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‘पारो संग देव’ (Paro Sang Dev) दंगल टीवी (Dangal TV) पर प्रसारित होने वाला एक लोकप्रिय हिंदी टेलीविजन धारावाहिक है, जिसने कम समय में दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई. टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने दमदार अभिनय से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री जान्हवी सोनी (Jahnavi Soni) का यह शो अब ऑफ-एयर हो रहा है. शो के अचानक बंद होने से जहां दर्शक हैरान हैं, वहीं जान्हवी के लिए भी यह सफर भावनाओं और सीखों से भरा रहा. हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में जान्हवी ने अपने किरदार पारो, शो के ऑफ-एयर होने, निजी जिंदगी, प्यार, करियर, संघर्ष, सोशल मीडिया और भविष्य की योजनाओं को लेकर खुलकर बातचीत की. आइये जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा....
‘पारो संग देव’ का सफर आपके लिए कैसा रहा?
ईमानदारी से कहूं तो मुझे खुद यकीन नहीं हुआ कि शो अचानक ऑफ-एयर हो जाएगा. हमें इस शो से बहुत प्यार मिला. मैंने सारे कमेंट्स पढ़े. मुझे लगता था कि यह शो कम से कम एक साल चलेगा, लेकिन जब यह बंद हुआ तो हैरानी हुई. फिर भी मैं पूरी टीम से बहुत संतुष्ट हूं—डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कलाकार, सभी. सेट पर कभी नेगेटिव माहौल नहीं रहा, हम सबने बहुत एंजॉय किया.
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जब शो को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा हो और फिर भी बंद हो जाए, तो इसका कारण क्या होता है?
सच कहूं तो मुझे भी इसका सही कारण नहीं पता. ऐसा हमारे साथ ही नहीं, कई ऐसे शोज़ बंद हुए हैं जिनकी टीआरपी भी अच्छी थी. ज़रूर कोई इंटरनल कारण होता है, यह पूरी तरह चैनल का फैसला होता है.
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क्या शो के बंद होने का असर कलाकारों की निजी ज़िंदगी पर पड़ता है?
बिलकुल पड़ता है. सिर्फ कलाकार ही नहीं, पूरी टीम थोड़ा हिल जाती है. कलाकारों के लिए यह और मुश्किल होता है क्योंकि वे अपने किरदार से जुड़ जाते हैं. फिर खुद को समझाना पड़ता है कि अब ‘पारो’ की ज़िंदगी खत्म हो चुकी है और मुझे उसे भूलना होगा.
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‘पारो’ और आपकी असल ज़िंदगी में क्या समानताएं और अंतर हैं?
‘पारो’ बहुत मेहनती, ईमानदार और निस्वार्थ है. वह अपने परिवार के लिए सब कुछ करती है. इनमें काफी समानताएं हैं. फर्क बस इतना है कि मैं उस दौर में नहीं जी रही जहां खुद को पूरी तरह भुला दूं. अब मैं अपनी ज़िंदगी और करियर पर ज्यादा फोकस करती हूं.
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शो का नाम ‘पारो संग देव’ सुनकर आपको कैसा लगा?
मुझे पहले पारो का मोनोलॉग मिला था, जो मुझे बहुत पसंद आया. बाद में पता चला कि शो का नाम ‘पारो संग देव’ है.
शो से जुड़ा कोई ऐसा किस्सा जो दर्शक नहीं जानते? जो आपको याद रह गया हो?
एक सीन में मुझे साड़ी पहनकर सेट की पहली मंज़िल तक बिना किसी सहारे के चढ़ना था. वह असली सीन था. मैं दीवार से चिपककर ऊपर गई. डायरेक्टर मैम ने उसका वीडियो भी शूट किया था. सीन खत्म होते ही सब लंच पर जाने को कहने लगे और मैं वहीं ऊपर फंसी रही, फिर मैंने उन्हें नीचे उतारने के लिए कहा.
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क्या एक जैसे किरदार बार-बार निभाना मुश्किल होता है?
कुछ हद तक हां. मुझे अपनी भाषा, एक्सेंट और बॉडी लैंग्वेज तक बदलनी पड़ी. कहीं राजस्थानी टच था, तो कहीं बिहारी. कई बार लगता है कि मैंने अपनी ही भाषा “खराब” कर ली. लेकिन बतौर अभिनेता यह चुनौती मुझे पसंद है.
लोग जब आपको किरदार के नाम से बुलाते हैं, यह कैसा लगता है?
मुझे बहुत अच्छा लगता है. जब कोई मुझे ‘पारो’ कहकर बुलाता है, तो मुझे खुशी होती है.
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प्यार को आप कैसे परिभाषित करेंगी?
प्यार एक बहुत खूबसूरत एहसास है. इसके बारे में बात करते ही मुस्कान आ जाती है. लेकिन अगर इसे जरूरत से ज्यादा गंभीरता से लिया जाए, तो यह करियर को नुकसान भी पहुंचा सकता है. प्यार और करियर में बैलेस बहुत जरूरी है.
अब फोकस प्यार पर है या करियर पर?
अब मेरा पूरा फोकस करियर पर है. मैंने प्यार में अपना सौ प्रतिशत दिया है, अब आगे बढ़ने का वक्त है.
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‘अफवाह’ (Afwaaf) से डेब्यू का अनुभव कैसा रहा?
फिल्म ज्यादा समय थिएटर में नहीं रही, लेकिन जब मेरे पिता ने मुझे बड़े पर्दे पर देखा तो उन्हें यकीन हुआ कि मैं कुछ कर सकती हूं. मुझे उस वक्त एनएसडी या थिएटर की जानकारी नहीं थी, बस किरदार को ईमानदारी से निभाया.
करियर के शुरुआती दौर में संघर्ष कैसा रहा?
बहुत बार लोग कहते हैं कि आप इसके लिए नहीं बने हैं. यह हर किसी के साथ होता है. जरूरी है कि आप खुद पर भरोसा रखें और जानें कि आपको क्या चाहिए.
दर्शकों से जुड़ने का सबसे बड़ा मंत्र क्या है?
बस किरदार को सच्चाई से निभाइए. ज्यादा सोचना नहीं, बस उसे जीना चाहिए.
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आपने कुकू टीवी के शो में माता सीता का किरदार निभाया था, उसका अनुभव कैसा रहा?
मैं बचपन से माता सीता पर रिसर्च करती आई हूं. यह मेरा सपना था. लेकिन वर्टिकल फॉर्मेट में भावनाओं को पूरी गहराई से दिखाना मुश्किल होता है. ‘रामायण’ जैसे विषय को पूरी प्रामाणिकता के साथ दिखाया जाना चाहिए.
आप भविष्य में किस तरह के रोल करना चाहेंगी?
मैं अपनी पर्सनैलिटी से बिल्कुल अलग रोल करना चाहती हूं—थोड़ा नॉटी, साइको या ग्रे शेड्स वाला किरदार.
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भविष्य में आप किस डायरेक्टर और एक्टर के साथ काम करना चाहती है?
डायरेक्टर में संजय लीला भंसाली (Sanjay Leela Bhansali) और अभिनेता में साउथ के नैचुरल स्टार एक्टर नानी (घन्टा नवीन बाबू) के साथ काम करना चाहूंगी.
नए साल के लिए फैंस को क्या संदेश देंगी?
मैं सभी को नए साल की अग्रिम शुभकामनाएं देती हूं. मैं नया साल अपने परिवार के साथ जयपुर में मनाऊंगी.
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