शाहरूख खान की फिल्म ‘जीरो’ के निर्माता और निर्देशक के खिलाफ सिख समुदाय ने फिल्म के एक सीन के खिलाफ केस दायर किया हुआ है , जिसमें शाहरूख कमर में कृपाण लगाये हुये हैं। उनका कहना है कि फिल्म के ट्रेलर सिखों की भावनाओं को आहत करने वाले हैं। एडवोकेट अमृत सिंह
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Shyam Sharma
रेटिंग 0 लेखक निर्देशक विशाल मिश्रा की फिल्म ‘होटल मिलन’ एक ऐसे उल्टे सीधे हास्य पर आधारित है, जिसे देखते हुये कुछ सोचने समझने की जरूरत नहीं। कुणाल राय कपूर एक ऐसे पंडित का बेरोजगार बेटा है जिसे बाप अपने जैसा पंडित बनाना चाहता है लेकिन कुणाल को पंडताई म
रेटिंग**** कई फिल्म फेस्टिवल्स में सराही जा चुकी निर्देशक विनोद कापड़ी की फिल्म ‘ पीहू’ एक दो साल की बच्ची के इर्द गिर्द बुनी गई एक रोमांचक कहानी पर बनी शानदार फिल्म है । फिल्म की इकलौती किरदार पीहू यानि मायरा विश्वकर्मा महज दो साल की है । एक रात पहले उस
रेटिंग** छह साल बाद पर्दे का मुंह देख पाने में निर्देशक चन्द्रप्रकाश द्विवेदी की फिल्म ‘ मौहल्ला अस्सी’ आखिर सफल हो ही गई। साहित्यकार काशीनाथ के अपन्यास पर आधारित काशी का अस्सी ये फिल्म समय की मार से थोड़ी जर्जर तो हुई लेकिन अपनी बात कहने में सफल है। फिल
पहलाज निहलानी की फिल्म ‘ रंगीला राजा’ से तीन लड़कियों ने डेब्यु किया है। उनमें से एक का नाम है मिशिका चौरसिया। मिशिका का जन्म नागपूर में हुआ और उसकी पढ़ाई लिखाई हुई बैंगलुरू में। एक्टिंग के बारे में कभी न सोचने वाली मिशिका का फिर किस तरह आगमन हुआ बॉलीवुड मे
यशराज बैनर की बिग बजट फिल्म ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान एक तो दर्शकों की पंसद पर खरी साबित नहीं हो पा रही, ऊपर से तमिल रॉकर्स वेबसाइट ने फिल्म रिलीज होने के कुछ ही घंटो बाद ऑनलाइन लीक कर दी। इस वेबसाइट को इन्टरनेशनल लेबल पर चलाया जाता है कितनी ही कोशिशों के बाद भ
रेटिंग** अमिताभ बच्चन और आमिर खान एक साथ किसी फिल्म में। दर्शकों का दोनों को एक साथ देखने का उत्साह चर्म पर। लेकिन फिल्म देखने के बाद हर दर्शक सिर खुजाता या उगंलिया मरोड़ता बाहर निकलता हुआ अपने आपको ठगा महसूस करता है। बात हो रही हैं यशराज बैनर और निर्देशक
फिल्म स्टार्स के बीच आत्मकथा लिखने का फैशन है लिहाजा जिसके चलते कितने ही स्टार्स की आत्म कथायें बाहर आ चुकी हैं। पिछले दिनों करण जौहर, हेमा मालिनी तथा ऋषि कपूर की आत्मकथायें काफी पॉपुलर हुई। अब गोविंदा ने भी अपनी आत्मकथा लिखने की जिज्ञासा प्रकट की है। बक
वडाली ब्रदर्स के पदमश्री पूरनचंद वडाली अस्सी वर्ष की उम्र में भी पूरे जोश और होश में गा रहे हैं। इस बात का एहसास हुआ सिनेमिर्ची प्रोडक्शन की फिल्म ‘लस्ट वाला लव’ के एक सूफी गीत की रिकॉर्डिंग पर। दरअसल अपने छोटे भाई प्यारे लाल वडाली की मौत के बाद पूरनचंद व
रेटिंग** एक फिल्म बनाने में कितने दिन कितने लोग और कितना पैसा लगता है, फिर भी लोग बाग न जाने क्यों ऐसी फिल्में बनाते रहते हैं जिनका कोई सिर पैर नहीं होता। निर्देशक सचिन पी कर्नाड की कॉमेडी फिल्म ‘जैक एंड दिल’ एक ऐसी ही फिल्म है जिस पर ये बातें फिट बैठती
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