Ramesh Sippy Birthday Special: सीता और गीता से शोले और शान से लेकर शिमला मिर्च तक
बीते लम्हें: कुछ पुरुष (और महिलाएं) भाग्य से धन्य होते हैं या इसे वह अज्ञात शक्ति कहते हैं जो मनुष्य की ओर ले जाती है और कोई शक्ति, कोई बल और कोई भय नहीं बदल सकता है.
बीते लम्हें: कुछ पुरुष (और महिलाएं) भाग्य से धन्य होते हैं या इसे वह अज्ञात शक्ति कहते हैं जो मनुष्य की ओर ले जाती है और कोई शक्ति, कोई बल और कोई भय नहीं बदल सकता है.
यह 15 अगस्त, 1975 था! मैं जून में पच्चीस साल का हो गया था और मैंने खुद से किया एक वादा पूरा किया था. मुझे अपने जीवन के दो सबसे शानदार वर्षों को ख्वाजा नामक सबसे बड़ी एक-व्यक्ति संस्था के साथ बिताने के बाद “स्क्रीन” साप्ताहिक में एक स्थिर नौकरी मिली थी...
रकुल प्रीत सिंह ने फिल्म डीडीपीडी-2 में अपनी भूमिका को लेकर कहा कि उनके लिए किरदार की लंबाई से ज्यादा उसकी मजबूती और प्रभाव मायने रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रतिष्ठित अभिनेत्री रेखा जी के साथ अपना जन्मदिन साझा...
धर्मेंद्र के 90वें जन्मदिन के सिर्फ तीन दिन बाद क्लासिक फिल्म ‘शोले: द फाइनल कट 4K’ देशभर के 1500 थिएटर्स में फिर से रिलीज की जा रही है। निर्देशक रमेश सिप्पी ने इस मौके पर कहा कि धर्मेंद्र जैसा दूसरा कलाकार कभी नहीं हो सकता.......
सिडनी भारतीय फिल्म महोत्सव में ऑरिजिनल एंड वाली फिल्म शोले का विशेष प्रदर्शन किया जाएगा, जो अब तक दर्शकों के सामने नहीं आई है
भारतीय सिनेमा की सबसे आइकॉनिक फिल्म मानी जाने वाली ‘शोले’ अपनी स्वर्ण जयंती के मौके पर, फिल्म का पुनर्स्थापित संस्करण ’50वें टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव’ में प्रदर्शित किया गया....
मेरी निर्देशित फिल्म शोले (50 वर्ष) एक कालातीत सिनेमाई-आश्चर्य, एक शानदार एक्शन-भावनात्मक संगीत थ्रिलर (प्रतिभाशाली संगीतकार-गायक आर.डी.बर्मन) क्लासिक है!
15 अगस्त, 1975 को रिलीज़ हुई हिंदी सिनेमा की आईकोनिक फिल्म ‘शोले’ ने भारतीय सिनेमा की परिभाषा ही बदल दी थी. 2025 में अपने 50 साल पूरे कर चुकी इस क्लासिक फिल्म की स्वर्ण जयंती पर निर्देशक रमेश सिप्पी ने कुछ अनसुने किस्से और यादें साझा कीं...