करीब से समझा है. मेरे लिए महिला दिवस उस संतुलन को महत्व देने का दिन है — देखभाल करने वाला होना, जड़ों से जुड़ा होना और साथ ही अपनी पहचान और आवाज़ बनाए रखना."
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'Pushpa Impossible' में राशी का किरदार निभा रहीं Akshhaya Hindalkar ने साझा किए अपने अनुभव,
"शादी मेरे लिए एक नया अध्याय रहा है. आप समझते हैं कि साझेदारी रोज़मर्रा की बातचीत और आपसी समझ से बनती है. मैंने यह भी सीखा कि अपनी पहचान बनाए रखना कितना ज़रूरी है, भले ही आप साथ मिलकर ज़िंदगी बना रहे हों. महिला दिवस मेरे लिए उस संतुलन को पहचानने का दिन है और अपने आसपास की महिलाओं के लिए मौजूद रहने का दिन है. इस महिला दिवस पर मैं हर महिला को यही शुभकामना देती हूं कि वह खुद के प्रति सच्ची रहे, अपने सपनों को पूरा करने की ताकत पाए और हर दिन वह प्यार और सम्मान पाए जिसकी वह हकदार है."
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'Ganesh Kartikey' में भगवान शिव का किरदार निभा रहे Avinesh Rekhi ने साझा किए अपने अनुभव
"पति होने के नाते मैंने करीब से देखा है कि महिलाएं हर दिन कितना कुछ संभालती हैं, कई बार बिना कहे. यह कोई नाटकीय बात नहीं है, बल्कि लगातार चलने वाली मेहनत है. ऑन-स्क्रीन गहरे किरदार निभाना और मज़बूत महिला सह-कलाकारों को देखना इस समझ को और गहरा करता है. महिला दिवस मेरे लिए यह याद दिलाने का दिन है कि उनकी मौजूदगी और मेहनत को हल्के में न लें, बल्कि हर दिन उसे महत्व दें. इस खास दिन पर मैं हर महिला को ताकत, सराहना और वह पहचान मिलने की शुभकामना देता हूं जिसकी वह हकदार है — सिर्फ आज नहीं, बल्कि हर दिन."
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'Itti Si khushi' में विराट का किरदार निभा रहे Rajat Verma ने साझा किए अपने अनुभव
"जैसे-जैसे मैं बड़ा हुआ हूं, मैंने छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना शुरू किया है, खासकर अपनी मां में. मुश्किल पलों में उनका धैर्य, सबकुछ संभालने की भावनात्मक ताकत और वे चुपचाप किए गए त्याग जो अक्सर कहे नहीं जाते. मेरे लिए महिला दिवस उस चुपचाप ताकत को पहचानने का दिन है — वह ताकत जो ध्यान नहीं चाहती लेकिन हर दिन हमारी ज़िंदगी को आकार देती है. और यह सुनिश्चित करने का दिन है कि हम उसका सम्मान और सराहना करें, सिर्फ आज नहीं बल्कि हमेशा."
देखिए 'इत्ती सी खुशी', 'गणेश कार्तिकेय' और 'पुष्पा इम्पॉसिबल' — सिर्फ़ सोनी सब पर
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Tags : Women Day | International Women Day
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