/mayapuri/media/media_files/2026/02/13/o-romeo-review-2026-02-13-17-22-49.jpeg)
Movie Review- ओ रोमियो
कलाकार- शाहिद कपूर , अविनाश तिवारी , तृप्ति डिमरी , नाना पाटेकर , दिशा पाटनी , तमन्ना भाटिया , विक्रांत मैसी , फरीदा जलाल और हुसैन दलाल
लेखक- विशाल भारद्वाज और रोहन नरूला
निर्देशक- विशाल भारद्वाज
निर्माता- विशाल भारद्वाज और साजिद नाडियाडवाला
रिलीज- 13 फरवरी 2026
रेटिंग- 4 स्टार
O Romeo Movie Review: शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) और तृप्ति डिमरी (Triptii Dimri) की फिल्म ‘ओ रोमियो’(O’ Romeo) 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. इस रोमांटिक एक्शन थ्रिलर को लेकर काफी समय से दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई थी और अब उनका इंतजार खत्म हो चुका है. फिल्म में शाहिद और तृप्ति के साथ दिशा पाटनी, नाना पाटेकर, तमन्ना भाटिया, फरीदा जलाल और विक्रांत मैसी जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं. कहानी को लेकर पहले कुछ विवाद सामने आए थे, लेकिन इसके बावजूद फिल्म बड़े पर्दे पर आ चुकी है. अगर आप वैलेंटाइन डे के मौके पर इसे देखने का सोच रहे हैं, तो आज हम आपको बताएंगे कि यह फिल्म कैसी है. आइए जानते हैं कैसा हैं इस फिल्म 'ओ रोमियो' का रिव्यू .
Ishq Ka Fever: 'O Romeo' का सॉन्ग 'इश्क का फीवर' हुआ रिलीज
फिल्म की कहानी क्या हैं? (What is the story of the film?)
ओ रोमियो कहानी में खान उस्तरा (शाहिद कपूर) को गैंगस्टरों को खत्म करने के लिए पैसे देता है और उस्तरा पूरी तरह उसी के इशारों पर चलता है, क्योंकि कभी खान ने उसे जलाल (अविनाश तिवारी) के चंगुल से बचाकर उसकी जान बचाई थी. उस्तरा अपनी दादी (फरीदा जलाल) और साथियों के साथ एक क्रूज पर रहता है, जहां छोटू (हुसैन दलाल) उसका सबसे करीबी साथी है, जबकि बार डांसर जूली (दिशा पाटनी) उसकी गर्लफ्रेंड है. कहानी तब मोड़ लेती है जब अफ्शा (तृप्ति डिमरी) जलाल, अंसारी, शंकर और इंस्पेक्टर पठारे की सुपारी लेकर उसके पास आती है, जिनका संबंध उसके पति महबूब कुरैशी (विक्रांत मैसी) से है. हालांकि पहले हिस्से में अफ्शा का असली मकसद साफ नहीं होता और यहीं से सस्पेंस गहराता है. उस्तरा और अफ्शा के बीच भरोसे और शक से भरा एक अनोखा रिश्ता बनता है. दूसरे हाफ में कहानी प्यार और बदले की दास्तान में बदल जाती है, जहां लोगों को पलक झपकते मौत के घाट उतारने वाला उस्तरा अपने प्यार के लिए हर हद पार करने को तैयार ‘रोमियो’ बन जाता है और खुद को इंस्पेक्टर खान और अफ्शा के बीच फंसा हुआ पाता है. अब सवाल ये है कि अफ्शा आखिर इन सभी लोगों की क्यों सुपारी देती हैं और क्या उस्तरा इन सभी लोगों को मौत के घाट उतार देगा. इन सब सवालों का जवाब जानने के लिए आपको सिनेमाघरों में जाकर फिल्म देखनी पड़ेगी.
Arbaaz Patel: अरबाज पटेल के प्रपोजल पर Nikki Tamboli हुईं इमोशनल
फिल्म के कलाकारों का अभिनय कैसा है? (How is the acting of the actors in the film?)
शाहिद कपूर ने उस्तरा के किरदार को बेहद प्रभावशाली अंदाज में पर्दे पर उतारा है. उनके चेहरे की मासूम शांति, आंखों में उभरता गुस्सा और एक्शन सीक्वेंस में दिखाई देने वाली तीव्रता ने इस किरदार को खास बना दिया है. कई दृश्यों में वह बिना संवाद बोले ही गहरी भावनाएं व्यक्त करते नजर आते हैं, जिसे उनके करियर के बेहतरीन प्रदर्शनों में गिना जा सकता है. अफ्शा के रोल में तृप्ति डिमरी भी शानदार रही हैं. पहले हिस्से में उनका संयमित और रहस्यमयी अंदाज दिखता है, जबकि दूसरे भाग में किरदार की परतें खुलने के साथ उनका आत्मविश्वास और आक्रोश उभरकर सामने आता है. शाहिद और तृप्ति की केमिस्ट्री स्वाभाविक लगती है और कहानी को मजबूती देती है. वहीं, अविनाश तिवारी ने जलाल के रूप में प्रभावी नकारात्मक छाप छोड़ी है, जबकि नाना पाटेकर ने अपने दमदार संवाद और सशक्त स्क्रीन प्रेजेंस से हर सीन को वजनदार बनाया है. फरीदा जलाल, तमन्ना भाटिया, विक्रांत मैसी और दिशा पाटनी ने छोटी भूमिकाओं में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है.
Rajpal Yadav Case: चेक बाउंस केस पर राजपाल यादव के वकील ने दिया बायन
फिल्म का निर्देशन कैसा है? (How is the direction of the film?)
हुसैन जैदी की कहानी को विशाल और रोहन नरूला ने बड़े ही स्टाइलिश और प्रभावशाली अंदाज में स्क्रीनप्ले में ढाला है. फिल्म का संपादन संतुलित रहा है और पटकथा में भावना, रोमांच और हिंसा का मिश्रण बखूबी किया गया है. हालाँकि संवाद कम हैं, लेकिन हर एक संवाद अपनी जगह असरदार और यादगार बन पड़ा है. शाहिद कपूर ने अपने संयमित और दमदार अभिनय से किरदार को न सिर्फ मजबूती दी, बल्कि उसे जीवंत भी बना दिया है. वहीं शाहिद और तृप्ति के पात्रों के बीच शुरू से पनपता सस्पेंस दूसरे हाफ में खुलकर सामने आता है, जो कहानी में और गहराई और रोमांच भर देता है. संगीत और संवादों का आपसी तालमेल भी सधा हुआ है, हालाँकि फिल्म का पहला भाग कुछ दर्शकों को थोड़ा धीमा जरूर लग सकता है.
फिल्म का संगीत कैसा है? (How is the music of the film?)
फिल्म का संगीत कहानी के साथ बेहद सहज रूप से जुड़ा हुआ महसूस होता है. विशाल भारद्वाज का संगीत और गुलज़ार के लिखे बोल गानों को कथा का अहम हिस्सा बना देते हैं, जिससे वे अलग या जबरन जोड़े गए नहीं लगते. रोमांटिक ट्रैक्स में सादगी और मिठास है, जबकि डांस नंबर में भरपूर ऊर्जा दिखाई देती है. वहीं, कई अहम दृश्यों में बैकग्राउंड स्कोर तनाव और भावनात्मक प्रभाव को और गहराई प्रदान करता है.
क्या हमें इसे देखना चाहिए या नहीं? (Should we watch it or not?)
‘ओ रोमियो’ ऐसी फिल्म है जिसे समझने और महसूस करने के लिए धैर्य जरूरी है, और अगर आप समय देते हैं तो यह आपको संतोष भी देती है. जो दर्शक शुरुआत से तेज रफ्तार की उम्मीद करते हैं, उन्हें पहला हिस्सा थोड़ा धीमा या साधारण लग सकता है. लेकिन अगर आप कहानी की परतों और किरदारों की गहराई में दिलचस्पी रखते हैं, तो दूसरा भाग आपको पूरी तरह बांधकर रखता है और फिल्म का असर ज्यादा मजबूत होकर सामने आता है.
Frequently Asked Questions (FAQ)
Q1. ‘ओ रोमियो’ किस जॉनर की फिल्म है? (What genre is O Romeo?)
A. यह एक रोमांटिक एक्शन थ्रिलर फिल्म है, जिसमें प्यार, बदला और सस्पेंस का मिश्रण देखने को मिलता है.
Q2. फिल्म में मुख्य भूमिका में कौन हैं? (Who are the lead actors in the film?)
A. फिल्म में Shahid Kapoor और Triptii Dimri मुख्य भूमिकाओं में हैं.
Q3. फिल्म की कहानी किस बारे में है? (What is the story about?)
A. कहानी एक सुपारी किलर ‘उस्तरा’ के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जिंदगी में अफ्शा नाम की रहस्यमयी महिला की एंट्री के बाद घटनाएं तेजी से बदलती हैं.
Q4. क्या फिल्म में अन्य कलाकार भी अहम भूमिका में हैं? (Who are the supporting actors?)
A. हां, फिल्म में Nana Patekar, Disha Patani, Vikrant Massey, Tamannaah Bhatia और Farida Jalal भी नजर आते हैं.
Q5. फिल्म का संगीत किसने दिया है? (Who composed the music?)
A. फिल्म का संगीत Vishal Bhardwaj ने तैयार किया है, जबकि गीतों के बोल Gulzar ने लिखे हैं.
Tags : O Romeo Public Review | O Romeo First look | O Romeo Trailer | O Romeo Teaser | O' Romeo Movie Review | O' Romeo Trailer Launch
Follow Us
/mayapuri/media/media_files/2026/02/13/cover-2680-2026-02-13-18-28-19.png)