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Dev Anand

देवानंद और उनकी काली शर्ट

अली पीटर जॉन देवानंद साठ के दशक में सफलता की ऊंचाइयों पर थे। वो जितनी फिल्में चाहते साइन कर सकते थे, क्योंकि लोग और खासकर महिलाएं उनको देखने के लिए पागल थी। पर उन्होंने साल में 5 से ज्यादा फिल्में  कभी साइन नहीं की। उन्होंने एक बार मुझसे…
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एक गाना जो लगभग खत्म कर दिया गया था 

अली पीटर जॉन राज खोसला गुरुदत्त के असिस्टेंट है और उन्होंने देवानंद के साथ कुछ फिल्में भी बनाई थी। देवानंद गुरुदत्त और राज खोसला दोनों के गुरु थे। राज उस वक्त मिस्ट्री थ्रिलर फिल्म 'वह कौन थी' बना रहे थे, जिसमें मनोज कुमार और साधना मुख्य…
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बर्थडे स्पेशल: जीनत अमान कभी वो खुद एक पत्रकार थी बाद में पत्रकारों की ही शिकार बन गईं

अली पीटर जॉन वो मुझसे लगातार कहती रही कि मैं उनकी कमबैक फिल्म देखूं और मुझे पता था कि फिल्म बहुत ही बेकार होगी, पर मैं अपनी पुरानी दोस्त 'जीनी बेबी' के कहने पर फिल्म देखने गया और जब मैं थिएटर से बाहर आया तो मैं यह सोचा था कि जीनत अमान, वो…
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देव खुद में एक त्यौहार थे और उन्हें किसी पुरस्कार की जरूरत नहीं थी

अली पीटर जॉन सभी त्यौहार मनाने के पीछे मेरे पास ज्यादा कारण होते हैं जितना दुनिया के पास होते हैं क्योंकि मैं हर त्यौहार को देवानंद त्यौहार की तरह बनाता हूं. ऐसा इसलिए है क्योंकि मुझे नहीं लगता कि कोई भी त्यौहार देवानंद के जीवन से ज्यादा…
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देवानंद की दीवानगी

देव आनंद का जादू दर्शकों पर किस हद तक था और अब भी है यह बताने की जरूरत नहीं है. लोग उनके और उनके फिल्मों के लिए दीवाने होते थे. ऐसी ही एक दीवानगी का किस्सा सुनाते हुए अनु कपूर ने बताया था कि जॉनी मेरा नाम के रिलीज होने से 1 दिन…
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देवानंद की आत्मकथा के पीछे की कहानियां

अली पीटर जॉन अपने जीवन के अंतिम 10 सालों में देवानंद के पास कई लेखक आयें जो उनके जीवन पर किताब लिखना चाहते थे. इनमें से कुछ भारत के थे और कुछ दूसरे देश के .पर देवानंद किसी को भी अपने ऊपर किताब लिखने की अनुमति नहीं देना चाहते थे. वो हमेशा…
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एक तनहा सा बंगला देव साहब का

पचास साल पहले, इस क्षेत्र में केवल एक बंगला था जिसमें आर्मी कैंटोनमेंट के रूप में एकमात्र अलग ज्ञात स्थान था। देव आनंद जो पंजाब के गुरदासपुर से अंग्रेजी साहित्य में डिग्री लेकर अन्य कई युवकों की तरह मुंबई आए थे। वह भी एक अभिनेता बनना चाहते…
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देव आनंद की तीन और फिल्में बनाने की योजना थी

वह हमेशा एक परियोजना को खत्म करने की जल्दी में था और एक को खत्म करने से पहले, उसके दिमाग में तीन और विचार थे। जब वह अठ्ठाइस वर्ष के थे तब भी वह सांताक्रूज के खैरा नगर में अपने ऑफिस की सीढ़ियाँ चढ़ सकते थे। वह बिना किसी डर के लकड़ी के पुल…
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बर्थडे स्पेशल: एक शहंशाह जिन्होंने लाखों लोगों के दिलों पर राज किया

अली पीटर जॉन :- जो हिंदी फिल्मों के बारे में कुछ भी जानता है वह जानता है कि क्या अच्छा है और क्या बुरा अभिनेता मोहम्मद यूसुफ खान (दिलीप कुमार का असली नाम) उन्हें यह नाम बॉम्बे टॉकीज के संस्थापक देविका रानी द्वारा दिया गया था. जिन्होंने…
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पुण्यतिथि: देव आनंद के प्यार में इस ऐक्ट्रेस ने कभी नहीं की शादी

50 और 60 के दशक में हिंदी फिल्मों के सुपर स्टार रहे देव आनंद अपने समकालीन एक्टरों से हमेशा अलग थे। बॉलीवुड में कई हीरो आए लेकिन देव साहब को जो टक्कर दे सके, ऐसे हीरो कम ही थे। देव आनंद को हिंदी सिनेमा का लेजेंड कहा जाता है। देवानंद ने अपनी…
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