ए आर रहमान पिछले 25 सालों से अपने अनोखे संगीत और संगीत के साथ नए नए प्रयोगों को लेकर प्रख्यात हैं। नब्बे के दशक से शुरु हुआ रहमान का जादू आज बरसों बाद भी वैसा ही बना हुआ है। ए आर रहमान सिर्फ फ्यूज़न युक्त धुनों के लिए ही मशहूर नहीं हैं, बल्कि वह अपने म्यूज
Advertisment
Siddharth Arora 'Sahar'
सिद्धार्थ अरोरा 'सहर' एक प्रतिभाशाली बॉलीवुड लेखक और अनुभवी समीक्षक हैं। बॉलीवुड समाचारों, फिल्म विश्लेषण और सिनेमाई चर्चाओं पर इनकी गहरी पकड़ और सूक्ष्म दृष्टि उनके लेखन को विशिष्ट बनाती है। अपने सारगर्भित विश्लेषण और रोचक शैली के कारण वह पाठकों के बीच विशेष पहचान रखते हैं।
आज यानी 21 जून सोमवार की सुबह साढ़े छः बजे देश और दुनिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी योग के बढ़ते रुझानों पर गर्व भी जताया और इसे कोरोना से लड़ने में कारगर हथियार बताया। उन्होंने कहा कि विश्व भर में कोरोना से मुकाबला करते हुए योग
मायापुरी की अपील के अनुसार जहाँ वोट वहाँ वैक्सीन कैम्पेन की तर्ज पर पोल-बूथ पर Vaccine लगेगी कौन कहता है कि असमान में सुराख हो नहीं सकता एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों – दुष्यंत कुमार जी की ये कविता भले ही अतिश्योक्ति लगती हो पर इसकी हर एक लाइन ब
कहते हैं ऊपर वाला जब भी देता है छप्पड़ फाड़ के देता है, पर क्या हम जो मिले उसका एक अंश भी ख़ुश होकर, निःस्वार्थ कहीं किसी को दे पाते हैं? हम सब कोई न कोई काम ऐसा कर ही रहे हैं जिससे हम पैसा कमा सकें, उसी कमाए पैसे से हम कभी किसी भिखारी की ओर सिक्का भी उछाल द
कोर्ट में पेश होते ही केआरके का वकील हुआ बैकफुट पर, कहा अब केआरके सलमान के ख़िलाफ़ कुछ नहीं बोलेंगे कमाल रशीद खान यानी केआरके सेल्फ क्लेम्ड फिल्म समीक्षक हैं जो एक विलन नामक फिल्म में छोटा सा रोल भी कर चुके हैं. केआरके के नाम से मशहूर इस समीक्षक ने जब सल
ऋचा चड्ढा अपने नए इंस्टाग्राम पेज 'द काइंडरी' के ज़रिये एक नए मिशन पर रोज़ाना गुमनाम नायकों को सेलिब्रेट करेंगी पिछले एक साल में, मौत, तबाही, चिकित्सा सहायता की कमी, गरीबी और बेरोजगारी की कहानियां समाचार चक्र पर हावी रही हैं। ठीक ऐसे समय में, हमें एक देश
ये इतना मुश्किल दौर है कि बहुत सी जान कोविड की वजह से नहीं बल्कि घबराहट की वजह से, हिम्मत हार जाने की वजह से जा रही हैं. covid से ठीक हुए पेशेंट को हार्ट अटैक लील रहा है. किसी को इस बात की घबराहट है कि कहीं ऐसा न हो वो कल को मर जाए, इसलिए उसने आज जीना छोड़
हम उस दौर से गुज़र रहे हैं जहाँ इंसान कौन है और हैवान कौन, ये पहचानना मुश्किल हो रहा है। आज भारत में मात्र दो जगह ही लोग ही देखे जा रहे हैं। एक वो जो अस्पताल के अन्दर हैं, कोरोना से जूझ रहे हैं, ज़िन्दगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं और दूसरे हॉस्पिटल के बाहर, अ
हम उस दौर से गुज़र रहे हैं जहाँ इंसान कौन है और हैवान कौन, ये पहचानना मुश्किल हो रहा है। आज भारत में मात्र दो जगह ही लोग ही देखे जा रहे हैं। एक वो जो अस्पताल के अन्दर हैं, कोरोना से जूझ रहे हैं, ज़िन्दगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं और दूसरे हॉस्पिटल के बाहर, अ
ये इतना मुश्किल दौर है कि बहुत सी जान कोविड की वजह से नहीं बल्कि घबराहट की वजह से, हिम्मत हार जाने की वजह से जा रही हैं. covid से ठीक हुए पेशेंट को हार्ट अटैक लील रहा है. किसी को इस बात की घबराहट है कि कहीं ऐसा न हो वो कल को मर जाए, इसलिए उसने आज जीना छोड़
Advertisment
/mayapuri/media/media_files/2026/01/19/870541226526063880-2026-01-19-15-29-41.jpg)
Advertisment
Latest Stories
/mayapuri/media/post_banners/0ccca218a0c0b9d9b1e62c39b4c8d7c5e1e3644826c9bd8b64eb60eb6935e738.png)
/mayapuri/media/post_banners/b571ce16d8c0e6ee0377d8ed1befe2e28553e05a38885a7de46d042a92fc62f8.jpg)
/mayapuri/media/post_banners/17c0b25e18bac8f855f5b95dc97e990fff32517468e8c9474ce248ae3a22ec44.png)
/mayapuri/media/post_banners/0bac0a627c3737ebbc4fcc9c4bf75f734ea27d78ea865da6791103cc10e1a08e.jpg)
/mayapuri/media/post_banners/19729e538958b9413c0d459c5193cdd3240dd9cbbcae3046ac1a5241df1dcdc7.jpg)
/mayapuri/media/post_banners/02d281ba057681a7e42eff16736fa1c7d7b402ccb593142687e438ef41dde2ed.jpg)
/mayapuri/media/post_banners/d11d224fd64778d5cfde7c6102f384b6e65b335d52e2b4cbcd81f1b8d38e60cc.png)
/mayapuri/media/post_banners/f87a9867bd7c05bc1e9df8b24216c6a0d4a2208bd8a096e7c96ccd7be89f6cb5.png)
/mayapuri/media/post_banners/7c5b7ee11900827c0daf62f8a14a2a732dd859f584a0ee8293132facfde9e791.png)
/mayapuri/media/post_banners/50b13f9255af5d8c20c981f906a3cb833737bd5821566724873e2d016aabefd3.png)