‘Dhurandhar’ पर Rehman Dakait के करीबी दोस्त का बयान, फिल्म देख बोले– दो बार देख चुका हूं
ताजा खबर: फिल्म धुरंधर के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर रहमान डकैत का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है. रिलीज के बाद से ही यह फिल्म लगातार चर्चा में बनी हुई है.
ताजा खबर: फिल्म धुरंधर (dhurandhar) में सबसे ज़ोरदार सीटियाँ किसी हीरो की एंट्री या दमदार डायलॉग पर नहीं, बल्कि उस पल बजती हैं जब अक्षय खन्ना (Akshaye Khanna Dhurandhar villain) शांत क़दमों से रहमान डकैत के रूप में फ्रेम में दाख़िल होते हैं. यह तालियाँ असहज करती हैं, क्योंकि ये डर और आकर्षण के उस धुंधले बॉर्डर को दिखाती हैं, जहाँ सिनेमा और सच्चाई आपस में टकराते हैं. आदित्य धर की इस फिल्म में दिखाया गया रहमान डकैत जितना खौफनाक है, उसकी असली ज़िंदगी उससे कहीं ज़्यादा बेरहम और परेशान करने वाली रही है.
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रहमान डकैत (Rehman Dakait true story), जिनका असली नाम अब्दुल रहमान (rehman dakait real name) था, का जन्म 1976 में कराची के कुख्यात इलाके लयारी में हुआ. लयारी, जो दशकों से गैंगवार, ड्रग्स और अपराध-पुलिस गठजोड़ के लिए बदनाम रहा है, वहीं रहमान का बचपन बीता. BBC रिपोर्ट के मुताबिक, उसके पिता दाद मोहम्मद और उनके भाई ड्रग्स के धंधे में गहरे धंसे हुए थे. अपराध रहमान के लिए कोई विकल्प नहीं, बल्कि विरासत था.
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महज 13 साल की उम्र में रहमान ने पहली बार हिंसा का रास्ता चुना और एक व्यक्ति पर चाकू से हमला किया. 15 की उम्र में उसने दो ड्रग पेडलरों की हत्या कर दी. लेकिन उसकी ज़िंदगी का सबसे डरावना अध्याय 1995 में सामने आया, जब उसने अपनी ही मां खदीजा (Rehman Dakait mother killing) की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस के सामने उसने दावा किया कि उसकी मां पुलिस की मुखबिर बन गई थीं, हालांकि यह भी कहा जाता है कि उसे उनकी वफादारी पर शक था.
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जेल, गिरफ्तारी और फरारी रहमान की कहानी का हिस्सा बन चुके थे. 1995 में हथियार और ड्रग्स के मामले में गिरफ्तारी के बाद वह जेल से फरार हो गया और बलूचिस्तान जाकर अपना गैंग दोबारा खड़ा किया. 2000 के दशक की शुरुआत तक वह लयारी का सबसे ताकतवर गैंगस्टर बन चुका था. कहा जाता है कि गैंगवार के इस दौर में करीब 3,500 लोगों की जान गई.
Rehman Dakait – Original vs Movie
— ITS VIVEK (@Itsviveksay) December 8, 2025
AK Completely overshadowed even the original.🗿😂 #Dhurandharpic.twitter.com/V1TBedvRx1
रहमान सिर्फ अपराध की दुनिया तक सीमित नहीं रहना चाहता था. उसने खुद को ‘सरदार अब्दुल रहमान बलोच’ के रूप में रीब्रांड किया और पीपल्स अमन कमेटी बनाई, ताकि उसे राजनीतिक वैधता मिल सके. यही महत्वाकांक्षा लयारी को और ज्यादा खून में डुबोती चली गई.2006 में चौधरी असलम के नेतृत्व में लयारी टास्क फोर्स बनी, जिसका मकसद रहमान जैसे गैंगस्टरों का खात्मा था. आखिरकार 2009 में एक पुलिस मुठभेड़ में रहमान डकैत मारा गया. हालांकि यह एनकाउंटर आज भी विवादों में घिरा है और कई लोग इसे फर्जी बताते हैं.
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रहमान डकैत कराची के लयारी इलाके का कुख्यात गैंगस्टर था, जिसका असली नाम अब्दुल रहमान था.
हां, फिल्म धुरंधर में अक्षय खन्ना का किरदार रहमान डकैत की वास्तविक ज़िंदगी से प्रेरित माना जाता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रहमान को शक था कि उसकी मां पुलिस की मुखबिर हैं, इसी शक में उसने उनकी हत्या कर दी.
वह महज 15 साल का था जब उसने यह जघन्य अपराध किया.
रहमान का परिवार पहले से ही ड्रग्स और अपराध के धंधे में शामिल था, इसलिए उसका बचपन हिंसा और अपराध के माहौल में बीता.
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