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होली का नाम लेते ही अगर किसी बॉलीवुड स्टार का खुलकर हंसते हुए रंग भरी तस्वीर आँखों के सामने आती है, तो वो हैं अक्षय कुमार। एक्शन हीरो, फिटनेस आइकन, अनुशासन के पक्के, लेकिन दिल से पूरे फैमिली मैन। उनके लिए होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि पुरानी खट्टी मीठी यादों, अपनों के साथ, बचपन की मासूम खुशियों को फिर से जीने के दिन है। अक्षय कई बार इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट में बता चुके हैं कि होली उन्हें अपने बचपन में वापस ले जाती है। (Akshay Kumar Holi)
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अक्षय कुमार का बचपन दिल्ली और फिर मुंबई में बीता। होली अंक के लिए दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि बचपन की होली उनके लिए किसी जंग से कम नहीं हुआ करती थी। होली आने के सप्ताह भर पहले से ही अक्षय होली की तैयारियों में जुट जाते थे। पॉकेट मनी जमा कर के वे होली की हुड़दंग के सामान जुटाने लगते थे। होली वाले दिन, अक्षय सुबह से ही दोस्तों के साथ तैयार हो जाते थे। पिचकारी, रंग, गुब्बारे, पानी से भरी बाल्टियाँ — सब पहले से जमा कर ली जाती थीं। वे हंसते हुए याद करते हैं कि होली के दिन किसी को भी सूखा छोड़ना उनका नियम नहीं था। एक बार उन्होंने कहा था, “होली के दिन हम बच्चों की पूरी गैंग निकल पड़ते थे। फिर जो भी सामने दिख जाए , उसे पकड़ कर रंग डालते थे। जो लोग हमउम्र के होते तो सब दोस्त मिलकर उसे उठा कर किसी पानी से भरे हौद में डंक कर देते थे। उस दिन उस दिन कोई बुरा नहीं मानता था।” (Akshay Kumar Holi childhood memories)
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अक्षय के जहन में में सबसे खास बात थी दिल्ली में रहने के पास दौरान, मोहल्ले का माहौल। हर घर से गुजिया, जलेबी, खीर, मालपुआ और कई और पकवानों की खुशबू आती थी। अक्षय गुजिया, मठरी, नमकीन को याद करके बचपन के ज़माने की सैर कर आते हैं, और इन सबके बीच जो सबसे जरूरी होती है वो है ठंडाई। अक्षय खुद अपने हाथों से ठंडाई तैयार करते थे, मूड और माहौल हो तो आज भी ठंडाई छान लेते हैं।
अक्षय बताते हैं कि उन दिनों होली का असली मज़ा दोस्तों के साथ शरारत भरे खेलों में होता था। लेकिन साथ ही, उससे भी ज्यादा आनंद आता था, खेल कूद और दुनिया भर की रंगों वाली धमाकचौड़ी के बाद घर लौटकर माँ के हाथ का बना होली स्पेशल खाना खाने में जो सुकून था, वो आनंद अलग ही होता था। अक्षय कहते हैं, “त्योहार की असली खुशी घर पर ही मिलती है। बाहर कितनी भी मस्ती कर लो, आखिर में परिवार के साथ बैठना ही सबसे अच्छा लगता है।” (Akshay Kumar Delhi Holi celebration)
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समय बदला, ज़िंदगी बदली, अक्षय सुपरस्टार बने, लेकिन होली को लेकर उनका नजरिया आज भी सीधा और साफ है। वे अक्सर कहते हैं कि होली दिल से मनानी चाहिए, दिखावे से नहीं। एक होली संदेश में उन्होंने लिखा था, “कुछ त्योहार सिर्फ मनाए नहीं जाते, बल्कि जिए जाते हैं। होली उन्हीं में से एक है।” इस एक पंक्ति में उनका पूरा नजरिया साफ उजागर हो जाता है। उनके मुताबिक होली का मतलब है पुरानी शिकायतें भूलना, गले मिलना और नए सिरे से शुरुआत करना।
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आज जब वे अपने परिवार के साथ होली मनाते हैं, तो तस्वीर थोड़ी अलग जरूर है, लेकिन भाव वही हैं।
अक्षय अपनी पत्नी ट्विंकल और बच्चों आरव तथा नितारा के साथ हर त्योहार मनाना पसंद करते हैं। पति पत्नी दोनों का रिश्ता दोस्ती और समझदारी पर टिका है, और त्योहारों पर यह बात साफ दिखती है। होली के दिन पूरा परिवार अक्सर घर पर ही सादगी से रंग खेलते हैं। बड़ी फिल्मी पार्टियों में वे कम ही नजर आते हैं। अक्षय कई बार कह चुके हैं कि उन्हें भीड़ से ज्यादा घर की शांति पसंद है। और क्योंकि हेल्थ कॉन्शियस अक्षय रात को जल्दी सो जाते हैं तो कहीं भी वे नाइट पार्टी पर नहीं जाते। (Akshay Kumar festival memories interview)
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साल 2021 की होली पर अक्षय ने अपनी नन्ही सी बेटी Nitara के साथ एक प्यारी सी तस्वीर शेयर की थी। दोनों के चेहरे पर हल्का पीला गुलाल लगा था और चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान थी । वो कोरोना का ज़माना था। उन्होंने अपने पोस्ट में सबको घर पर रहकर अपने परिवार के साथ होली मनाने की गुजारिश की थी। उस पोस्ट के साथ उन्होंने यह भी लिखा था , “No bigger joy than festivities with those who are a part of you.” यानी जिनके साथ आपका दिल जुड़ा है, उनके साथ त्योहार मनाने से बड़ी कोई खुशी नहीं। यह लाइन उनके परिवार प्रेम को साफ दिखाती है।
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उनके बेटे Aarav Kumar भी अब बड़े हो चुके हैं। अक्षय हमेशा से अपने बच्चों को लाइमलाइट से थोड़ा दूर ही रखते हैं। वे मानते हैं कि बच्चों को एक आम बच्चे की तरह सामान्य जिंदगी जीने का मौका मिलना चाहिए। होली जैसे त्योहार पर भी वे यही कोशिश करते हैं कि घर का माहौल सामान्य और खुशहाल रहे। ज्यादा शोर-शराबा नहीं, कोई जमघट वाली लंबी चौड़ी पार्टी नहीं — बस अपने लोग, थोड़े रंग और ढेर सारी हंसी।
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ट्विंकल खन्ना भी कई बार होली पर मजेदार पोस्ट शेयर करती हैं। एक बार उन्होंने परिवार के साथ साधारण खेल खेलते हुए वीडियो शेयर किया था और बताया कि किसी भी त्योहार का मजा छोटी-छोटी खुशियों में है। अक्षय कुमार का परिवार सच में साबित करता है कि खुश रहने के लिए बहुत बड़े इंतजाम की जरूरत नहीं होती। (Akshay Kumar Holi food gujiya thandai)
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अक्षय पर्यावरण को लेकर भी सजग रहते हैं। वे कई मौकों पर लोगों से अपील कर चुके हैं कि त्योहार जिम्मेदारी से मनाएं। पानी की बर्बादी न करें, केमिकल वाले रंगों से बचें और दूसरों की इच्छा का सम्मान करें। उनका मानना है कि होली खुशी का त्योहार है, किसी को परेशान करने का नहीं। वे कहते हैं, “आज पहले जैसा ज़माना नहीं है, जागरुकता का ज़माना है। अब जब जागो तब सवेरा है, यानी होली खेलिए, लेकिन किसी की सेहत या भावना को नुकसान पहुंचाकर नहीं।”
फिल्मों में भी अक्षय ने कई गीत और दृश्यों के साथ होली के रंगों को जिया है। चाहे पुराने दौर की मस्ती हो या नए जमाने की फिल्में, पर असल जिंदगी में वे ज्यादा सादगी पसंद करते हैं। शूटिंग के दौरान भी अगर होली का त्योहार आ जाए तो वे पूरी टीम के साथ हल्का-फुल्का रंग लगाकर शुभकामनाएं देते हैं, लेकिन हमेशा अनुशासन बनाए रखते हैं। सुबह जल्दी उठने और फिटनेस रूटीन न छोड़ने की उनकी आदत त्योहारों पर भी कायम रहती है।
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अगर अक्षय के नजरिए से देखें तो होली का असली मतलब है जुड़ाव। वे कहते हैं, “होली हमें याद दिलाती है कि जिंदगी में रंग जरूरी हैं। काम, जिम्मेदारियां सब अपनी जगह हैं, लेकिन अपनों के लिए समय निकालना भी उतना ही जरूरी है।” उनकी बातों में एक सादगी है, जो दिल को छू जाती है।
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बचपन की शरारतों से लेकर आज अपने बच्चों के साथ शांत, खुशहाल होली मनाने तक का सफर यह साबित करता है कि इंसान चाहे कितना भी बड़ा स्टार क्यों न बन जाए, त्योहार उसे उसकी जड़ों से जोड़ ही देते हैं। अक्षय कुमार की होली में होड़ हुड़दंग कम और अपनापन ज्यादा है। वे बड़े-बड़े होली बैश से ज्यादा घर की बालकनी में परिवार के साथ हंसते हुए नजर आना पसंद करते हैं। (Akshay Kumar lifestyle and family festivals)
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अगर अक्षय की सोच को एक लाइन में समझना हो, तो शायद वही बात दोहरानी होगी जो वे कह चुके हैं: “कुछ त्योहार सिर्फ मनाए नहीं जाते, बल्कि जिए जाते हैं।” और सच में, उनकी होली देखकर लगता है कि वे इस त्योहार को हर साल दिल से जीते हैं — पहले एक शरारती बच्चे की तरह, और आज एक जिम्मेदार पिता और पति की तरह।
FAQ
Q1. Akshay Kumar के लिए होली का क्या मतलब है?
उनके लिए होली बचपन की यादों और परिवार के साथ खुशी मनाने का खास त्योहार है।
Q2. अक्षय कुमार की बचपन की होली कैसी थी?
उनकी होली दोस्तों के साथ मस्ती, रंगों और पानी की शरारतों से भरी होती थी।
Q3. अक्षय कुमार होली की तैयारी कैसे करते थे?
वे एक हफ्ते पहले से पॉकेट मनी जमा कर रंग, पिचकारी और गुब्बारे खरीदते थे।
Q4. होली पर अक्षय कुमार क्या खास करते थे?
वे दोस्तों के साथ हर किसी को रंग लगाते थे और पानी में डुबोने तक की मस्ती करते थे।
Q5. होली के दौरान कौन-कौन से पकवान खास थे?
गुजिया, जलेबी, खीर, मालपुआ और ठंडाई त्योहार को खास बनाते थे।
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