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ताजा खबर: साउथ सुपरस्टार यश (Yash upcoming film Toxic)की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है. साल 2026 की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल इस फिल्म का टीजर सामने आते ही जहां फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, वहीं अब इस पर कानूनी सवाल भी खड़े हो गए हैं. फिल्म के टीजर को लेकर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया है.
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दरअसल, कर्नाटक के सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कल्लाहल्ली ने ‘टॉक्सिक’ के टीजर में दिखाए गए एक सीन पर आपत्ति जताई है. उन्होंने टीजर के एक दृश्य को अश्लील, यौन उत्तेजक और नैतिक रूप से आपत्तिजनक बताते हुए सीबीएफसी में शिकायत दी है. यह सीन कार के अंदर फिल्माया गया बताया जा रहा है, जिसे लेकर कार्यकर्ता का कहना है कि यह सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन करता है.
सोशल मीडिया पर खुलेआम चल रहा है टीजर (Yash Toxic controversy)
शिकायत में यह भी कहा गया है कि फिल्म का टीजर बिना किसी तरह की रोक-टोक के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहा है. इससे न सिर्फ वयस्क बल्कि नाबालिग और युवा वर्ग भी ऐसी सामग्री के संपर्क में आ रहे हैं, जो कानूनन और सामाजिक दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है. शिकायतकर्ता का मानना है कि इस तरह का कंटेंट समाज पर गलत असर डाल सकता है और सार्वजनिक नैतिकता को ठेस पहुंचाता है.
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संवैधानिक सीमाओं के उल्लंघन का आरोप (Toxic movie teaser controversy)
दिनेश कल्लाहल्ली ने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया है कि ‘टॉक्सिक’ का टीजर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की संवैधानिक सीमाओं का उल्लंघन करता है. उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान भले ही अभिव्यक्ति की आज़ादी देता है, लेकिन अश्लीलता और यौन रूप से स्पष्ट सामग्री को कभी भी संरक्षित नहीं किया गया है.
उन्होंने सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952, फिल्म प्रमाणन नियमों और सीबीएफसी की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए कहा कि फिल्मों और उनके प्रचार कंटेंट को शालीनता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी के दायरे में रहकर ही पेश किया जाना चाहिए.
सीबीएफसी से क्या मांग की गई है? (Yash Toxic CBFC complaint)
शिकायतकर्ता ने सीबीएफसी से मांग की है कि टीजर की तुरंत समीक्षा की जाए और आपत्तिजनक सीन हटाए जाएं. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि जब तक जरूरी बदलाव नहीं होते, तब तक टीजर के प्रसारण पर रोक लगाई जानी चाहिए.इतना ही नहीं, उन्होंने फिल्म के निर्देशक, निर्माता और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है. उनका कहना है कि यह मामला सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सार्वजनिक नैतिकता, नाबालिगों की सुरक्षा और कानून के शासन जैसे गंभीर मुद्दे जुड़े हुए हैं.
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मेकर्स की चुप्पी, रिलीज डेट बरकरार
फिलहाल इस पूरे विवाद पर फिल्म के मेकर्स की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है और इसका पूरा नाम है ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’.
इस फिल्म में यश के अलावा कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, रुक्मिणी वसंत और तारा सुतारिया जैसे बड़े सितारे अहम भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं. फिलहाल फिल्म की कहानी को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन टीजर के बाद से ही इसे लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्सुकता बनी हुई है.
19 मार्च को रिलीज की तैयारी
तमाम विवादों के बीच ‘टॉक्सिक’ अब भी अपनी तय तारीख 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने की तैयारी में है. हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि सीबीएफसी इस शिकायत पर क्या फैसला लेता है और क्या इस विवाद का फिल्म की रिलीज पर कोई असर पड़ता है या नहीं.
FAQ
1. यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ विवादों में क्यों फंसी है?
फिल्म के टीजर में दिखाए गए एक सीन को लेकर कर्नाटक के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने उसे अश्लील और नैतिक रूप से आपत्तिजनक बताया है और इसी वजह से सीबीएफसी में शिकायत दर्ज कराई गई है.
2. शिकायत किसने दर्ज कराई है?
यह शिकायत कर्नाटक के सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कल्लाहल्ली ने की है.
3. टीजर के किस सीन पर आपत्ति जताई गई है?
टीजर में कार के अंदर दिखाए गए एक यौन उत्तेजक दृश्य को लेकर आपत्ति जताई गई है, जिसे शिकायतकर्ता ने अश्लील और सामाजिक रूप से हानिकारक बताया है.
4. शिकायतकर्ता ने सीबीएफसी से क्या मांग की है?
उन्होंने सीबीएफसी से मांग की है कि —
टीजर की तुरंत समीक्षा की जाए
आपत्तिजनक सीन हटाए जाएं
जरूरत पड़ने पर टीजर के प्रसारण पर रोक लगाई जाए
फिल्म से जुड़े जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई हो
5. क्या यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा है?
शिकायतकर्ता का कहना है कि अभिव्यक्ति की आज़ादी की भी एक संवैधानिक सीमा होती है और अश्लील व यौन रूप से स्पष्ट सामग्री उस दायरे में नहीं आती.
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